CJP Protest: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का विपक्ष पर वार, बोलीं—’छात्रों के मुद्दे पर गंभीर है सरकार’

पेपर लीक मुद्दे पर चौतरफा घिरी केंद्र सरकार की ओर से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने कांग्रेस पर छात्रों के हितों के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया। सीतारमण ने कहा कि सरकार संसद में चर्चा और फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए सख्त सजा दिलाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

CJP Protest

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जुलाई 23, 2026

CJP Protest: देश की राजधानी नई दिल्ली से लेकर विभिन्न राज्यों तक पेपर लीक (Paper Leak Scam) का मुद्दा इस समय केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है। सरकार हर तरफ से चौतरफा घिरती नजर आ रही है। एक तरफ जहां राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर (Jantar Mantar Delhi) पर होनहार छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन और आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (SP) समेत तमाम प्रमुख विपक्षी दल केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan Resignation) के तत्काल इस्तीफे की मांग को लेकर आक्रामक हो गए हैं। इस बीच, देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्ष के इन सभी हमलों का कड़ा जवाब देते हुए कांग्रेस पार्टी पर इस संवेदनशील मुद्दे को केवल अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप लगाया है।

वित्त मंत्री का तीखा बयान

बताते चले कि, समाचार एजेंसी के साथ खास बातचीत के दौरान देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकार का पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया कि पेपर लीक का यह पूरा मामला सीधे तौर पर देश के करोड़ों छात्रों और उनके भविष्य से जुड़ा हुआ है, इसलिए सरकार इसे लेकर शुरू से बेहद संवेदनशील है। उन्होंने जानकारी दी कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने इस धांधली में संलिप्त मुख्य आरोपियों को चिन्हित कर गिरफ्तार कर लिया है। इन गिरफ्तारियों और राष्ट्रव्यापी विरोध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद स्थिति की समीक्षा करते हुए यह ऐलान किया है कि दोषियों को सजा दिलाने के लिए विशेष ‘फास्ट-ट्रैक कोर्ट’ (Fast-Track Courts) का गठन किया जाएगा। सरकार इस मामले की तह तक जाकर पूरी मेहनत और गंभीरता के साथ काम कर रही है।

युद्धस्तर पर प्रशासनिक कदम

विपक्षी दलों के कुप्रबंधन के आरोपों को खारिज करते हुए वित्त मंत्री ने सरकार द्वारा उठाए गए त्वरित कदमों की सूची गिनाई। उन्होंने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक होने की सूचना मिलने के बाद बिना एक भी पल गंवाए, जितना जल्दी तकनीकी रूप से संभव हो पाया, उतनी तेजी से संबंधित परीक्षाओं का दोबारा एग्जाम (Re-Exam) कराया गया। इसके साथ ही सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया कि इन री-एग्जाम के परिणाम समय पर घोषित हों ताकि देश के किसी भी छात्र का एक भी शैक्षणिक वर्ष बर्बाद न हो और उनकी आगे की उच्च शिक्षा व करियर की व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे।

संसद में चर्चा पर दोटूक रुख

संसद के भीतर जारी गतिरोध और हंगामे पर कड़ा ऐतराज जताते हुए निर्मला सीतारमण ने मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर सनसनीखेज आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पहले विपक्ष के नेताओं ने संसद के दोनों सदनों में इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा (Parliament Discussion) कराने की पुरजोर मांग उठाई थी और यहाँ तक कहा था कि चर्चा होने के बाद ही वे लोक कल्याण मार्ग (PM House) की तरफ रुख करेंगे। लेकिन जब सरकार ने उनकी यह मुख्य मांग मान ली और सदन में बहस के लिए हामी भर दी, तो विपक्ष ने अपनी जिद बदलते हुए एक नई और अतिरिक्त शर्त सामने रख दी।

राजनीति करने का गंभीर आरोप

प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में वित्त मंत्री ने सीधा सवाल करते हुए कहा कि जब देश की सरकार संसद के पटल पर हर एक सवाल का जवाब देने और विस्तार से चर्चा करने के लिए पूरी तरह तैयार बैठी है, तो फिर जानबूझकर संसद की कार्यवाही को लगातार क्यों बाधित (Parliament Disruption) किया जा रहा है? उन्होंने तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस का मकसद कभी भी पीड़ित छात्रों के हितों की रक्षा करना या उन्हें न्याय दिलाना नहीं रहा है, बल्कि वे इस राष्ट्रीय आपदा जैसे गंभीर मुद्दे पर केवल और केवल अपनी गंदी राजनीतिक रोटियां सेकना चाहते हैं, जिसे देश की जनता भली-भांति समझ चुकी है।