Jantar Mantar Protest: शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को राहत? केस दर्ज नहीं करने पर केंद्र सरकार का विचार

जंतर मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ केस दर्ज नहीं करने के विकल्प पर सकारात्मक संकेत दिए हैं। इस फैसले से आंदोलनकारियों को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी है। आखिर सरकार का अंतिम निर्णय क्या होगा और प्रदर्शन की आगे की दिशा क्या होगी? जानिए पूरी खबर।

Jantar Mantar Protest

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 24, 2026

Jantar Mantar Protest:  NEET परीक्षा और कथित पेपर लीक मामले को लेकर जारी आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने कुछ महत्वपूर्ण संकेत दिए हैं। सरकार ने कहा है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने वाले छात्रों और 20 जुलाई को संसद मार्च में शामिल प्रतिभागियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया जा रहा है। सरकार का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वालों के मामलों पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाएगा। इस आश्वासन के बाद आंदोलन से जुड़े कई पक्षों ने इसे महत्वपूर्ण कदम माना है।

परीक्षा सुधारों पर संसद में होगी विस्तृत चर्चा

केंद्र सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और कथित पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा कराई जाएगी। सरकार का उद्देश्य केवल मौजूदा विवाद का समाधान निकालना नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में आवश्यक सुधारों पर भी विचार करना है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस चर्चा के दौरान विभिन्न पक्षों के सुझावों को भी महत्व दिया जाएगा।

पीड़ित परिवारों को मुआवजे पर विचार

सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि कथित NEET पेपर लीक प्रकरण से जुड़े उन छात्रों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने के प्रस्ताव पर सकारात्मक रूप से विचार किया जा रहा है, जिन्होंने इस मामले से जुड़े तनाव के बीच अपने प्रियजनों को खोया है। हालांकि मुआवजे को लेकर अंतिम निर्णय संबंधित प्रक्रियाओं और विचार-विमर्श के बाद ही लिया जाएगा। सरकार का कहना है कि प्रभावित परिवारों की परिस्थितियों को गंभीरता से देखा जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों को दिया संदेश

पेपर लीक विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के छात्रों के लिए एक वीडियो संदेश जारी किया। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और किसी भी स्थिति में उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ठोस कदम उठा रही है।

पेपर लीक पर सख्त कानून की तैयारी

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि सरकार पेपर लीक की घटनाओं से निपटने के लिए एक विशेष और कठोर कानून लाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि इस कानून का मसौदा मंत्रिमंडल की बैठक में रखा जाएगा और मंजूरी मिलने के बाद इसे संसद में प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य ऐसा कानूनी ढांचा तैयार करना है, जिससे भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो।

कैबिनेट मंजूरी के बाद संसद में आएगा विधेयक

प्रधानमंत्री ने संकेत दिया कि यदि मंत्रिमंडल से प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो अगले सप्ताह संसद में इसे पारित कराने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए मजबूत कानूनी व्यवस्था आवश्यक है। इस प्रस्तावित कानून में कथित पेपर लीक से जुड़े मामलों में कठोर दंड और त्वरित कार्रवाई जैसे प्रावधान शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

सोनम वांगचुक ने समाप्त किया अनशन

सरकार की ओर से मिले आश्वासनों के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त कर दिया। वे 28 जून से इस मुद्दे को लेकर भूख हड़ताल पर थे। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में उन्होंने अपना उपवास समाप्त करने की घोषणा की। लंबे समय से चल रहे इस अनशन का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में सुधार और छात्रों की मांगों को सरकार तक पहुंचाना था।

सरकार ने मांगों पर गंभीरता से विचार का भरोसा दिया

बैठक के दौरान केंद्र सरकार ने वांगचुक को भरोसा दिलाया कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने वाले छात्रों के मामलों पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया जाएगा। इसके साथ ही सरकार ने यह भी आश्वासन दिया कि आंदोलन के दौरान उठाई गई प्रमुख मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। सरकार का कहना है कि छात्रों की चिंताओं को समझते हुए आवश्यक सुधारों की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता पर टिकी निगाहें

NEET पेपर लीक विवाद के बाद परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। छात्रों, अभिभावकों और विभिन्न संगठनों की निगाहें अब सरकार की आगामी कार्रवाई, संसद में होने वाली चर्चा और प्रस्तावित कानून पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में लिए जाने वाले फैसले यह तय करेंगे कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता को और मजबूत बनाने के लिए कौन-कौन से ठोस कदम उठाए जाते हैं।

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