Bengal Election 2026 : अमित शाह ने तोड़ी चुप्पी, हुमायूं कबीर के साथ ‘डील’ पर दिया करारा जवाब

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 से ठीक पहले हुमायूं कबीर के ₹1000-2000 करोड़ के कथित स्टिंग वीडियो ने हड़कंप मचा दिया है। टीएमसी के आरोपों पर पहली बार गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब देते हुए कहा कि बीजेपी और बाबरी बनाने वाले कबीर 'नॉर्थ और साउथ पोल' जैसे हैं। क्या यह वीडियो बंगाल का चुनावी समीकरण बदल देगा?

Bengal Election 2026

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 10, 2026

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Bengal Election 2026 :  पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए बिसात बिछ चुकी है। कोलकाता में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर करारा प्रहार किया। शाह ने न केवल भाजपा की जीत का दावा किया, बल्कि बंगाल की जनता को एक ऐसा रोडमैप दिया जिसमें सुरक्षा, स्वाभिमान और समान अधिकार की बात कही गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा के लिए बंगाल की सत्ता केवल एक राजनीतिक जीत नहीं, बल्कि राज्य के खोए हुए गौरव ‘सोनार बांग्ला’ को वापस लाने का मिशन है।

वंशवाद को नकरा और ‘भूमिपुत्र’ मुख्यमंत्री का संदेश

अमित शाह ने मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए एक बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी कोई वंशवादी पार्टी नहीं है, यहाँ “दीदी के बाद भतीजा” वाली राजनीति के लिए कोई स्थान नहीं है। शाह ने वादा किया कि अगर भाजपा सत्ता में आती है, तो बंगाल की माटी से जुड़ा कोई समर्पित कार्यकर्ता ही राज्य का मुख्यमंत्री बनेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा हिंदू और मुस्लिम में कोई भेदभाव नहीं करती और सभी नागरिकों को समान अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

हुमायूं कबीर के वीडियो पर क्या बोले अमित शाह?

अमित शाह ने कहा, आप ममता जी की क्षमताओं से अनजान हो. ममता जी ऐसे दो हजार वीडियो बना सकती हैं. हुमायूं कबीर और बीजेपी साउथ पोल और नॉर्थ पोल हैं. हम बाबरी मस्जिद के साथ बैठने से अच्छा हम बीस साल विपक्ष में बैठना पसंद करेंगे.

6 महीने में UCC और घुसपैठ पर ‘डिटेक्ट, डिलीट, डिपोर्ट’ की नीति

सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर शाह ने कड़े फैसलों का ऐलान किया। उन्होंने घोषणा की कि राज्य में भाजपा की सरकार बनने के महज 6 महीने के भीतर ‘यूनिफॉर्म सिविल कोड’ (UCC) लागू कर दिया जाएगा। घुसपैठ के मुद्दे पर शाह ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि बंगाल की सीमाओं को पूरी तरह सील किया जाएगा। उन्होंने घुसपैठियों के खिलाफ “डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट” की नीति अपनाने की बात कही। साथ ही, उन्होंने गौ तस्करी और अवैध कब्जों को जड़ से खत्म करने का संकल्प दोहराया।

महिलाओं और युवाओं के लिए कल्याणकारी योजनाओं की झड़ी

महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए शाह ने कई क्रांतिकारी वादों का पिटारा खोला। उन्होंने बंगाल में 75 लाख महिलाओं को “लखपति दीदी” बनाने का लक्ष्य रखा। इसके अलावा महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, हर थाने में महिला हेल्प डेस्क और गर्भवती महिलाओं को 21 हजार रुपये की वित्तीय सहायता देने का वादा किया गया। युवाओं के लिए भाजपा ने एक करोड़ रोजगार के अवसर पैदा करने और बेरोजगारों को 3000 रुपये मासिक भत्ता देने का संकल्प लिया है।

बुनियादी ढांचा और औद्योगिक पुनरुद्धार की योजना

कोलकाता को विश्वस्तरीय शहर बनाने के लिए भाजपा ने व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान पेश किया है। इसमें मेट्रो नेटवर्क का विस्तार, पोर्ट विकास और पुराने पुलों की मजबूती शामिल है। शाह ने औद्योगिक विकास के लिए सिंगूर में एक नया औद्योगिक पार्क बनाने और हल्दिया पोर्ट को आधुनिक स्तर पर विकसित करने की योजना साझा की। उन्होंने कहा कि बंगाल में “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” को बेहतर बनाया जाएगा ताकि सिंडिकेट राज का खात्मा हो सके और उद्योगपतियों का भरोसा फिर से लौट सके।

शिक्षा और स्वास्थ्य: उत्तर बंगाल को मिलेगी नई पहचान

अमित शाह ने उत्तर बंगाल के विकास पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने वहां नए IIT, AIIMS और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) जैसे संस्थान खोलने की घोषणा की। इसके अलावा, भाजपा ने सत्ता में आने पर राज्य में हुई राजनीतिक हिंसा, भ्रष्टाचार और संदेशखाली जैसे गंभीर मामलों पर ‘श्वेत पत्र’ लाने का वादा किया है। संदेशखाली मामले की जांच के लिए सेवानिवृत्त जज की नियुक्ति का भी ऐलान किया गया।

‘सोनार बांग्ला’ के निर्माण का चुनावी रोडमैप

अमित शाह ने अपने संबोधन का अंत “भरोसे के शासन” के वादे के साथ किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरा देश विकास कर रहा है और अब समय आ गया है कि बंगाल भी विकास की इस मुख्यधारा से जुड़े। भाजपा का ‘संकल्प पत्र’ केवल वादों का दस्तावेज नहीं, बल्कि बंगाल की जनता के लिए नई उम्मीदों का सवेरा है। उन्होंने विश्वास जताया कि 2026 में बंगाल की जनता भ्रष्टाचार और भय के शासन को उखाड़ फेंकेगी।

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