UP Politics: पूजा पाल की बढ़ी मुश्किलें! अखिलेश यादव ने बताया क्यों किया पार्टी से बाहर

उत्तर प्रदेश की राजनीति में सरगर्मी तेज है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बागी विधायक पूजा पाल द्वारा सीएम योगी को 'धुरंधर' बताने पर करारा जवाब दिया है। अखिलेश ने स्पष्ट किया कि पूजा पाल को गुमराह किया गया है और यदि वे भाजपा से चुनाव लड़ती हैं, तो समाजवादी पार्टी अपनी पूरी ताकत से उन्हें चुनौती देगी।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मार्च 26, 2026

UP Politics: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने बागी विधायक पूजा पाल के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि भारतीय जनता पार्टी आगामी चुनावों में पूजा पाल को मैदान में उतारती है, तो समाजवादी पार्टी वहां अपनी पूरी सांगठनिक शक्ति झोंक देगी। यह राजनीतिक टकराव तब और तेज हो गया जब पूजा पाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा करते हुए उन्हें ‘धुरंधर’ बताया था।

अखिलेश यादव का तीखा कटाक्ष

अखिलेश यादव ने पूजा पाल के उस बयान पर चुटकी ली जिसमें उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली की सराहना की थी। सपा प्रमुख ने तंज कसते हुए कहा कि शायद पूजा पाल मुख्यमंत्री को पूरी तरह समझ ही नहीं पाईं। उन्होंने कहा, “अगर वह उन्हें धुरंधर से भी ऊपर का कोई विशेषण देतीं तो बेहतर होता, क्योंकि वे तो धुरंधर से भी बड़े धुरंधर हैं।” अखिलेश ने इस बयान के जरिए न केवल पूजा पाल पर निशाना साधा, बल्कि सत्ता पक्ष पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने अपने बगल में बैठे पाल समाज के कद्दावर नेता और सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल की ओर इशारा करते हुए कहा कि भाजपा असल में पाल समाज के समर्थन को लेकर घबराई हुई है।

विधायक को गुमराह करने का आरोप

अखिलेश यादव ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी पार्टी की विधायक को गुमराह किया गया है। उन्होंने सवालिया लहजे में पूछा, “अब आप ही बताइए, मैं इस मामले की एफआईआर कहां दर्ज कराऊं?” सपा नेता का दावा है कि पाल समाज अब पूजा पाल के साथ नहीं है, और भाजपा ने केवल राजनीतिक लाभ के लिए उन्हें अपनी ओर खींचा है। उन्होंने उन कार्यकर्ताओं के दर्द का भी जिक्र किया जिन्होंने दिन-रात मेहनत करके उन्हें चुनाव जिताया था, लेकिन अब उनकी विधायक निधि भाजपा के एजेंडे पर खर्च हो रही है।

आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति

पूजा पाल को पार्टी से निकालने के फैसले पर सफाई देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि महिला होने के नाते उन्होंने काफी समय तक उदारता बरती, लेकिन अंततः मजबूरी में कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि भाजपा के भीतर वर्तमान में टिकटों को लेकर भारी खींचतान चल रही है। भाजपा के कई स्थानीय नेता टिकट की मांग कर रहे हैं, ऐसे में पूजा पाल को वहां जगह मिलना चुनौतीपूर्ण होगा। सपा प्रमुख ने साफ किया कि जिस भी विधानसभा क्षेत्र से पूजा पाल चुनाव लड़ेंगी, वहां सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल के नेतृत्व में पार्टी पूरी ताकत से मुकाबला करेगी।

पूजा पाल का पलटवार

दूसरी ओर, पूजा पाल ने अपने बयानों से सपा नेतृत्व को सीधे चुनौती दी है। उन्होंने सीएम योगी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी जैसे माफियाओं के साम्राज्य को मिट्टी में मिला दिया। पूजा पाल ने आरोप लगाया कि अतीक अहमद को समाजवादी पार्टी का संरक्षण प्राप्त था, जिसके कारण समाज में भ्रष्टाचार और अपराध फैला। उन्होंने अपने पति राजू पाल की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि अतीक ने केवल उनकी जिंदगी ही नहीं, बल्कि हजारों परिवारों को तबाह किया था।