Ambedkar Jayanti 2026: अंबेडकर जयंती के अवसर पर मंगलवार को संसद परिसर में विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और कई वरिष्ठ नेताओं ने भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर को पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।
कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू, राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, राज्यसभा सांसद रामदास अठावले और कई अन्य सांसद मौजूद रहे।
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संसद परिसर में श्रद्धांजलि और नेताओं की मौजूदगी

संसद परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न दलों के नेताओं ने एक साथ पहुंचकर बाबासाहेब अंबेडकर को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान सभी ने उनके संविधान निर्माण और सामाजिक न्याय में योगदान को याद किया। कार्यक्रम में कांग्रेस नेता उदित राज सहित कई अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच हल्की-फुल्की बातचीत भी देखने को मिली, जिसने माहौल को सौहार्दपूर्ण बना दिया।
राष्ट्रपति ने भी दी श्रद्धांजलि और जारी किया संदेश
इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी अंबेडकर जयंती के अवसर पर बाबासाहेब को श्रद्धांजलि दी। वे गुजरात दौरे पर थीं, जहां उन्होंने गांधीनगर स्थित लोकभवन में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा कि डॉ. अंबेडकर भारतीय संविधान के प्रमुख निर्माता, महान समाज सुधारक और समतामूलक समाज के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने जीवनभर वंचित और कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए कार्य किया और भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने यह भी कहा कि डॉ. अंबेडकर ने महिलाओं की शिक्षा और अधिकारों को विशेष प्राथमिकता दी, जिससे समाज में समानता की दिशा में बड़ा परिवर्तन आया।
पीएम मोदी ने बताया प्रेरणास्रोत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए डॉ. अंबेडकर को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब का जीवन और कार्य राष्ट्र निर्माण के लिए अत्यंत प्रेरणादायक है और उनकी सोच आने वाली पीढ़ियों को न्यायपूर्ण समाज बनाने के लिए प्रेरित करती रहेगी।
एक अन्य पोस्ट में प्रधानमंत्री ने लिखा कि डॉ. अंबेडकर का व्यक्तित्व और विचार सदैव राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा बने रहेंगे। इसके साथ ही उन्होंने एक संस्कृत सुभाषित भी साझा किया, जिसमें “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना को समझाया गया है।
अंबेडकर के विचारों पर जोर
पीएम मोदी द्वारा साझा किए गए संदेश में यह बताया गया कि उदार और विशाल हृदय वाले लोग पूरे विश्व को एक परिवार मानते हैं। यह विचार सामाजिक एकता, प्रेम और सौहार्द का संदेश देता है। कुल मिलाकर, अंबेडकर जयंती के अवसर पर संसद परिसर से लेकर राष्ट्रपति भवन और सोशल मीडिया तक पूरे देश में बाबा साहेब के योगदान को याद किया गया और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।









