Zimbabwe vs Sri Lanka : टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। टूर्नामेंट से ऑस्ट्रेलिया जैसी दिग्गज टीम को बाहर करने के बाद, जिम्बाब्वे का विजय रथ अब मेजबान श्रीलंका के घर तक पहुँच गया है। कोलंबो में खेले गए ग्रुप बी के अपने आखिरी मुकाबले में जिम्बाब्वे ने श्रीलंका को हराकर न केवल मैच जीता, बल्कि सुपर-8 राउंड की शुरुआत से पहले ग्रुप की अंक तालिका में शीर्ष स्थान (नंबर 1) पर कब्जा कर लिया है। जिम्बाब्वे की इस जीत ने क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया है और साबित कर दिया है कि वे इस वर्ल्ड कप में ‘अंडरडॉग’ नहीं, बल्कि ‘चैंपियन’ की तरह खेल रहे हैं।
अंक तालिका का गणित: श्रीलंका को पछाड़कर नंबर 1 बना जिम्बाब्वे
श्रीलंका के खिलाफ इस निर्णायक मुकाबले से पहले ग्रुप बी की स्थिति काफी रोमांचक थी। श्रीलंका की टीम 3 मैचों में 6 अंकों के साथ पहले स्थान पर काबिज थी, जबकि जिम्बाब्वे 5 अंकों के साथ दूसरे पायदान पर था। लेकिन 19 फरवरी को कोलंबो के मैदान पर कहानी पूरी तरह बदल गई। श्रीलंका को मात देने के बाद अब जिम्बाब्वे के 4 मैचों में कुल 7 अंक हो गए हैं और वह आधिकारिक तौर पर ग्रुप बी का टॉपर बन गया है। वहीं, मेजबान श्रीलंका 6 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर खिसक गई है। अब दोनों टीमें सुपर-8 में प्रवेश करेंगी, लेकिन जिम्बाब्वे का आत्मविश्वास आसमान पर होगा।
ऐतिहासिक जीत और बड़े रिकॉर्ड्स: श्रीलंका के खिलाफ पहली बार सफल
जिम्बाब्वे के लिए यह जीत केवल दो अंकों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके साथ कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स भी जुड़ गए हैं। श्रीलंका ने जिम्बाब्वे के सामने जीत के लिए 179 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा था। जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों ने शानदार जज्बा दिखाते हुए इस लक्ष्य को 19.3 ओवर में 4 विकेट खोकर 184 रन बनाकर हासिल कर लिया। यह आईसीसी (ICC) के किसी भी बड़े टूर्नामेंट में श्रीलंका के खिलाफ जिम्बाब्वे की पहली जीत है। साथ ही, टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास में यह जिम्बाब्वे का दूसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज (Run Chase) भी बन गया है।
सिकंदर रजा की कप्तानी पारी और ब्रायन बेनेट का अर्धशतक
जिम्बाब्वे की इस अविश्वसनीय जीत के दो मुख्य सूत्रधार रहे—कप्तान सिकंदर रजा और युवा सलामी बल्लेबाज ब्रायन बेनेट। लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे को ब्रायन बेनेट ने ठोस शुरुआत दी। बेनेट ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन तालमेल दिखाते हुए 48 गेंदों पर 63 रनों की शानदार पारी खेली। उनके आउट होने के बाद मैच फंसता नजर आ रहा था, लेकिन कप्तान सिकंदर रजा ने मोर्चा संभाला। रजा ने श्रीलंका के गेंदबाजों पर जबरदस्त प्रहार करते हुए मात्र 26 गेंदों में 45 रनों की तूफानी पारी खेली। 173 से अधिक की स्ट्राइक रेट से खेली गई इस पारी में उन्होंने 2 चौके और 4 गगनचुंबी छक्के जड़े, जिसने श्रीलंका की हार सुनिश्चित कर दी।
सुपर-8 की चुनौती: क्या जिम्बाब्वे बनेगा वर्ल्ड चैंपियन?
ग्रुप स्टेज के अपने सभी 4 मैचों के बाद जिम्बाब्वे का प्रदर्शन यह संकेत दे रहा है कि वे इस बार खिताब के प्रबल दावेदार हैं। जिस तरह से उन्होंने पहले ऑस्ट्रेलिया और अब श्रीलंका को उनके घर में हराया है, उससे सुपर-8 की अन्य टीमों (भारत, वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका) के लिए खतरे की घंटी बज गई है। जिम्बाब्वे की टीम में अब वह गहराई और आत्मविश्वास दिख रहा है जो किसी भी बड़ी टीम को हराने के लिए पर्याप्त है। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब सुपर-8 के मुकाबलों पर टिकी हैं, जहाँ जिम्बाब्वे का सामना दुनिया की सबसे बेहतरीन टीमों से होगा।
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