Bada Mangal 2026: सनातन धर्म में ज्येष्ठ माह के मंगलवारों का अत्यंत पवित्र महत्व है, जिन्हें ‘बड़ा मंगल’ या ‘बुढ़वा मंगल’ के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि इस पावन महीने में बजरंगबली की आराधना करने से जीवन के बड़े से बड़े संकट भी दूर हो जाते हैं। आज ज्येष्ठ मास का पांचवां बड़ा मंगल है, जो भक्तों के लिए भक्ति और साधना का विशेष दिन है। यदि आप भी अपने जीवन में शांति और उन्नति चाहते हैं, तो हनुमान जी की प्रिय वस्तुओं का भोग लगाकर उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।
भक्तों के लिए बड़ा मंगल और सकारात्मक ऊर्जा का संचार
ज्येष्ठ मास के इन मंगल दिनों में भगवान हनुमान अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाते हैं। इस दिन कई भक्त व्रत रखते हैं, सुंदरकांड का पाठ करते हैं और जरूरतमंदों को भोजन कराकर पुण्य कमाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जी की उपासना से भय, बाधाएं और नकारात्मकता का अंत होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आज के दिन की गई पूजा मनोकामनाओं की पूर्ति का मार्ग प्रशस्त करती है।
बूंदी के लड्डू और चना-गुड़ का अर्पण कर प्रसन्न करें बजरंगबली
हनुमान जी को बूंदी के लड्डू अत्यंत प्रिय हैं, अतः बड़े मंगल पर श्रद्धापूर्वक इनका भोग लगाना सौभाग्य लाता है। इसके अलावा, भुना हुआ चना और गुड़ अर्पित करना भी शुभ माना जाता है। भक्त पूजा के उपरांत इस प्रसाद को लोगों में वितरित करते हैं, जिससे घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। कुछ परंपराओं में तुलसी के पत्ते भी अर्पित किए जाते हैं, जिन्हें हनुमान जी की कृपा पाने का एक सरल माध्यम माना जाता है।
सिंदूर, चमेली तेल और मौसमी फलों का प्रसाद
बजरंगबली को केसरिया सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करना साहस और आत्मविश्वास में वृद्धि करने वाला माना जाता है। भक्त इस दिन हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाकर चमेली के तेल का दीपक प्रज्वलित करते हैं। साथ ही, केले, आम और अन्य मौसमी फलों का भोग लगाना भी शुभ है। इसके अतिरिक्त, घी और गुड़ से तैयार बेसन या आटे का ‘चूरमा’ भी हनुमान जी को बहुत प्रिय है, जिसे भक्तिभाव से अर्पित किया जाता है।
अभी शेष हैं तीन बड़े मंगल
ज्येष्ठ मास में इस वर्ष अभी तीन बड़े मंगल और शेष हैं, जिससे भक्तों को आराधना का और अवसर मिलेगा। यदि आप किन्हीं कारणों से पिछले मंगलवारों पर पूजा नहीं कर पाए हैं, तो आने वाले मंगल पर विशेष अर्चना कर सकते हैं। छठा बड़ा मंगल 9 जून, सातवां 16 जून और आठवां बड़ा मंगल 23 जून 2026 को मनाया जाएगा।
पूजा विधि और सावधानी
बड़े मंगल के दिन सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ करें। लाल फूल, सिंदूर और प्रिय भोग अर्पित करते हुए अपनी सामर्थ्य अनुसार दान-पुण्य अवश्य करें। सच्चे मन से की गई सेवा ही हनुमान जी को प्रसन्न करती है।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य सूचनाओं पर आधारित है। Prime TV India इसकी पुष्टि नहीं करता है।










