Arvind Kejriwal: इंस्टाग्राम अकाउंट बैन पर भड़के केजरीवाल, मेटा और केंद्र सरकार पर उठाए सवाल

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि उनका Instagram अकाउंट भारत में प्रतिबंधित कर दिया गया है। उन्होंने Meta से प्रतिबंध का कारण पूछा और आरोप लगाया कि कई ईमेल और संपर्क के बावजूद कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। इस मामले को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार और Meta की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।

Arvind Kejriwal

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अगस्त 6, 2026

Arvind Kejriwal: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दावा किया है कि उनका इंस्टाग्राम अकाउंट भारत में प्रतिबंधित (Instagram Account Ban) कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उन्होंने कई बार मेटा (Meta) से स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। इस मुद्दे को लेकर केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की।उन्होंने कहा कि किसी भी सार्वजनिक प्रतिनिधि के सोशल मीडिया अकाउंट पर कार्रवाई होने की स्थिति में संबंधित प्लेटफॉर्म को स्पष्ट कारण बताना चाहिए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

मेटा इंडिया और मार्क जुकरबर्ग से अरविंद केजरीवाल के तीखे सवाल

बताते चले कि, अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए मेटा और उसके प्रमुख मार्क जुकरबर्ग से सीधे सवाल पूछे। उन्होंने पूछा कि आखिर उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर प्रतिबंध किस आधार पर लगाया गया और इसकी जानकारी उन्हें क्यों नहीं दी जा रही है।उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि मेटा को किसी भी सरकार या राजनीतिक दबाव के आगे झुकने के बजाय निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए। केजरीवाल ने यह भी संकेत दिया कि यह कार्रवाई केंद्र सरकार के इशारे पर हुई हो सकती है। हालांकि, इस संबंध में उन्होंने कोई प्रत्यक्ष प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया।

इंस्टाग्राम अकाउंट बैन पर मेटा इंडिया से नहीं मिला स्पष्ट जवाब

केजरीवाल ने बताया कि उनके सहयोगियों ने मेटा इंडिया के कार्यालय से संपर्क कर इस मामले की जानकारी लेने की कोशिश की। वहां मौखिक रूप से यह बताया गया कि उनका इंस्टाग्राम अकाउंट भारत में प्रतिबंधित है, लेकिन प्रतिबंध का कारण किसी ने स्पष्ट नहीं किया।उन्होंने आरोप लगाया कि मेटा के अधिकारी यह भी नहीं बता सके कि अकाउंट पर लगा प्रतिबंध किस प्रक्रिया के तहत हटाया जा सकता है। उनके अनुसार, इतनी महत्वपूर्ण कार्रवाई के बावजूद कंपनी की ओर से पारदर्शिता का अभाव दिखाई देता है।

ईमेल का जवाब नहीं मिलने पर मेटा की सेवा पर उठाए सवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने इस मामले में कई ईमेल भी भेजे, लेकिन मेटा की ओर से केवल सामान्य और स्वचालित (ऑटोमेटेड) जवाब प्राप्त हुए। उनका आरोप है कि कंपनी ने अब तक किसी भी प्रश्न का संतोषजनक उत्तर नहीं दिया।उन्होंने मेटा की ग्राहक सहायता सेवा की आलोचना करते हुए कहा कि एक वैश्विक सोशल मीडिया कंपनी से इस तरह की प्रतिक्रिया की उम्मीद नहीं की जाती। उनका कहना है कि उपयोगकर्ताओं को किसी भी कार्रवाई के पीछे की वजह जानने का अधिकार होना चाहिए।

इंस्टाग्राम प्रतिबंध विवाद पर केंद्र सरकार को लेकर भी जताई आशंका

अरविंद केजरीवाल ने अपने बयान में केंद्र सरकार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर राजनीतिक दबाव में निर्णय लिए जाते हैं, तो यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चिंता का विषय हो सकता है।उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि कंपनियां सरकार के दबाव में काम करेंगी, तो भविष्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष डिजिटल प्लेटफॉर्म की अवधारणा कमजोर पड़ सकती है। हालांकि, इस मामले में मेटा या केंद्र सरकार की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की पारदर्शिता पर फिर छिड़ी बहस

अरविंद केजरीवाल के इस दावे के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की पारदर्शिता, अकाउंट मॉडरेशन और डिजिटल अधिकारों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। यह मामला केवल एक अकाउंट के प्रतिबंध तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सवाल भी उठाता है कि बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म अपने निर्णयों में कितनी पारदर्शिता बरतते हैं। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि मेटा इस मामले पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करता है या नहीं, और यदि करता है तो इंस्टाग्राम अकाउंट पर लगाए गए कथित प्रतिबंध के पीछे क्या कारण बताए जाते हैं।