Women Reservation Bill : मोदी सरकार जुलाई में लाने जा रही बड़ा कानून, केंद्रीय मंत्री ने किया खुलासा

महिला आरक्षण बिल को लेकर एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री के हालिया बयान ने नए कानून की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं बढ़ा दी हैं। जुलाई में सरकार कोई बड़ा कदम उठा सकती है। आखिर क्या है पूरा मामला और किसे मिलेगा फायदा, जानिए पूरी रिपोर्ट।

Women Reservation Bill

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 18, 2026

Women Reservation Bill : केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण बयान देकर राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। उन्होंने दावा किया कि अगले महीने यानी जुलाई के तीसरे सप्ताह में शुरू होने वाले संसद सत्र के दौरान मोदी सरकार ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (महिला आरक्षण) से संबंधित परिसीमन बिल को पारित कराने की दिशा में बड़ा कदम उठा सकती है। अठावले ने पूर्ण विश्वास जताते हुए कहा कि इस बार सरकार के पास पर्याप्त समर्थन है और परिसीमन बिल को संसद में दो-तिहाई बहुमत के साथ पारित कराया जा सकता है। मंत्री के अनुसार, देश की जनता का स्पष्ट मानना है कि विकास के लिए सरकार के इन महत्वपूर्ण निर्णयों का समर्थन किया जाना चाहिए।

विपक्षी दलों में टूट और एनडीए की बढ़ती ताकत

विपक्ष में मची भगदड़ पर बात करते हुए अठावले ने कहा कि विपक्षी दलों के सांसदों का एनडीए (NDA) के साथ जुड़ना यह दर्शाता है कि नेता अब मोदी सरकार की नीतियों पर भरोसा कर रहे हैं। उन्होंने उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) का उदाहरण देते हुए बताया कि किस प्रकार उनके नौ में से छह सांसद एकनाथ शिंदे के खेमे में शामिल हो गए, जिससे महाराष्ट्र में एनडीए और महायुति गठबंधन और भी अधिक सशक्त हुआ है। अठावले ने आगे दावा किया कि केवल शिवसेना ही नहीं, बल्कि ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के भी कई सांसद एनडीए के संपर्क में हैं और साथ जुड़ रहे हैं।

आम आदमी पार्टी पर अठावले का बड़ा दावा

केंद्रीय मंत्री ने आगामी समय के लिए एक और चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) के भी कुछ लोकसभा सांसद जल्द ही एनडीए का हिस्सा बन सकते हैं। अठावले ने तर्क दिया कि आम आदमी पार्टी के कई राज्यसभा सांसद पहले ही एनडीए के पाले में आ चुके हैं, और अब लोकसभा सांसदों के आने का सिलसिला शुरू हो सकता है। इसके अलावा, उन्होंने डीएमके (DMK) द्वारा कांग्रेस से गठबंधन तोड़ने का उल्लेख करते हुए इसे विपक्षी एकता के लिए बड़ा झटका बताया। उनके बयानों से ऐसा संकेत मिल रहा है कि आने वाले दिनों में विपक्ष का कुनबा और भी छोटा हो सकता है।

उद्धव ठाकरे की 2019 की ‘गलती’ और सत्ता का खोया मौका

शिवसेना (UBT) के टूटने पर चर्चा करते हुए अठावले ने उद्धव ठाकरे पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि 2019 में उद्धव ठाकरे द्वारा की गई गलतियों का परिणाम आज उनके सामने है। अठावले के अनुसार, उस समय मुख्यमंत्री पद की जिद में उन्होंने देवेंद्र फडणवीस का समर्थन करने के बजाय एनसीपी और कांग्रेस के साथ हाथ मिला लिया था। केंद्रीय मंत्री का मानना है कि यदि उद्धव ठाकरे ने उस समय सही निर्णय लिया होता, तो वह गठबंधन सरकार में उपमुख्यमंत्री का पद संभाल सकते थे और अपनी पार्टी के विधायकों व सांसदों को टूटने से बचा सकते थे।

परिसीमन बिल और बढ़ती राजनीतिक अटकलें

विपक्ष लगातार यह आरोप लगाता रहा है कि सत्ता पक्ष जानबूझकर विपक्षी सांसदों को तोड़ रहा है ताकि परिसीमन बिल जैसी बड़ी विधायी बाधाओं को आसानी से पार किया जा सके। अठावले के इस ताजा बयान ने विपक्षी खेमे में इन अटकलों को और तेज कर दिया है कि सरकार का आगामी संसद सत्र का एजेंडा अत्यंत आक्रामक होने वाला है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि जुलाई के सत्र में परिसीमन बिल आता है, तो यह देश की आगामी चुनावी रूपरेखा को पूरी तरह बदल सकता है। फिलहाल, अठावले के दावों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि एनडीए सरकार अपनी विधायी प्राथमिकताओं को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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