Abhishek Banerjee Thanks Rahul Gandhi: टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर भीड़ का हमला, राहुल गांधी ने की कड़ी निंदा

पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में चुनावी हिंसा पीड़ितों से मिलने पहुंचे टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर भीड़ द्वारा कथित तौर पर हमला किया गया है। इस घटना की कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र पर चोट बताया है। वहीं, अभिषेक बनर्जी ने पलटवार करते हुए केंद्र सरकार पर तानाशाही और डराने-धमकाने की राजनीति का आरोप लगाया है।

Abhishek Banerjee Thanks Rahul Gandhi

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मई 31, 2026

Abhishek Banerjee Thanks Rahul Gandhi: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर इलाके में उस वक्त भारी अफरातफरी मच गई, जब अभिषेक बनर्जी पर एक उग्र भीड़ ने कथित तौर पर हमला कर दिया। टीएमसी सांसद वहां हाल ही में हुई चुनावी हिंसा से प्रभावित पीड़ित परिवारों से मुलाकात करने और उन्हें सांत्वना देने पहुंचे थे। इस हिंसक घटना के बाद से पूरे पश्चिम बंगाल का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच तीखी बयानबाजी और गंभीर आरोप-प्रत्यारोप का एक नया दौर शुरू हो गया है, जिसने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।

राहुल गांधी ने राजनीतिक प्रतिशोध की निंदा की

अभिषेक बनर्जी पर हुए इस औचक हमले पर गहरी चिंता और नाराजगी व्यक्त करते हुए कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी ने इसे लोकतंत्र पर एक सीधा प्रहार बताया है। राहुल गांधी ने घटना की कड़े शब्दों में भर्त्सना करते हुए कहा, “सांसद अभिषेक बनर्जी जी पर सोनारपुर में हुआ यह हमला पूरी तरह से निंदनीय है। किसी भी जनप्रतिनिधि पर हमला सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं होता, बल्कि यह उस जनता का अपमान है जिसने उन्हें चुनकर भेजा है।” उन्होंने इसे भाजपा की बदले की राजनीति का एक घिनौना रूप करार दिया और मांग की कि केंद्र और राज्य प्रशासन को मिलकर दोषियों के खिलाफ तत्काल और सख्त दंडात्मक कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी दल के नेता की सुरक्षा खतरे में न पड़े।

अभिषेक बनर्जी का पलटवार और केंद्र सरकार पर निशाना

राहुल गांधी से मिले मजबूत राजनीतिक समर्थन के बाद अभिषेक बनर्जी ने उनका सहृदय धन्यवाद किया और केंद्र की सत्ताधारी पार्टी पर देश को विभाजित करने का गंभीर आरोप मढ़ दिया। टीएमसी सांसद ने भावुक और आक्रामक अंदाज में कहा, “लोकतांत्रिक संस्थाओं और हमारे संविधान की रक्षा के लिए हमारी यह साझी लड़ाई जारी रहेगी।” उन्होंने अपने देशप्रेम का हवाला देते हुए याद दिलाया कि कैसे पिछले साल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में उन्होंने वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व किया था। बनर्जी ने तंज कसा कि जो लोग आज खुद को राष्ट्रवाद का मसीहा बताते हैं, वे ही असल में राजनीतिक हिंसा और राज्य प्रायोजित आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं।

विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने की रणनीति पर तीखा तंज

वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर तीखा प्रहार करते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि आज देश में सत्तापक्ष का एक ही नियम बन चुका है—”यदि आप उनके सुर में सुर मिलाते हैं तो आप देशभक्त हैं, और यदि आपने उनसे जनता के हक में सवाल पूछ लिया तो आपको सीधे टारगेट बना दिया जाता है।” उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि वे किसी भी कीमत पर इन तानाशाही हरकतों के आगे घुटने नहीं टेकेंगे। सिद्धांतों से समझौता कर के आराम की जिंदगी जीने से बेहतर वे लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ना और इस डराने-धमकाने का सामना करना पसंद करेंगे।

‘INDIA’ गठबंधन की एकजुटता और अंतिम संकल्प

अपने बयान के अंत में टीएमसी सांसद ने जनता की सर्वोच्चता को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि सत्ता तो आती-जाती रहती है, लेकिन जनता की इच्छा हमेशा स्थायी होती है। वे केवल जनता के सामने सिर झुकाएंगे, दिल्ली की सत्ता में बैठे हुक्मरानों के सामने कभी नहीं। उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ नारा दिया कि ‘INDIA’ गठबंधन इस तानाशाही के खिलाफ पूरी तरह एकजुट है। विपक्ष की यह एकजुटता देश में डर, नफरत, हिंसा और धमकी की राजनीति को परास्त करेगी और आने वाले समय में केवल देश की जनता की आवाज की ही जीत सुनिश्चित होगी।