Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश को हरा-भरा बनाने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में योगी सरकार एक बार फिर देश का सबसे बड़ा हरित अभियान शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार (12 जुलाई) को गोरखपुर से ऐतिहासिक प्रदेशव्यापी ‘पौधरोपण महायज्ञ 2026’ का विधिवत शुभारंभ करेंगे। इस महाअभियान को गति देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैश्विक आह्वान ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जोड़ा गया है।
रविवार सुबह मुख्यमंत्री गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के समीप और आरकेबीके के पास ताल रिंग रोड के किनारे स्वयं पौधा लगाकर इस महायज्ञ की शुरुआत करेंगे। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री एक विशाल जनसभा को भी संबोधित करेंगे, जिसके जरिए वे समस्त प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए इस महाभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सेदारी करने की अपील करेंगे। इस भव्य शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। राज्य सरकार ने इस साल पूरे उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड 35 करोड़ पौधे लगाने का महालक्ष्य निर्धारित किया है।
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पवित्र त्रिवेणी और मौलश्री का रोपण करेंगे मुख्यमंत्री
शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के पास सनातन संस्कृति में परम पवित्र मानी जाने वाली त्रिवेणी (नीम, पीपल और बरगद का संयुक्त रूप) का रोपण करेंगे। इसके उपरांत, वे ताल रिंग रोड के किनारे मौलश्री का पौधा लगाएंगे। मुख्यमंत्री के कुशल मार्गदर्शन में इस वर्ष रिकॉर्ड 35 करोड़ पौधरोपण के इस महालक्ष्य को हासिल करने के लिए वन विभाग के संयोजन में राज्य के सभी जिलों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
इस विशाल लक्ष्य के अंतर्गत अकेले गोरखपुर जिले को 55 लाख 28 हजार 600 पौधे लगाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। पूरे प्रदेश में यह महाभियान कुल 27 सरकारी विभागों के आपसी तालमेल और जनसहभागिता से चलाया जा रहा है, जिसमें हमेशा की तरह सबसे बड़ी जिम्मेदारी वन विभाग के कंधों पर है।
पौधों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
गोरखपुर के प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) शुभम सिंह ने तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि जिले को मिले 55 लाख से अधिक के लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल करने के लिए सभी सरकारी पौधशालाओं (नर्सरियों) में उच्च गुणवत्तायुक्त और सेहतमंद पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है।
इस बार सरकार का जोर सिर्फ पौधा लगाने पर नहीं, बल्कि उन्हें जीवित रखने और उनके बेहतर विकास पर है। इसके लिए चिन्हित किए गए सभी रोपण स्थलों पर ‘एडवांस सॉयल वर्क’ के तहत गड्ढों की खुदाई, उपजाऊ टॉप सॉयल (ऊपरी मिट्टी) की व्यवस्था, पौधरोपण स्थलों का सुंदरीकरण और पौधों को मवेशियों व अन्य खतरों से बचाने के लिए ट्री-गार्ड व संरक्षण की आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पहले ही पूरी कर ली गई हैं।
इन 7 प्रमुख विभागों के कंधों पर होगी गोरखपुर की जिम्मेदारी
गोरखपुर जिले में कुल 27 विभागों को काम पर लगाया गया है, जिनमें से 1 लाख से अधिक पौधरोपण का बड़ा लक्ष्य 7 मुख्य विभागों को सौंपा गया है:
वन विभाग: सबसे बड़ा लक्ष्य — 19 लाख 37 हजार पौधे
ग्राम विकास विभाग: ग्रामीण क्षेत्रों में हरित पट्टी के लिए — 18 लाख 61 हजार पौधे
कृषि विभाग: खेतों और मेढ़ों पर रोपण के लिए — 5 लाख 76 हजार पौधे
उद्यान विभाग: फलदार और छायादार पौधों के लिए — 2 लाख 85 हजार पौधे
पर्यावरण विभाग: पर्यावरण संतुलन के लिए — 2 लाख 38 हजार पौधे
पंचायती राज विभाग: पंचायतों में हरियाली के लिए — 2 लाख 2 हजार पौधे
राजस्व विभाग: सरकारी भूमियों पर रोपण के लिए — 1 लाख 43 हजार पौधे
इन सभी प्रमुख विभागों के आपसी समन्वय, जिला प्रशासन की मुस्तैदी और जनता के सहयोग से गोरखपुर 55 लाख से अधिक पौधे लगाकर उत्तर प्रदेश के इस 35 करोड़ के महालक्ष्य में अपना ऐतिहासिक योगदान दर्ज कराने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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