UP Politics: सहारनपुर मस्जिद कार्रवाई पर गरमाई सियासत, अखिलेश बोले- धर्म का सम्मान जरूरी

सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सच्चा सनातनी दूसरे धर्म और उसकी आस्था का सम्मान करता है। अखिलेश ने कार्रवाई पर न्यायिक प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए पूछा कि हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट से न्याय पाने का अवसर क्यों नहीं दिया गया।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

सितम्बर 5, 2026

UP Politics: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। अखिलेश यादव ने कहा कि जो लोग दूसरे धर्मों का सम्मान नहीं करते और किसी की आस्था के साथ खिलवाड़ करते हैं, उन्हें सच्चा सनातनी नहीं कहा जा सकता। उन्होंने धार्मिक सौहार्द और संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करने की जरूरत पर जोर दिया।

मस्जिद ध्वस्तीकरण को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सहारनपुर में मस्जिद के खिलाफ हुई कार्रवाई सरकार के इशारे पर की गई। उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल से जुड़ा मामला बेहद संवेदनशील होता है और ऐसे मामलों में प्रशासन को कानून के दायरे में रहकर कदम उठाना चाहिए। सपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी सभी धर्मों की आस्था और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व सम्मान सुनिश्चित करना है।

‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना का किया जिक्र

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सनातन परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि कोई सच्चा सनातनी दूसरे धर्म का मजाक नहीं उड़ाएगा और न ही उसकी आस्था का अनादर करेगा। उन्होंने कहा कि सनातन की मूल भावना ‘वसुधैव कुटुंबकम’ में निहित है, जिसका अर्थ है कि पूरी दुनिया एक परिवार है।

धार्मिक सौहार्द बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी

अखिलेश यादव ने कहा कि सच्चे सनातनी सौहार्द और भाईचारे में विश्वास रखते हैं। उनके मुताबिक समाज में शांति और आपसी सद्भाव बनाए रखना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारियों में से एक है। उन्होंने कहा कि धर्म और आस्था से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की जल्दबाजी या पक्षपातपूर्ण कार्रवाई समाज में तनाव पैदा कर सकती है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले का भी अखिलेश यादव ने किया जिक्र

अखिलेश यादव ने अपने बयान में अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में कार्रवाई होने के बाद अब जनता के सामने सच्चाई आ चुकी है। सपा अध्यक्ष ने कहा कि SIT गठित कर आरोपियों को जेल भेजने की बात सामने आने के बाद कुछ लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं।

‘मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश’

सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि जनता को वास्तविक स्थिति का पता चल चुका है और इसी वजह से इस मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सरकार पर राजनीतिक मुद्दों को धार्मिक भावनाओं से जोड़ने का आरोप लगाया और कहा कि जनता को हर मामले में तथ्य और कानून के आधार पर जानकारी मिलनी चाहिए।

अखिलेश यादव ने उठाया न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल

अखिलेश यादव ने सहारनपुर की कार्रवाई को लेकर सवाल किया कि क्या इस मामले में हाईकोर्ट से न्याय नहीं मिल सकता था? उन्होंने पूछा कि क्या संबंधित पक्ष सुप्रीम कोर्ट में अपील नहीं कर सकता था? सपा अध्यक्ष ने कहा कि किसी भी विवादित मामले में संबंधित पक्षों को कानून के तहत उपलब्ध न्यायिक विकल्पों का इस्तेमाल करने का अवसर मिलना चाहिए।

अधिकारियों पर सरकार के दबाव में कार्रवाई का आरोप

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने सरकार के इशारे पर कार्रवाई की, ताकि संबंधित लोगों को अगली अदालत में न्याय पाने का अवसर न मिल सके। हालांकि, यह उनके द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन को किसी भी कार्रवाई से पहले कानून और संवैधानिक प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करना चाहिए।

धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई को लेकर सरकार को दी नसीहत

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार को सभी धर्मों के धार्मिक स्थलों और उनकी आस्था का सम्मान सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए समान है और किसी भी धार्मिक या संवेदनशील मामले में प्रशासनिक कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए।

सहारनपुर मामले पर सियासत और तेज

सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद से जुड़ी कार्रवाई को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। अखिलेश यादव ने इसे लेकर बीजेपी सरकार पर सवाल खड़े किए हैं और धार्मिक सौहार्द से लेकर न्यायिक प्रक्रिया तक कई मुद्दे उठाए हैं। आने वाले दिनों में इस मामले पर सियासी बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।