Actress Pavala Syamala Passes Away: तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। टॉलीवुड की जानी-मानी और दिग्गज चरित्र अभिनेत्री पावला श्यामला अब इस दुनिया में नहीं रहीं। उनके निधन से पूरी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है, और तमाम कलाकार तथा प्रशंसक उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। पावला श्यामला का पूरा जीवन संघर्ष, गरीबी, व्यक्तिगत त्रासदियों और गंभीर बीमारियों से जूझते हुए बीता, जिसने अंततः उनके जीवन का अंत कर दिया।
Bantwara 1947: सनी देओल फिर लौटे दमदार अंदाज़ में, ‘बंटवारा 1947’ का ट्रेलर हुआ रिलीज
आर्थिक तंगी और गंभीर बीमारियों से था संघर्ष
थिएटर के मंच से अपनी कला की शुरुआत करने वाली अभिनेत्री पावला श्यामला अपने जीवन के आखिरी दिनों में अत्यधिक आर्थिक तंगी और गरीबी का सामना कर रही थीं। बढ़ती उम्र के साथ-साथ उन्हें कई गंभीर बीमारियों ने घेर रखा था। उस्मानिया जनरल अस्पताल के डॉक्टरों ने आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि की है कि दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ने से उनका निधन हुआ। जीवन भर कड़ा संघर्ष करने वाली अभिनेत्री के इस तरह दुनिया से जाने से हर कोई बेहद मर्माहत है।
फिल्मी हस्तियों ने की थी आर्थिक मदद
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पावला श्यामला की दयनीय आर्थिक स्थिति और खराब स्वास्थ्य को देखते हुए टॉलीवुड की कई बड़ी हस्तियों ने आगे आकर उनकी मदद की थी। सुपरस्टार पवन कल्याण, साई दुर्गा तेज और जाने-माने निर्माता दिल राजू सहित कई फिल्म निर्माताओं और कलाकारों ने उनके इलाज के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की थी। हालांकि, तमाम मेडिकल कोशिशों और मदद के बावजूद बढ़ती उम्र और बीमारियों के आगे उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
थिएटर से की थी फिल्मी करियर की शुरुआत
पावला श्यामला का जन्म साल 1951 में आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के ऐतिहासिक शहर अमरावती में हुआ था। फिल्मी दुनिया में आने से पहले उनका नाम नेथी श्यामला था और वह रंगमंच (थिएटर) पर अभिनय किया करती थीं। इसके बाद, साल 1985 में उन्होंने फिल्म ‘बाबाई अब्बाई’ के जरिए तेलुगु सिनेमा में कदम रखा, जिसमें दिग्गज अभिनेता नंदमुरी बालकृष्ण मुख्य भूमिका में थे। अपने अभिनय के दम पर उन्होंने इसके बाद ‘स्वर्णकमलम’, ‘आंध्रावाला’ और ‘खड्गम’ जैसी कई सुपरहिट फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाईं और दर्शकों के दिलों में अपनी खास जगह बनाई।
13 साल की उम्र में बाल विवाह और कम उम्र में विधवापन
यदि उनके निजी जीवन की बात करें, तो वह किसी ट्रैजेडी से कम नहीं था। थिएटर की शौकीन पावला श्यामला की शादी महज 13 साल की कम उम्र में ही कर दी गई थी। जितनी कम उम्र में उनका विवाह हुआ, उतनी ही जल्दी उनकी जिंदगी से खुशियां भी छिन गईं। शादी के महज तीन साल बाद ही उनके पति का निधन हो गया, जिसके बाद उन्हें बेहद कड़ा और संघर्षपूर्ण जीवन जीना पड़ा। समाज के बंधनों और परिवार की पाबंदियों के बीच उन्होंने एक विधवा के रूप में अकेले ही जीवन का लंबा सफर तय किया। इस शादी से उन्हें एक बेटी भी हुई थी, जो मुश्किलों के इस दौर में लगातार अपनी मां की देखरेख कर रही थी। पावला श्यामला का जाना तेलुगु सिनेमा के एक जुझारू दौर का अंत है।
Jana Nayagan Collection: थलपति विजय की ‘जना नायकन’ ने तोड़ा रिकॉर्ड, ‘करुप्पु’ की कमाई को छोड़ा पीछे










