CJP Protest: 24 घंटे में 4 बार बातचीत का ऑफर! CJP प्रोटेस्ट पर सरकार का बड़ा बयान

नीट परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक के मामलों को लेकर देश भर के युवाओं में भारी आक्रोश है और जंतर-मंतर सहित विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन जारी हैं।

CJP Protest

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 23, 2026

CJP Protest: देश भर के युवाओं में नीट (NEET) परीक्षा की धांधली और पेपर लीक के गंभीर आरोपों ने भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पूरी परीक्षा प्रणाली में कड़े सुधारों की मांग को लेकर शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन अब विकराल रूप ले चुका है। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर समेत देश के विभिन्न हिस्सों में छात्र और विभिन्न संगठन सड़कों पर उतर आए हैं, जिसके कारण राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था का भारी संकट खड़ा हो गया है। इस बढ़ते जनाक्रोश को शांत करने और गतिरोध को तोड़ने के लिए अब केंद्र सरकार ने संवाद का बड़ा रास्ता अपनाया है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह छात्रों के भविष्य को लेकर पूरी तरह गंभीर है और किसी भी समय बिना किसी शर्त बातचीत करने के लिए तैयार है।

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केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह की अपील; 24 घंटों में दिए गए 4 ऑफर

आंदोलनकारियों और सरकार के बीच बनी इस तनातनी को दूर करने के लिए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने आगे आकर मोर्चा संभाला है। उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों से अपील करते हुए कहा कि सरकार आपकी हर बात सुनने और इस समस्या का स्थायी समाधान खोजने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

सरकार की ओर से की गई इस पहल के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

24 घंटे में चार बार खुला आमंत्रण: केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि पिछले 24 घंटों के भीतर सरकार की तरफ से छात्रों और आंदोलनकारियों को बातचीत के लिए 4 अलग-अलग प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं।

समय और स्थान की पूरी छूट: सरकार ने साफ किया है कि छात्र जब चाहें और जितने समय के लिए चाहें, अपनी बात रख सकते हैं। बातचीत के लिए स्थान भी तय करने की पूरी छूट दी गई है, और यह बैठक स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के सरकारी आवास या उनके कार्यालय में भी आयोजित की जा सकती है।

हर मुद्दे पर खुली चर्चा: सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि परीक्षा लीक से जुड़े हर एक सवाल, व्यवस्था की कमियों और छात्रों की अन्य सभी जायज समस्याओं पर बिना किसी हिचकिचाहट के खुले मन से चर्चा की जाएगी। हालांकि, इससे पहले सोमवार को हुई शुरुआती दौर की बातचीत बेनतीजा साबित हुई थी।

पीएम मोदी का बड़ा एक्शन

इस राष्ट्रीय संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए एक बेहद कड़ा और बड़ा कदम उठाया है। पीएम मोदी ने साफ कर दिया है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलواड़ करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे।

सरकार द्वारा उठाए गए इन कड़े कदमों में शामिल हैं:

फास्ट-ट्रैक कोर्ट का गठन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर एक आधिकारिक पोस्ट साझा करते हुए ऐलान किया कि पेपर लीक और परीक्षा में धांधली जैसे गंभीर अपराधों में शामिल लोगों को जल्द से जल्द और सबसे कड़ी सजा दिलाने के लिए देश भर में विशेष ‘फास्ट-ट्रैक कोर्ट’ का गठन किया जा रहा है।

शून्य सहनशीलता की नीति: पीएम ने जोर देकर कहा कि हमारे देश के युवाओं का भविष्य और उनकी भलाई सरकार के लिए सर्वोपरि है। दोषियों को कानून के शिकंजे में कसकर ऐसी मिसाल कायम की जाएगी ताकि भविष्य में कोई भी युवाओं के सपनों से खिलवाड़ करने की हिम्मत न जुटा सके।

जंतर-मंतर पर हाई-वोल्टेज ड्रामा और प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें

दूसरी तरफ, दिल्ली के जंतर-मंतर पर स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस और उग्र प्रदर्शनकारियों के बीच हुई तीखी झड़पों के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोलों का सहारा लेना पड़ा, वहीं सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो के 16 से अधिक स्टेशनों को भी बंद करना पड़ा।

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा, परीक्षा व्यवस्था में आमूल-चूल और कड़े सुधार, तथा पेपर लीक के इस मानसिक तनाव में अपनी जान गंवाने वाले मासूम छात्रों के पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देना शामिल है। सरकार के इन तमाम प्रस्तावों के बाद अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या छात्र संगठन बातचीत की मेज पर लौटने को तैयार होते हैं या गतिरोध और लंबा खिंचेगा।

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