Yuvraj Mehta Death Case: शोक सभा में छलका पिता का दर्द, बोले- “लापरवाही न होती, तो आज मेरा बेटा ज़िंदा होता”

उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित यूरेका पार्क सोसायटी में दिवंगत सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की शोक सभा आयोजित हुई। इस दौरान पिता राजकुमार मेहता भावुक हो उठे।

Yuvraj Mehta Death Case

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जनवरी 24, 2026

Yuvraj Mehta Death Case: उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित यूरेका पार्क सोसायटी में शनिवार को दिवंगत सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की शोक सभा का आयोजन किया गया। इस भावुक अवसर पर युवराज के पिता राजकुमार मेहता ने अपने बेटे को खोने के दर्द के साथ-साथ प्रशासनिक लापरवाही पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर समय रहते सही कदम उठाए गए होते, तो आज उनका बेटा जीवित होता।

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सोसाइटी में उमड़ा लोगों का सैलाब

शोक सभा में सोसाइटी के सैकड़ों लोग मौजूद रहे। सभी ने पुष्प अर्पित कर युवराज को श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की। इस दौरान क्षेत्रीय सांसद डॉ. महेश शर्मा और दादरी विधानसभा से विधायक तेजपाल नागर भी सभा में पहुंचे, हालांकि उन्होंने मीडिया से दूरी बनाए रखी।

पिता ने उठाए प्रशासन पर सवाल

शोक सभा के दौरान राजकुमार मेहता ने कहा कि घटना के समय प्रशासन और बचाव एजेंसियों की ओर से घोर लापरवाही बरती गई। उनके अनुसार, युवराज हादसे के बाद करीब दो घंटे तक जीवन और मृत्यु से संघर्ष करता रहा, लेकिन इस दौरान कोई प्रभावी रेस्क्यू प्रयास नहीं किया गया। उन्होंने कहा, “मेरा बेटा हिम्मत नहीं हारा था, अगर बचाव दल सक्रिय होता तो उसे बचाया जा सकता था।”

मीडिया को दिया धन्यवाद

मीडिया को दिया धन्यवाद
मीडिया को दिया धन्यवाद

राजकुमार मेहता ने मीडिया की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि जब वह अपने बेटे की मौत के बाद पूरी तरह टूट चुके थे, तब मीडिया ने उनकी आवाज को मजबूती दी। उन्होंने कहा कि मीडिया के प्रयासों से यह मामला देश और सरकार तक पहुंचा और प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़े हो सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोषियों को सख्त सजा दिलाने में मीडिया की भूमिका आगे भी अहम रहेगी।

बेटे के साहस को किया याद

अपने बेटे के साहस को याद करते हुए उन्होंने कहा कि युवराज बेहद बहादुर था। जलभराव वाले गड्ढे में गिरने के बाद भी उसने हार नहीं मानी और खुद को बचाने का पूरा प्रयास किया। राजकुमार मेहता ने भावुक होते हुए कहा कि वह युवराज को वापस तो नहीं ला सकते, लेकिन यह ज़रूर सुनिश्चित करना चाहते हैं कि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसा दर्द न झेलना पड़े।

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मुनेंद्र और सरकार का जताया आभार

राजकुमार मेहता ने उस डिलीवरी बॉय मुनेंद्र का विशेष रूप से धन्यवाद किया, जिसने बिना अपनी जान की परवाह किए नाले में उतरकर युवराज को ढूंढने और बचाने की कोशिश की। इसके साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार का भी आभार जताया, जिसने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया। उन्होंने मांग की कि किसी भी दोषी अधिकारी को बख्शा न जाए और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

न्याय की मांग

शोक सभा के अंत में राजकुमार मेहता ने दो टूक कहा कि यह लड़ाई अब सिर्फ उनके बेटे के लिए नहीं, बल्कि सिस्टम की जवाबदेही तय करने के लिए है, ताकि भविष्य में कोई और युवराज इस तरह की प्रशासनिक लापरवाही का शिकार न बने।