World Malaria Day 2026: बदलते मौसम में बढ़ा मलेरिया का खतरा, जानें बचाव और लक्षण

बदलते मौसम के साथ मलेरिया का खतरा तेजी से बढ़ रहा है और हल्के लक्षणों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है, क्या आप जानते हैं इसके शुरुआती संकेत और बचाव के सही तरीके, अगर नहीं तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी हो सकती है

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अप्रैल 25, 2026

World Malaria Day 2026: हर साल 25 अप्रैल को World Malaria Day मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करना है। अक्सर लोग मौसम बदलने के दौरान होने वाले हल्के बुखार, ठंड लगना या कमजोरी को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही शुरुआती संकेत मलेरिया के भी हो सकते हैं। समय रहते इन लक्षणों की पहचान न होने पर यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है।

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मलेरिया क्या है और कैसे फैलता है?

Malaria एक संक्रामक बीमारी है, जो मादा Anopheles mosquito के काटने से फैलती है। इस बीमारी में तेज बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। कई बार यह बीमारी धीरे-धीरे शुरू होती है और मरीज को शुरुआत में इसका अंदाजा भी नहीं लग पाता।

हल्के बुखार को समझने की भूल

मलेरिया का सबसे बड़ा खतरा यह है कि इसके शुरुआती लक्षण बेहद सामान्य लगते हैं। आमतौर पर लोग हल्के बुखार और ठंड लगने को सामान्य वायरल या फ्लू मान लेते हैं। डॉक्टरों के अनुसार, मलेरिया में बुखार एक खास पैटर्न में आता-जाता रहता है, जो इसे साधारण बुखार से अलग बनाता है। लेकिन इस अंतर को समझ पाना हर किसी के लिए आसान नहीं होता, जिससे बीमारी को पहचानने में देरी हो जाती है।

शरीर में दिखने वाले अन्य संकेत

शरीर में दिखने वाले अन्य संकेत
शरीर में दिखने वाले अन्य संकेत

मलेरिया के लक्षण केवल बुखार तक सीमित नहीं होते। इस दौरान शरीर में हल्का-हल्का दर्द बना रहता है, खासकर हाथ-पैर और पीठ में। मरीज को जल्दी थकान महसूस होती है और छोटे-छोटे काम भी मुश्किल लगने लगते हैं। इसके अलावा पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे मितली, पेट दर्द, भूख न लगना भी देखने को मिल सकती हैं। कुछ मामलों में आंखों का रंग पीला पड़ जाता है और पेशाब का रंग गहरा हो जाता है, जो शरीर में संक्रमण के बढ़ने का संकेत हो सकता है।

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जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव

हालांकि मलेरिया कोई नई बीमारी नहीं है, लेकिन आज भी यह एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनी हुई है। भारत में इसके मामलों में कमी जरूर आई है, फिर भी मौसम बदलने के दौरान इसके केस बढ़ जाते हैं। ऐसे समय में लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होती है।

बचाव के उपाय

मलेरिया से बचने के लिए मच्छरों से दूरी बनाना बेहद जरूरी है। इसके लिए मच्छर भगाने वाली दवाओं का इस्तेमाल, मच्छरदानी का उपयोग और पूरी बाजू के कपड़े पहनना प्रभावी उपाय हैं। इसके साथ ही घर और आसपास पानी जमा न होने देना भी जरूरी है, क्योंकि यही मच्छरों के पनपने का मुख्य कारण होता है।

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