Dharmendra Pradhan Resignation: पेपर लीक विवाद ने पकड़ा तूल, 3 राज्यों में शिक्षा मंत्रियों की कुर्सी पर संकट

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद पेपर लीक विवाद ने नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और पंजाब में शिक्षा मंत्रियों पर सवाल उठ रहे हैं। विपक्ष इस्तीफे की मांग कर रहा है। आखिर किन मामलों को लेकर बढ़ा विवाद और क्या होगा सरकारों का अगला कदम?

3 राज्यों में शिक्षा मंत्रियों की कुर्सी पर संकट

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जुलाई 27, 2026

Dharmendra Pradhan Resignation: नीट पेपर लीक मामले को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक दबाव के बीच तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को सौंप दी गई। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब कई राज्यों में भी शिक्षा व्यवस्था और कथित परीक्षा अनियमितताओं को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और पंजाब में विपक्षी दलों ने संबंधित शिक्षा मंत्रियों से इस्तीफे की मांग शुरू कर दी है।

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आंध्र प्रदेश में DSC परीक्षा को लेकर नारा लोकेश पर निशाना

आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने जिला चयन समिति (DSC) भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर राज्य के शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे की मांग की है। जगन मोहन रेड्डी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि नीट पेपर लीक मामले में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया और राजनीतिक जवाबदेही का उदाहरण पेश किया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आंध्र प्रदेश में DSC परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जिम्मेदारी लेते हुए नारा लोकेश भी अपने पद से इस्तीफा देंगे?

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि करीब 3.5 लाख उम्मीदवारों वाली DSC परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू से भी इस मामले में जवाब मांगा।

नारा लोकेश ने आरोपों को किया खारिज

जगन मोहन रेड्डी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए नारा लोकेश ने इस्तीफे की मांग को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग नैतिक जिम्मेदारी की बात करते हैं, लेकिन उनका खुद का राजनीतिक रिकॉर्ड अलग कहानी बताता है। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बताते हुए अपनी सरकार की कार्यप्रणाली का बचाव किया।

तेलंगाना में बीजेपी ने उठाई इस्तीफे की मांग

तेलंगाना में भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी छोड़ने की मांग की है। तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार छात्रों से जुड़ी ट्यूशन फीस री-इंबर्समेंट योजना के तहत करीब 12,000 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं कर पाई है। बीजेपी नेता ने कहा कि अगर सरकार छात्रों से जुड़े इतने बड़े मुद्दे का समाधान नहीं कर सकती, तो मुख्यमंत्री को शिक्षा विभाग अपने पास नहीं रखना चाहिए। उन्होंने नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर कांग्रेस सरकार की ओर से आयोजित रैली पर भी सवाल उठाए और कहा कि छात्रों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

पंजाब में भी शिक्षा मंत्री पर कार्रवाई की मांग

पंजाब में बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने कथित फार्मेसी परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर राज्य सरकार के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने आम आदमी पार्टी सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। सिरसा ने दावा किया कि पेपर लीक मामले से हजारों छात्र प्रभावित हुए हैं और इसमें आर्थिक लेन-देन की बात भी सामने आई है। उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी नेताओं ने पहले पेपर लीक की स्थिति में मंत्री की जिम्मेदारी तय करने की बात कही थी, लेकिन अब कार्रवाई नहीं की जा रही है।

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तीन राज्यों में बढ़ी राजनीतिक लड़ाई

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। अलग-अलग राज्यों में विपक्षी दल सरकारों पर जवाबदेही तय करने का दबाव बना रहे हैं। आने वाले दिनों में इन मामलों को लेकर सियासी टकराव और बढ़ने की संभावना है।