Women Reservation Bill: महिला आरक्षण बिल पर सियासी घमासान, उपेंद्र कुशवाहा का बड़ा ऐलान

उपेंद्र कुशवाहा ने महिला आरक्षण विधेयक के गिरने पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने इस बिल का विरोध कर देश की आधी आबादी को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित किया है।

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अप्रैल 18, 2026

Women Reservation Bill: लोकसभा में महिला आरक्षण बिल (131वां संविधान संशोधन) के पारित न हो पाने के बाद एनडीए के सहयोगी दल विपक्ष के खिलाफ बेहद हमलावर हो गए हैं। बिहार की राजनीति के दो प्रमुख चेहरे— उपेंद्र कुशवाहा और संतोष सुमन— ने कांग्रेस समेत पूरे ‘इंडिया’ (I.N.D.I.A.) गठबंधन पर महिलाओं के अधिकार छीनने का गंभीर आरोप लगाया है। जहां उपेंद्र कुशवाहा ने इसे लेकर अब सीधे जनता के बीच जाने का ऐलान किया है, वहीं जीतन राम मांझी की पार्टी ‘हम’ (HAM) ने इसे विपक्ष की नैतिक हार बताया है।

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उपेंद्र कुशवाहा का बड़ा कदम

राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के प्रमुख और सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने विपक्ष के इस रुख को ‘कुकृत्य’ करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे को दबने नहीं देंगे। कुशवाहा ने घोषणा की है कि वह जल्द ही एक विशेष कार्यक्रम बनाएंगे जिसके जरिए वह जनता के बीच जाएंगे और लोगों को बताएंगे कि कैसे कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में जाने से रोका है।

सीटों के नुकसान का दावा: कुशवाहा ने तर्क दिया कि यदि विपक्ष सहयोग करता, तो संसद में सीटों की संख्या डेढ़ गुना बढ़ जाती, जिनमें से 33% सीटों पर केवल महिलाएं ही काबिज होतीं। उनके अनुसार, विपक्ष ने इस ऐतिहासिक अवसर को रोककर अपना ‘महिला विरोधी’ चेहरा उजागर कर दिया है।

ओबीसी आरक्षण और जातीय गणना पर सफाई

विपक्ष द्वारा ओबीसी कोटे की मांग पर पलटवार करते हुए उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि उनकी पार्टी हमेशा से ओबीसी आरक्षण की समर्थक रही है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रियाधीन जातीय गणना के बाद ही तार्किक रूप से संभव हो पाएगा। उन्होंने याद दिलाया कि वर्तमान विधेयक में एससी/एसटी महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान इसलिए था क्योंकि इन वर्गों के लिए व्यवस्था पहले से मौजूद है।

संतोष सुमन का तीखा हमला: “बिल नहीं, विपक्ष की इज्जत गिरी है”

हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के नेता और जीतन राम मांझी के बेटे संतोष सुमन ने भी विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक कानूनी दस्तावेज का गिरना नहीं है, बल्कि करोड़ों महिलाओं के भरोसे का टूटना है। सुमन ने कहा कि विपक्ष की प्राथमिकता महिलाओं का सशक्तिकरण नहीं, बल्कि अपनी ‘राजनीतिक रोटियां’ सेकना है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी देश प्रगति की ओर कदम बढ़ाता है, विपक्ष उसमें बाधा डालता है।

गांधी और लालू परिवार पर निशाना: उन्होंने सीधा हमला बोलते हुए कहा कि गांधी परिवार और लालू परिवार को इस पर आत्ममंथन करना चाहिए। उनके अनुसार, देश की माताओं और बहनों की नजरों में अब विपक्ष का सम्मान पूरी तरह खत्म हो चुका है।

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