Kalyan Banerjee Attack: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर हुए कथित हमलों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और सांसद कल्याण बनर्जी पर एक सोची-समझी रणनीति के तहत जानलेवा हमला किया गया। रविवार (31 मई 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (ट्विटर) पर अपनी बात रखते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि BJP समर्थकों ने लोकसभा के फ्लोर लीडर अभिषेक बनर्जी को बेरहमी से निशाना बनाया और उन्हें लिंच करने की कोशिश की। उन्होंने दावा किया कि इस हिंसक घटना के डरावने वीडियो सार्वजनिक रूप से मौजूद हैं, जो BJP द्वारा की जा रही लोकतंत्र की हत्या को साफ बयां करते हैं।
दक्षिण 24 परगना में अभिषेक बनर्जी पर हमला
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में शनिवार (30 मई 2026) को उस समय भारी तनाव फैल गया, जब TMC सांसद अभिषेक बनर्जी को उग्र विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने न केवल उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की, बल्कि उनके साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की और हमला भी किया। इस हिंसक झड़प के बाद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें सुरक्षित निकाला, जिसके बाद अभिषेक बनर्जी को मेडिकल जांच के लिए तत्काल अस्पताल ले जाना पड़ा। TMC ने इस पूरी घटना को विपक्ष द्वारा प्रायोजित एक जानलेवा हमला करार दिया है।
कल्याण बनर्जी के साथ धक्का-मुक्की और विरोध प्रदर्शन
अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के ठीक अगले दिन, यानी रविवार (31 मई 2026) को हुगली जिले के चंदिताला क्षेत्र से भी वैसी ही गंभीर घटना सामने आई। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी जब सोनारपुर की घटना के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने पुलिस थाने जा रहे थे, तभी प्रदर्शनकारियों ने उन्हें रास्ते में ही घेर लिया। आंदोलनकारियों ने उन्हें काले झंडे दिखाए और उनके खिलाफ उग्र नारेबाजी की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस हंगामे के दौरान सांसद कल्याण बनर्जी के साथ भी कथित तौर पर धक्का-मुक्की की गई, जिससे इलाके में राजनीतिक माहौल बेहद गरमा गया।
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा पर गहराया विवाद
इन दोनों लगातार हुई घटनाओं के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर चरम पर पहुंच गया है। TMC जहां एक तरफ भारतीय जनता पार्टी पर राज्य में राजनीतिक हिंसा को बढ़ावा देने और विपक्ष को डराने का खुला आरोप लगा रही है, वहीं दूसरी तरफ इस गंभीर मामले पर BJP की आधिकारिक प्रतिक्रिया का अभी इंतजार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के इस तीखे बयान और सांसदों पर हुए हमलों के बाद राज्य में राजनीतिक तनाव और कानून-व्यवस्था को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं, जिसके चलते विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं।










