Arvind Kejriwal: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने नई दिल्ली विधानसभा सीट पर अपनी हार को लेकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। महीनों बाद अपनी ‘हार की टीस’ जाहिर करते हुए केजरीवाल ने सीधे तौर पर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर वोटर लिस्ट में हेरफेर करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि जब वह जेल में बंद थे, तब साजिश के तहत उनके समर्थकों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए, जिसके कारण उन्हें मामूली अंतर से शिकस्त झेलनी पड़ी।
नई दिल्ली सीट पर चुनावी धांधली का दावा
बताते चले कि, संजय राउत की किताब के विमोचन समारोह में बोलते हुए अरविंद केजरीवाल ने आंकड़ों के साथ अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की लोकप्रियता अब अपने निचले स्तर पर है और वे 2026 का साल बतौर पीएम पूरा नहीं कर पाएंगे। केजरीवाल ने सवाल उठाया कि अगर लोकप्रियता कम है, तो भाजपा चुनाव कैसे जीत रही है? उन्होंने अपनी सीट का उदाहरण देते हुए बताया कि पिछली बार उन्हें 1.48 लाख वोट मिले थे, लेकिन इस बार उनके जेल से आने के बाद केवल 1.06 लाख वोट ही बचे।
केजरीवाल का आरोप है कि उनकी अनुपस्थिति में लगभग 42,000 वोट (करीब 30\%) जानबूझकर कटवा दिए गए। उन्होंने कहा, “पिछली बार मैं 30,000 वोटों से जीता था, लेकिन इस बार हेरफेर की वजह से वे 3,000 वोटों से जीत गए। ये लोग वोट जोड़कर, डिलीट कराकर और ईवीएम (EVM) में हेराफेरी करके चुनाव जीत रहे हैं।”
तानाशाही के खिलाफ लड़ाई और ‘फ्रीडम फाइटर’ का गौरवपूर्ण संबोधन
कथित शराब घोटाले के मामले में जेल यात्रा और केंद्र के साथ अपने संघर्ष को याद करते हुए केजरीवाल ने भविष्य की राजनीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने हंसते हुए कहा कि जब देश को इस वर्तमान सत्ता से मुक्ति मिलेगी, तब इतिहास में उनका नाम भी एक ‘स्वतंत्रता सेनानी’ (Freedom Fighter) के रूप में लिया जाएगा। उन्होंने गर्व से कहा कि इस लड़ाई में हमारा भी योगदान था और हम भी जेल गए थे।
पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा के कार्यकाल की आलोचना करते हुए कहा कि देश की जनता ने उन्हें तीन बार भारी बहुमत दिया था, जिसका उपयोग वे देश के निर्माण में कर सकते थे। लेकिन 12 साल के इस लंबे समय में उन्होंने केवल विनाशकारी राजनीति की है। केजरीवाल के अनुसार, इस पूरे कालखंड को देश के इतिहास में काले अक्षरों में लिखा जाएगा।
प्रधानमंत्री की घटती लोकप्रियता और 2026 का राजनीतिक भविष्य
केजरीवाल ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर व्यक्तिगत हमला करते हुए कहा कि उनकी साख अब पाताल में जा चुकी है। उन्होंने भविष्यवाणी की कि वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों और जनता के आक्रोश को देखते हुए प्रधानमंत्री के लिए अपना कार्यकाल पूरा करना मुश्किल होगा। उन्होंने भाजपा की जीत के पीछे केवल ‘मैनेजमेंट’ और ‘बेईमानी’ को मुख्य कारण बताया।
आम आदमी पार्टी के मुखिया ने यह भी स्पष्ट किया कि वे जेल जाने से डरे नहीं हैं, बल्कि इससे उनका संकल्प और मजबूत हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को एक मजाक बना दिया है जहाँ मतदाताओं की इच्छा के बजाय सरकारी मशीनरी का उपयोग करके परिणाम बदले जा रहे हैं।









