West Bengal Politics: TMC को पश्चिम बंगाल में बड़ा झटका, बेनजीर नूर ने कांग्रेस को जॉइन किया

क्या मालदा के सुल्तान रहे गनी खान चौधरी का किला फिर से कांग्रेस के पास लौट रहा है? टीएमसी की राज्यसभा सांसद मौसम बेनजीर नूर ने ऐन चुनाव से पहले ममता बनर्जी का साथ छोड़कर सबको चौंका दिया है। आखिर क्या थी वह मजबूरी या रणनीति, जिसने उन्हें 'अबार जीतबे बांग्ला' के बीच पुरानी पार्टी में लौटने पर मजबूर किया?

West Bengal Politics

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 3, 2026

West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) की राज्यसभा सांसद बेनजीर नूर ने पार्टी से इस्तीफा देकर कांग्रेस का दामन थाम लिया। यह कदम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले ममता बनर्जी की पार्टी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। बेनजीर नूर ने कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के बाद कहा, “मैं कांग्रेस पार्टी को उनके साथ फिर से काम करने का मौका देने के लिए धन्यवाद देती हूं। मैंने पहले ही तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है और अपना इस्तीफा ममता दीदी को सौंप दिया है।”

West Bengal Politics: बेनजीर नूर ने कांग्रेस जॉइन करने के बाद दी सफाई

बेनजीर नूर ने अपनी पार्टी बदलने के निर्णय पर साफ तौर पर कहा कि वह सोमवार को राज्यसभा से भी इस्तीफा देंगी। उन्होंने कहा, “अब से मैं कांग्रेस में शामिल हो गई हूं, और मैं पार्टी को बंगाल में मजबूत करने के लिए पूरी मेहनत करूंगी। बंगाल और मालदा के लोग कांग्रेस में विश्वास रखते हैं। वे कांग्रेस की धर्मनिरपेक्षता, विकास और शांति की विचारधाराओं में विश्वास करते हैं।” नूर का यह बयान उनके राजनीतिक निर्णय का स्पष्ट संकेत है, जिसमें उन्होंने कांग्रेस के दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी।

West Bengal Politics: कांग्रेस मुख्यालय में हुई बेनजीर नूर की औपचारिक सदस्यता

बेनजीर नूर ने कांग्रेस पार्टी में औपचारिक रूप से शामिल होने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस मौके पर पार्टी के प्रमुख नेता जयराम रमेश, पश्चिम बंगाल प्रभारी गुलाम अहमद मीर और प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष शुभंकर सरकार भी मौजूद थे। कांग्रेस मुख्यालय में हुई इस सदस्यता ग्रहण समारोह में नूर ने अपनी पार्टी बदलाव की वजह को स्पष्ट किया। उनका कहना था कि कांग्रेस के साथ जुड़ने से वह बंगाल में लोगों की सेवा बेहतर तरीके से कर सकेंगी।

राज्यसभा में इस्तीफा देने की योजना

बेनजीर नूर का राज्यसभा का कार्यकाल इसी साल अप्रैल में समाप्त हो रहा है। हालांकि, उन्होंने पहले ही तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा देने का निर्णय लिया था। उनका कांग्रेस में शामिल होने का कदम पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण है, खासकर जब राज्य में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। नूर के इस्तीफे और पार्टी बदलाव को लेकर राज्यसभा में भी हलचल मचने की संभावना है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मालदा से चुनाव लड़ने की संभावना

बेनजीर नूर के कांग्रेस में शामिल होने के बाद, यह संभावना जताई जा रही है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव में मालदा से चुनाव लड़ सकती हैं। मालदा में कांग्रेस पार्टी के लिए उनकी एक मजबूत पहचान है, क्योंकि वह 2009 से 2019 तक दो बार लोकसभा सदस्य रह चुकी हैं। उनका नाम अब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मालदा सीट के लिए चर्चा में है, और पार्टी की रणनीति के तहत उन्हें एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर मिल सकता है।

कांग्रेस और TMC के बीच राजनीतिक समीकरण में बदलाव

बेनजीर नूर का कांग्रेस में शामिल होना पश्चिम बंगाल की राजनीति में समीकरणों को नया रूप दे सकता है। तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के बीच पहले ही मतभेदों की स्थिति बनी हुई थी, और नूर का कांग्रेस में शामिल होना इस राजनीतिक दरार को और गहरा सकता है। आगामी विधानसभा चुनावों में इस कदम के दूरगामी प्रभावों का भी पता चलेगा, खासकर कांग्रेस और TMC के बीच नए सिरे से शक्ति संघर्ष की संभावना को देखते हुए।

बेनजीर नूर का TMC से इस्तीफा और कांग्रेस में शामिल होना पश्चिम बंगाल में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटना है। उनका कदम तृणमूल कांग्रेस के लिए चिंता का विषय हो सकता है, जबकि कांग्रेस के लिए यह एक बड़ी जीत साबित हो सकती है, विशेष रूप से आगामी विधानसभा चुनावों के संदर्भ में।

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