Riyadh Houthi Attack : मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच शनिवार को क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए। सऊदी अरब ने बताया कि यमन के हूती विद्रोहियों ने राजधानी रियाद को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइल दागी, जिसे सऊदी वायु रक्षा प्रणाली ने हवा में ही इंटरसेप्ट कर दिया। घटना के दौरान रियाद में धमाकों की आवाज सुनाई दी और एयरपोर्ट के आसपास धुआं दिखाई दिया। अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
रियाद पर मिसाइल हमले की कोशिश हुई नाकाम
सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, रियाद को निशाना बनाकर दागी गई मिसाइल को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया। इसके बाद राजधानी में सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया। रियाद के अलावा सऊदी अरब के अन्य क्षेत्रों को भी मिसाइल और ड्रोन हमलों से निशाना बनाने की कोशिश की गई। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कई हमलों को विफल करने का दावा किया है।

हूती संगठन ने कई ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने दावा किया कि संगठन ने रियाद में संवेदनशील और महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया। हूतियों ने यानबू स्थित सऊदी अरामको से जुड़े प्रतिष्ठानों पर भी हमले का दावा किया। संगठन के अनुसार, इन अभियानों में मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, हूतियों द्वारा बताए गए सभी लक्ष्यों पर हुए नुकसान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ईरान ने अमेरिका को भेजीं युद्ध खत्म करने की शर्तें
रियाद पर हमले के बीच ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत का रास्ता खुला रखने का संकेत दिया है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रेजाई के मुताबिक, कतर के मध्यस्थों के जरिए तेहरान की शर्तें वाशिंगटन तक पहुंचाई गई हैं। उन्होंने कहा कि ईरान अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जवाब का इंतजार कर रहा है।
युद्धविराम और जमी हुई संपत्तियां बनीं प्रमुख मांग
रेजाई के सार्वजनिक बयान के अनुसार, ईरान की प्रमुख शर्तों में सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करना, विदेशों में जमी ईरानी संपत्तियों को जारी करना और अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी समाप्त करना शामिल है। कुछ रिपोर्टों ने इन मांगों को सात शर्तों वाले व्यापक प्रस्ताव का हिस्सा बताया है, जबकि ईरानी सुरक्षा प्रमुख ने सार्वजनिक रूप से इन तीन प्रमुख मांगों को स्पष्ट किया है।

शर्तें अस्वीकार होने पर कड़े रुख का संकेत
ईरानी अधिकारी ने बातचीत की संभावना के साथ सैन्य विकल्प की चेतावनी भी दी। रेजाई ने कहा कि अगर अमेरिका तेहरान की शर्तों को स्वीकार नहीं करता है, तो ईरान निर्णायक युद्ध के लिए तैयार है। उनके बयान से संकेत मिलता है कि ईरान एक तरफ मध्यस्थों के जरिए कूटनीतिक संपर्क बनाए रखना चाहता है, जबकि दूसरी तरफ सैन्य दबाव के बीच अपनी स्थिति भी स्पष्ट कर रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी नजर
मध्य पूर्व के मौजूदा संकट का असर समुद्री मार्गों पर भी पड़ रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल और वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही को लेकर तनाव

बना हुआ है। पाकिस्तान और ईरान के अधिकारियों के बीच भी क्षेत्रीय सुरक्षा तथा समुद्री आवाजाही जैसे मुद्दों पर बातचीत जारी है। इस स्थिति के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर संभावित असर को लेकर चिंता बनी हुई है।
गाजा और लेबनान में भी जारी सैन्य कार्रवाई
इसी दौरान गाजा और दक्षिणी लेबनान में भी सैन्य गतिविधियां जारी रहीं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, गाजा में इजराइली हमलों में तीन लोगों की मौत हुई। इजराइल का कहना है कि उसके अभियानों में हमास से जुड़े सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। दक्षिणी लेबनान में भी इजराइली सेना और हिजबुल्लाह के बीच तनाव बना हुआ है।
कूटनीतिक प्रयासों पर टिकी दुनिया की नजर
रियाद पर हूती हमले की कोशिश, ईरान की अमेरिका के सामने रखी शर्तें और गाजा-लेबनान में जारी सैन्य कार्रवाई ने मध्य पूर्व के संकट को और जटिल बना दिया है। कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका के बीच अब निगाहें अमेरिका की प्रतिक्रिया पर हैं। साथ ही, होर्मुज और लाल सागर जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा तथा ऊर्जा आपूर्ति पर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर बनी हुई है।
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