Shankaracharya Avimukteshwaranand: रिश्तों की मर्यादा और मातृशक्ति के सम्मान पर प्रहार ने पूरे उत्तर प्रदेश में आक्रोश की अग्नि प्रज्वलित कर दी है। बिहार के एक मौलाना द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पूजनीय माता जी के विरुद्ध की गई अपमानजनक बयानबाजी ने न केवल राजनीतिक गलियारों बल्कि सामाजिक और आध्यात्मिक क्षेत्रों में भी गहरा रोष पैदा कर दिया है। इसी क्रम में, हरदोई पहुंचे ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने इस घटना की तीखी आलोचना करते हुए इसे मानवता पर कलंक बताया है।
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अविमुक्तेश्वरानंद का कड़ा रुख
बताते चले कि, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद इन दिनों अपनी ‘गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा’ के माध्यम से धर्म जागरण कर रहे हैं। काशी से शुरू हुई यह यात्रा जब सोमवार को हरदोई पहुंची, तो उन्होंने बिहार के मौलाना अब्दुल्ला सलीम के विवादित बयान को बेहद गंभीर और निंदनीय करार दिया। स्वामी जी ने भावुक स्वर में कहा कि मुख्यमंत्री की माता केवल उनकी नहीं, बल्कि समूचे राष्ट्र और समाज की मां हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी मां के प्रति कहे गए अपशब्द किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकते। यह मुद्दा अब केवल एक व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं, बल्कि भारतीय आस्था और सामाजिक मर्यादाओं के चीरहरण का प्रश्न बन गया है।
शास्त्रों में जननी की महिमा
अपनी बात को दार्शनिक और शास्त्र सम्मत आधार देते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्राचीन श्लोक “पितुः शतगुणी माता गौरवेणातिरिच्यते” का उद्धरण दिया। उन्होंने जनसमूह को समझाया कि सनातन संस्कारों में जन्म देने वाले पिता की तुलना में माता का गौरव सौ गुना अधिक और श्रेष्ठ माना गया है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जो लोग राजनीतिक द्वेष में आकर मां की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं, वे असल में स्वयं के संस्कारों और धर्म की लघुता का परिचय देते हैं। उनके अनुसार, मां को ईश्वर का प्रतिरूप मानने वाली परंपरा में ऐसी बयानबाजी एक बड़ा पाप है।
मुस्लिम समुदाय को नसीहत
शंकराचार्य ने इस संवेदनशील विषय पर मुस्लिम समाज के प्रबुद्ध वर्ग को भी संबोधित किया। उन्होंने नसीहत दी कि मुस्लिम समुदाय को अपने धर्मगुरुओं और मौलानाओं को भाषाई मर्यादा और सभ्यता का पाठ पढ़ाना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि जब इस्लाम में भी माता का स्थान सर्वोच्च बताया गया है, तो फिर इस तरह की अशोभनीय और ओछी हरकतें क्यों की जा रही हैं? उन्होंने प्रशासन से मांग की कि समाज में शांति और भाईचारा बनाए रखने के लिए ऐसे उन्मादी तत्वों पर कठोरतम विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी रिश्तों की सीमा लांघने का दुस्साहस न करे।
कानूनी कार्रवाई का चक्रव्यूह
यह विवाद अब एक गंभीर कानूनी लड़ाई में तब्दील हो चुका है। मुख्यमंत्री की माता के विरुद्ध की गई टिप्पणी के बाद प्रदेश भर के थानों में शिकायतों की बाढ़ आ गई है। नवीनतम जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में आरोपी मौलाना के खिलाफ 83 प्राथमिकियां (FIR) दर्ज की जा चुकी हैं। आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने और जन-आक्रोश को देखते हुए प्रशासन ने उस पर 21 लाख रुपये का भारी-भरकम इनाम भी घोषित किया है। पुलिस की विशेष टीमें आरोपी की तलाश में जुटी हैं, जिससे यह स्पष्ट संदेश गया है कि मातृशक्ति का अपमान करने वालों को कानून के शिकंजे से बचने नहीं दिया जाएगा।
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