Ajit Pawar Plane Crash: भारतीय राजनीति में नेताओं का जीवन हमेशा जोखिमों से घिरा रहता है। यह खतरा केवल सड़क या मंच तक सीमित नहीं है, बल्कि कई बार आसमान में भी उनकी जान पर संकट मंडराता रहा है। चुनावी दौरे, अचानक यात्राएं और समय की कमी के कारण नेताओं को अक्सर हवाई यात्रा करनी पड़ती है। लेकिन इतिहास गवाह है कि कुछ यात्राएं उनके लिए आखिरी साबित हुईं। विमान और हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं ने यह दिखाया कि सत्ता के शीर्ष पर बैठे नेता भी प्राकृतिक और तकनीकी खतरों से अछूते नहीं हैं। आइए जानते हैं उन नेताओं के बारे में जिन्होंने हवाई हादसों में अपनी जान गंवाई।
विजय रुपाणी: उड़ान भरते ही हुआ हादसा

गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता विजय रुपाणी 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन जा रहे थे। एयर इंडिया के विमान में सवार होकर वे अपने परिवार से मिलने निकल रहे थे। लेकिन उड़ान भरते ही विमान क्रैश हो गया। इस हादसे में दो सौ से अधिक लोगों की मौत हुई, जिनमें रुपाणी भी शामिल थे।
दोरजी खांडू: अचानक लापता हुआ विमान
अरुणाचल प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री दोरजी खांडू का 2011 में विमान हादसे में निधन हुआ। वे तवांग से ईटानगर जा रहे थे, जब उनका विमान अचानक लापता हो गया। बाद में पता चला कि दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई। उन्होंने 2007 से 2011 तक मुख्यमंत्री पद संभाला।
वाई.एस. राजशेखर रेड्डी: जंगल और कोहरे में टूटा हेलीकॉप्टर
2 सितंबर 2009 को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी नल्लामाला के जंगलों के ऊपर हेलीकॉप्टर से यात्रा कर रहे थे। खराब मौसम और घने कोहरे के कारण हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे ने न केवल उनकी जान ली बल्कि राज्य की राजनीति में एक युग का अंत कर दिया।
जीएमसी बालयोगी: सत्ता के शिखर से हादसे की खाई तक
लोकसभा अध्यक्ष जीएमसी बालयोगी का 3 मार्च 2002 को हेलीकॉप्टर हादसे में निधन हुआ। आंध्र प्रदेश के भीमावरम से उड़ान भरने के बाद तकनीकी खराबी के चलते उनका हेलीकॉप्टर कृष्णा जिले के कैकलूर क्षेत्र में तालाब में गिर गया। यह हादसा भारतीय लोकतंत्र के लिए भी बड़ी क्षति था।
माधवराव सिंधिया: खराब मौसम ने छीनी जिंदगी
30 सितंबर 2001 को कांग्रेस नेता माधवराव सिंधिया उत्तर प्रदेश के मैनपुरी क्षेत्र में निजी विमान से यात्रा कर रहे थे। घने बादलों और सीमित दृश्यता के कारण विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ। इस हादसे ने देश को एक आधुनिक सोच वाले प्रभावशाली नेता से वंचित कर दिया।
संजय गांधी: जुनून बना मौत का कारण
23 जून 1980 को प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पुत्र संजय गांधी हल्के विमान में हवाई करतब दिखा रहे थे। संतुलन बिगड़ने पर विमान जमीन से टकरा गया और उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना ने सत्ता गलियारों में गहरा सन्नाटा भर दिया।
बलवंतराय मेहता: देश के पहले बड़े राजनेता
गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री बलवंतराय मेहता का निधन 1960 के दशक में विमान दुर्घटना में हुआ। वे भारत-पाक युद्ध के दौरान कच्छ के रण का जायजा लेने निकले थे। इस हादसे में उनकी पत्नी, सहयोगी और दो क्रू मेंबर भी मारे गए।
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