Aakhri Sawal BO Day 1: बॉलीवुड सुपरस्टार संजय दत्त पिछले काफी समय से अपनी फिल्म ‘आखिरी सवाल’ की रिलीज को लेकर सुर्खियों में बने हुए थे। तमाम कानूनी अड़चनों, विवादों और सेंसर बोर्ड की प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद आखिरकार इस फिल्म को देश भर के सिनेमाघरों में रिलीज कर दिया गया है। यह फिल्म विशेष रूप से 6 दिसंबर 1992 को हुए ऐतिहासिक बाबरी मस्जिद विध्वंस और उसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की भूमिका को लेकर उठने वाले कई संवेदनशील सवालों के इर्द-गिर्द घूमती है। हालांकि, फिल्म को समीक्षकों (Critics) और चुनिंदा दर्शकों की ओर से काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया (Positive Reviews) मिली है, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर इसका जादू चलता हुआ नहीं दिख रहा है। उम्मीद के विपरीत, फिल्म ओपनिंग डे पर एक करोड़ रुपये का आंकड़ा भी नहीं छू सकी और इसकी शुरुआत बेहद सुस्त रही।
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ओपनिंग डे कलेक्शन
बॉक्स ऑफिस पर संजय दत्त की फिल्म ‘आखिरी सवाल’ की रफ्तार बेहद धीमी और निराशाजनक देखी जा रही है। फिल्म समीक्षकों की तारीफों और सोशल मीडिया पर सकारात्मक माहौल के बावजूद दर्शक थियेटरों तक नहीं पहुंच रहे हैं। बॉक्स ऑफिस पर नजर रखने वाली मशहूर ट्रैकिंग वेबसाइट ‘सैकनिल्क’ (Sacnilk) के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, इस फिल्म का पहले दिन का प्रदर्शन काफी चिंताजनक है।
सैकनिल्क की रिपोर्ट के अनुसार, ‘आखिरी सवाल’ ने अपने रिलीज के पहले दिन महज 40 लाख रुपये का बिजनेस किया है। फिल्म की बड़ी स्टार कास्ट, भारी-भरकम विषय और संजय दत्त जैसे बड़े नाम को देखते हुए इस कलेक्शन को बेहद खराब माना जा रहा है। आमतौर पर संजय दत्त की फिल्मों को मिलने वाली शुरुआती हाइप भी इस फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर गति देने में नाकाम साबित हुई। हालांकि, राहत की बात यह है कि जिन लोगों ने भी फिल्म देखी है, वे संजय दत्त के दमदार अभिनय और उनकी बेहतरीन संवाद अदायगी (Dialogue Delivery) की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
क्या है ‘आखिरी सवाल’ की कहानी?
यदि फिल्म की कहानी और इसके मुख्य कथानक की बात करें, तो ‘आखिरी सवाल’ एक विशुद्ध पॉलिटिकल ड्रामा फिल्म है। यह फिल्म पूरी तरह से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की विचारधारा, उसके इतिहास और समय-समय पर संगठन पर उठने वाले तीखे सवालों पर आधारित है। फिल्म में 6 दिसंबर 1992 की उस ऐतिहासिक घटना को केंद्र में रखा गया है जब अयोध्या में बाबरी मस्जिद का विध्वंस हुआ था, और उस दौरान आरएसएस की क्या भूमिका थी, इसे बड़े पर्दे पर खंगालने की कोशिश की गई है। इस पूरी कहानी में संजय दत्त ने एक कॉलेज प्रोफेसर का मुख्य किरदार निभाया है, जो अपने व्याख्यानों और तर्कों के जरिए इन सभी विवादित और अनसुलझे सवालों के जवाब तलाशते और देते नजर आते हैं।
फिल्म की स्टार कास्ट
विषय की संवेदनशीलता को देखते हुए फिल्म में कलाकारों का चयन काफी सोच-समझकर किया गया है। ‘आखिरी सवाल’ की स्टार कास्ट की बात करें तो इसमें संजय दत्त के अलावा बॉलीवुड के कई जाने-माने और प्रतिभाशाली चेहरों को शामिल किया गया है। फिल्म में नमाशी चक्रवर्ती, समीरा रेड्डी, अमित साध, नीतू चंद्रा और त्रिधा चौधरी जैसे कलाकार मुख्य और महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं।
भले ही फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नोट कमाने में पीछे रह गई हो, लेकिन अभिनय के मोर्चे पर सभी कलाकारों ने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया है। कलाकारों के इस बेहतरीन परफॉर्मेंस और सधे हुए अभिनय ने सिनेमाघरों में पहुंचे दर्शकों का दिल जरूर जीता है। अब देखना यह होगा कि क्या शनिवार और रविवार के वीकेंड पर माउथ पब्लिसिटी (Word of Mouth) के दम पर फिल्म की कमाई में कोई उछाल आता है या नहीं।










