APJ Abdul Kalam Death Anniversary: डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर देश ने किया याद, महान वैज्ञानिक को श्रद्धांजलि

APJ Abdul Kalam Death Anniversary: भारत के महान वैज्ञानिक और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम को पुण्यतिथि पर देश याद कर रहा है। आखिर कैसे एक साधारण परिवार से आने वाले कलाम ने भारत के अंतरिक्ष और मिसाइल कार्यक्रम को नई पहचान दी और युवाओं के प्रेरणास्रोत बने?

डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर देश ने किया याद

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जुलाई 27, 2026

APJ Abdul Kalam Death Anniversary: पूर्व राष्ट्रपति और भारत रत्न से सम्मानित डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर पूरा देश उन्हें श्रद्धा और सम्मान के साथ याद कर रहा है। विज्ञान, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान को याद करते हुए देशवासियों ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। डॉ. कलाम का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है। उन्होंने अपने ज्ञान, मेहनत और दूरदृष्टि से भारत को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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‘मिसाइल मैन’ के रूप में मिली पहचान

डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम को भारत के अंतरिक्ष और मिसाइल विकास कार्यक्रमों में उनके योगदान के लिए जाना जाता है। उन्हें प्यार और सम्मान से ‘भारत का मिसाइल मैन’ कहा जाता है। उन्होंने भारत के रक्षा अनुसंधान और अंतरिक्ष कार्यक्रमों को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व और वैज्ञानिक सोच ने देश की रणनीतिक क्षमताओं को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। डॉ. कलाम ने भारत के स्वदेशी मिसाइल कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई और देश को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया।

देश सेवा और विज्ञान के प्रति समर्पित जीवन

डॉ. अब्दुल कलाम का पूरा जीवन राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित रहा। एक वैज्ञानिक के रूप में उन्होंने देश की सुरक्षा और विकास के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं में योगदान दिया। वर्ष 2002 से 2007 तक उन्होंने भारत के राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी संभाली। राष्ट्रपति रहते हुए भी वे आम लोगों, खासकर छात्रों और युवाओं से जुड़े रहे। उनका मानना था कि युवा ही देश के भविष्य की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने हमेशा शिक्षा, नवाचार और आत्मविश्वास को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। उनके विचार आज भी लाखों युवाओं को अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित करते हैं।

2015 में हुआ था निधन

डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम का निधन 27 जुलाई 2015 को हुआ था। एक कार्यक्रम के दौरान छात्रों को संबोधित करते समय उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। उनके निधन से देश ने एक महान वैज्ञानिक, दूरदर्शी नेता और प्रेरणादायक व्यक्तित्व को खो दिया। हालांकि, उनके विचार और योगदान आज भी लोगों के बीच जीवित हैं।

अमित शाह ने दी श्रद्धांजलि

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से डॉ. कलाम के योगदान को याद किया। अमित शाह ने कहा कि डॉ. कलाम भारत के अंतरिक्ष और मिसाइल कार्यक्रमों के प्रमुख स्तंभों में से एक थे। विज्ञान के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों ने भारत को एक मजबूत रणनीतिक शक्ति बनने की दिशा में आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम का ज्ञान, सरल जीवन और देशभक्ति की भावना करोड़ों लोगों को प्रेरणा देती रहेगी।

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हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे डॉ. कलाम के विचार

डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम का जीवन मेहनत, ईमानदारी और सपनों को पूरा करने की सीख देता है। उनका संदेश था कि बड़े सपने देखने और उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। आज उनकी पुण्यतिथि पर देश उन्हें श्रद्धापूर्वक याद कर रहा है और उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प ले रहा है।