इस साल कर्तव्य पथ पर क्यों नहीं दिखेगा बिहार?

पटना 26 जनवरी को होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह में इस बार कर्तव्य पथ पर बिहार की झांकी नजर नहीं आएगी। दिल्ली में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय परेड के लिए बिहार को झांकी नहीं पेश की जाएगी। जानकारी के अनुसार, झांकी चयन को लेकर पिछले कुछ वर्षों में विवाद बढ़ने के बाद रक्षा मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नई रोटेशन नीति लागू की है। इस नीति के तहत हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश को तीन साल में कम से कम एक बार झांकी दिखाने का अवसर दिया जाएगा।  इसी रोटेशन नीति के चलते इस बार

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Published On :

जनवरी 22, 2026

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पटना

26 जनवरी को होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह में इस बार कर्तव्य पथ पर बिहार की झांकी नजर नहीं आएगी। दिल्ली में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय परेड के लिए बिहार को झांकी नहीं पेश की जाएगी।

जानकारी के अनुसार, झांकी चयन को लेकर पिछले कुछ वर्षों में विवाद बढ़ने के बाद रक्षा मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नई रोटेशन नीति लागू की है। इस नीति के तहत हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश को तीन साल में कम से कम एक बार झांकी दिखाने का अवसर दिया जाएगा।  इसी रोटेशन नीति के चलते इस बार बिहार को झांकी की सूची में शामिल नहीं किया गया है, क्योंकि राज्य हाल के वर्षों में अपनी झांकी प्रस्तुत कर चुका है।

इस बार 30 झांकियां, आत्मनिर्भर भारत थीम पर परेड

इस साल गणतंत्र दिवस परेड में कुल 30 झांकियां शामिल होंगी। झांकियों की मुख्य थीम ‘आत्मनिर्भर भारत’ रखी गई है। इसके साथ ही वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने की झलक भी झांकियों के माध्यम से दिखाई जाएगी। झांकियां देश की एकता, आत्मनिर्भरता और समावेशी विकास को दर्शाएंगी।

इन राज्यों और मंत्रालयों की झांकियां रहेंगी आकर्षण का केंन्द्र

इस वर्ष जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां परेड में शामिल होंगी, उनमें असम, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, केरल, महाराष्ट्र, मणिपुर, नगालैंड, ओडिशा, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और पंजाब शामिल हैं। राज्यों के अलावा कई केंद्रीय मंत्रालय और विभाग भी अपनी झांकियां पेश करेंगे। इनमें सेना, वायु सेना, नौसेना, संस्कृति मंत्रालय, आयुष मंत्रालय, गृह मंत्रालय, शिक्षा विभाग, पंचायती राज मंत्रालय, विद्युत मंत्रालय और कौशल विकास मंत्रालय शामिल हैं।

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