UP News: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश में महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नए सुरक्षा प्लान के तहत अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर समेत कई महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को और चाक-चौबंद किया जाएगा। इसके लिए आधुनिक हथियारों और निगरानी उपकरणों की खरीद की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की सुरक्षा में तैनात होंगे प्रशिक्षित स्नाइपर

बताते चले कि, अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए संवेदनशील स्थानों पर प्रशिक्षित स्नाइपरों की तैनाती की योजना बनाई गई है। इसके तहत तीन स्नाइपर राइफलों की खरीद को मंजूरी दी गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एक स्नाइपर राइफल की अनुमानित कीमत करीब 10.76 लाख रुपये है।
स्नाइपर राइफल लंबी दूरी से अत्यधिक सटीक निशाना लगाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला विशेष हथियार है। सुरक्षा व्यवस्था में ऐसे हथियारों का इस्तेमाल आमतौर पर बेहद संवेदनशील और रणनीतिक स्थानों की निगरानी तथा संभावित खतरे से निपटने के लिए किया जाता है।
अयोध्या समेत इन संवेदनशील स्थानों पर बढ़ेगी सुरक्षा
नए सुरक्षा प्लान का दायरा केवल श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तक सीमित नहीं है। अयोध्या के राम मंदिर के अलावा हाई कोर्ट, लोकभवन, रीजनल रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम और मेट्रो स्टेशनों जैसे संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा को भी मजबूत करने का फैसला लिया गया है। राम मंदिर परिसर में उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल यानी यूपीएसएसएफ के जवानों के साथ प्रशिक्षित स्नाइपर्स की तैनाती की योजना है। इससे महत्वपूर्ण स्थानों पर निगरानी और सुरक्षा प्रतिक्रिया को और मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
राम मंदिर की निगरानी के लिए टेलीस्कोपिक सर्च मिरर भी खरीदे जाएंगे
सुरक्षा व्यवस्था को केवल हथियारों तक सीमित नहीं रखा गया है। निगरानी और तलाशी अभियान को बेहतर बनाने के लिए 14 टेलीस्कोपिक सर्च मिरर खरीदने की भी योजना है। इन उपकरणों का इस्तेमाल ऐसे स्थानों की जांच में किया जा सकता है, जहां सुरक्षाकर्मियों के लिए सीधे पहुंचना मुश्किल होता है। अयोध्या जैसे हाई-सिक्योरिटी जोन में निगरानी उपकरणों के इस्तेमाल से सुरक्षा जांच की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
सांसदों और विधायकों की सुरक्षा में भी बदलेंगे पुराने हथियार
योगी सरकार ने जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों के हथियारों को भी आधुनिक बनाने का फैसला किया है। शासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, सांसदों और विधायकों की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों को नए असलहे उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा पीएसी की नवगठित महिला वाहिनियों को भी स्वचालित हथियार उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। सरकार का उद्देश्य सुरक्षा बलों को उनकी जिम्मेदारियों के अनुरूप आधुनिक हथियारों से लैस करना है।
800 सब मशीनगन और 2.56 लाख कारतूस की होगी खरीद
शासन के आदेश के मुताबिक, जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों के लिए 9 एमएम की 800 सब मशीनगन खरीदी जाएंगी। इनके साथ करीब 2.56 लाख कारतूस खरीदने की भी योजना है। इन हथियारों और कारतूसों की खरीद के लिए सरकार ने कुल 5.59 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। इस फैसले के साथ सुरक्षा ड्यूटी में तैनात जवानों के पुराने हथियारों को बदलकर उन्हें आधुनिक हथियार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था पर सरकार का जोर

राम मंदिर समेत संवेदनशील सरकारी और सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए हथियारों के साथ आधुनिक निगरानी उपकरणों पर भी जोर दिया जा रहा है। स्नाइपर राइफल, टेलीस्कोपिक सर्च मिरर और नए हथियारों की खरीद इसी व्यापक सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा है। कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश सरकार की नई योजना में अयोध्या राम मंदिर की सुरक्षा, संवेदनशील स्थानों की निगरानी और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा को मजबूत करने पर फोकस किया गया है।










