UP News: सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधि-विधान से किया महानिशा पूजन और हवन, जगत कल्याण की प्रार्थना

महाष्टमी की रात गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष महानिशा पूजन और हवन किया। दो घंटे से अधिक चले अनुष्ठान में वैदिक मंत्रों के साथ कई देवी-देवताओं की आराधना हुई। पूजा के अंतिम चरण में सीएम योगी ने मां आदिशक्ति से प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और जगत कल्याण की प्रार्थना की।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधि-विधान से किया महानिशा पूजन और हवन

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अक्टूबर 19, 2026

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UP News: शारदीय नवरात्र की महाष्टमी तिथि पर गोरक्षपीठाधीश्वर और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार रात गोरखनाथ मंदिर में विधि-विधान से महानिशा पूजन और हवन किया। गोरक्षपीठ की विशिष्ट परंपरा के अनुसार यह अनुष्ठान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री ने जगतजननी मां आदिशक्ति के अष्टम स्वरूप मां महागौरी की आराधना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और पूरे संसार के कल्याण की कामना की।

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बाबा गोरखनाथ के दर्शन के बाद शुरू हुए धार्मिक अनुष्ठान

रविवार को गोरखपुर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीधे गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने सबसे पहले शिवावतार बाबा गोरखनाथ के मुख्य मंदिर में विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया। इसके बाद अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर शीश नवाकर उनका आशीर्वाद लिया। देर शाम से शुरू हुई धार्मिक गतिविधियों के दौरान मुख्यमंत्री महानिशा पूजन में शामिल हुए। यह अनुष्ठान गोरक्षपीठ की पारंपरिक पूजा पद्धति के अनुसार आयोजित किया गया।

वैदिक मंत्रों और जयकारों से गूंज उठा शक्तिपीठ

वैदिक मंत्रों और जयकारों से गूंज उठा शक्तिपीठ
वैदिक मंत्रों और जयकारों से गूंज उठा शक्तिपीठ

गोरखनाथ मंदिर स्थित शक्तिपीठ में महानिशा पूजा का अनुष्ठान गोरक्षपीठाधीश्वर के नेतृत्व में प्रारंभ हुआ। मुख्यमंत्री के गर्भगृह में प्रवेश करते ही पूरा परिसर वैदिक मंत्रोच्चार और मां भगवती के जयकारों से गूंज उठा। दो घंटे से अधिक समय तक चले इस धार्मिक अनुष्ठान में विभिन्न देवी-देवताओं का पूजन किया गया। श्रद्धा और पारंपरिक विधियों के साथ संपन्न इस कार्यक्रम में मंदिर परिसर का वातावरण भक्तिमय बना रहा।

गौरी-गणेश से लेकर नवग्रह और शिव-शक्ति की आराधना

महानिशा पूजन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गौरी-गणेश पूजन, वरुण पूजन, पीठ पूजन, यंत्र पूजन और मां दुर्गा की विधिवत आराधना की। इसके साथ ही भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण का षोडशोपचार पूजन किया गया। भगवान कृष्ण, गोमाता, नवग्रह, बिल्व और अधिष्ठात्री देवताओं की भी पूजा की गई। अनुष्ठान में शस्त्र पूजन, द्वादश ज्योतिर्लिंग, अर्धनारीश्वर, शिव-शक्ति, बटुक भैरव, काल भैरव और त्रिशूल पर्वत का पूजन भी शामिल रहा।

हवन कर मां दुर्गा से मांगा जगत कल्याण का आशीर्वाद

पूजन के दौरान हवन वेदी पर ब्रह्मा, विष्णु, रुद्र और अग्नि देवता का आह्वान कर विधिवत पूजा की गई। इसके बाद शक्तिपीठ में स्थापित वेदी पर उगे जौ के पौधों को काटने की परंपरा का निर्वहन किया गया। मुख्यमंत्री ने आदिशक्ति मां दुर्गा से प्रदेश के नागरिकों के सुखमय जीवन और समस्त चराचर जगत के कल्याण की प्रार्थना की। श्रीदुर्गासप्तशती के पाठ और वैदिक मंत्रों के बीच हवन के साथ महानिशा पूजा संपन्न हुई।

आरती और प्रसाद वितरण के साथ पूरा हुआ अनुष्ठान

आरती और प्रसाद वितरण के साथ पूरा हुआ अनुष्ठान
आरती और प्रसाद वितरण के साथ पूरा हुआ अनुष्ठान

महानिशा पूजन के अंतिम चरण में आरती की गई और क्षमा याचना के साथ धार्मिक अनुष्ठान पूर्ण हुआ। इसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में बड़ी संख्या में भक्त मौजूद रहे। महाष्टमी के अवसर पर आयोजित इस विशेष पूजा में गोरक्षपीठ की धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया गया। मुख्यमंत्री ने मां आदिशक्ति से प्रदेशवासियों की खुशहाली, सुख-समृद्धि और व्यापक जनकल्याण की कामना की।