Azam Khan News: समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान को एक बड़े मामले में अदालत से राहत मिली है। शत्रु संपत्ति के रिकॉर्ड में कथित हेरफेर से जुड़े मामले में उन्हें एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट से जमानत मिल गई है। इस फैसले के बाद उनके कानूनी मामलों में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।
यह मामला उस समय और गंभीर हो गया था जब अदालत ने इसमें अतिरिक्त धाराएं जोड़ दी थीं। अदालत में सुनवाई के बाद अब बढ़ी हुई धाराओं के तहत भी आजम खान को जमानत प्रदान कर दी गई है।
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2020 में दर्ज हुआ था मामला
यह पूरा मामला 9 मई 2020 का है, जब शत्रु संपत्ति के रिकॉर्ड में कथित रूप से छेड़छाड़ और हेरफेर करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धाराएं 420, 468 और 120-बी शामिल थीं। बाद में जांच के दौरान मामले में गंभीरता बढ़ी और इसमें धारा 467, 471 और 201 भी जोड़ दी गईं। इसी कारण आजम खान की कानूनी स्थिति और जटिल हो गई थी।
सप्लीमेंट्री चार्जशीट में नाम शामिल
आजम खान के वकील नासिर सुल्तान ने बताया कि सप्लीमेंट्री चार्जशीट में उनके साथ उनके बेटे अब्दुल्ला आजम का नाम भी शामिल किया गया था। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया और लंबी हो गई। वकील के अनुसार, पहले इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने अप्रैल 2025 में ही आजम खान को जमानत दे दी थी, लेकिन बाद में जांच के दौरान नई धाराएं जोड़ दी गईं, जिससे मामला दोबारा जटिल हो गया।
पहले से कई मामलों में हैं जेल में
आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम पहले से ही दो पैन कार्ड मामले में 7-7 साल की सजा के तहत रामपुर जेल में बंद हैं। शत्रु संपत्ति मामला उनके लिए एक अतिरिक्त कानूनी चुनौती बन गया था। हालांकि इस मामले में अब अदालत से राहत मिलने के बाद उनकी स्थिति कुछ हद तक आसान हुई है।
अन्य आरोपियों को पहले ही मिल चुकी है जमानत
वकील ने यह भी जानकारी दी कि इस मामले में अन्य आरोपी पहले ही जमानत पर बाहर हैं। केवल आजम खान के खिलाफ ही नई धाराएं जोड़ी गई थीं, जिसके कारण उनकी जमानत लंबित थी। अब उन्हीं बढ़ी हुई धाराओं में अदालत ने उन्हें राहत देते हुए जमानत मंजूर कर दी है।
राजनीतिक और कानूनी हलचल जारी
इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है। आजम खान के समर्थक इसे बड़ी कानूनी राहत मान रहे हैं, जबकि कानूनी प्रक्रिया अभी भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।फिलहाल यह मामला आगे की सुनवाई और ट्रायल प्रक्रिया में बना रहेगा, लेकिन जमानत मिलने से आजम खान को बड़ी राहत जरूर मिली है।










