Patanjali Ghee Controversy : पतंजलि घी विवाद में बृजभूषण का बड़ा बयान, सजा हुई तो जमानत नहीं लेंगे

पतंजलि फूड्स के 50 करोड़ रुपये के मानहानि मामले के बीच पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर अदालत उन्हें सजा देकर जेल भेजती है तो वह जमानत नहीं लेंगे। मामला पतंजलि के घी को लेकर उनकी सार्वजनिक टिप्पणियों से जुड़ा है।

Patanjali Ghee Controversy

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 18, 2026

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Patanjali Ghee Controversy : पतंजलि घी को लेकर चल रहे विवाद के बीच कैसरगंज के पूर्व बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने एक बार फिर योग गुरु बाबा रामदेव और पतंजलि फूड्स पर निशाना साधा है। हालिया बयान में उन्होंने कहा कि यदि अदालत इस मामले में उन्हें दोषी ठहराकर जेल भेजती है, तो वह जमानत के लिए आवेदन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि वह खाद्य पदार्थों में कथित मिलावट के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के मुद्दे पर जेल जाने से पीछे नहीं हटेंगे।

50 करोड़ रुपये का मानहानि मामला

दरअसल, पतंजलि फूड्स लिमिटेड ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ 50 करोड़ रुपये का मानहानि मुकदमा दायर किया है। यह मामला पतंजलि के घी की गुणवत्ता को लेकर पूर्व सांसद की ओर से सार्वजनिक रूप से दिए गए बयानों से जुड़ा बताया गया है। कंपनी की ओर से आरोप लगाया गया है कि इन टिप्पणियों से उसकी ब्रांड छवि और कारोबारी हितों को नुकसान पहुंचा। मामला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में विचाराधीन है।

अदालत में चल रही है मामले की सुनवाई

मानहानि मामले की सुनवाई के दौरान बृजभूषण शरण सिंह की ओर से उनके वकील ने अदालत में वकालतनामा पेश किया और जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा था। रिपोर्टों के अनुसार, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर के लिए तय की है। ऐसे में अदालत की आगे की कार्रवाई पर दोनों पक्षों की नजर बनी हुई है।

घी की कीमत को लेकर बृजभूषण का तर्क

बृजभूषण शरण सिंह ने अपने बयान में घी की कीमत और उत्पादन लागत का गणित भी सामने रखा। उनका कहना है कि करीब 30 किलो दूध से लगभग एक किलो घी तैयार होता है और यदि दूध की कीमत 30 रुपये प्रति किलो मानी जाए, तो केवल दूध की लागत करीब 900 रुपये बैठती है। इसी आधार पर उन्होंने कम कीमत में मिलने वाले शुद्ध घी की कीमत पर सवाल उठाया।

पतंजलि के घी की गुणवत्ता पर लगाए आरोप

पूर्व सांसद ने पतंजलि के घी को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कंपनी के उत्पादों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए मिलावट का आरोप लगाया और दावा किया कि विदेशों से आने वाले रिफाइंड पदार्थों का इस्तेमाल खाद्य उत्पादों में किया जा रहा है। हालांकि, ये बृजभूषण शरण सिंह के आरोप हैं और इन दावों की पुष्टि अदालत के अंतिम निर्णय के रूप में नहीं हुई है।

2022 से जारी है घी को लेकर विवाद

पतंजलि और बृजभूषण शरण सिंह के बीच यह विवाद नया नहीं है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वर्ष 2022 में भी पूर्व सांसद ने सार्वजनिक तौर पर पतंजलि के घी की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे और इसे लेकर बयान दिए थे। बाद में विवाद ने कानूनी रूप ले लिया और अब मामला मानहानि के मुकदमे तक पहुंच चुका है।

कंपनी ने ब्रांड छवि को नुकसान का दावा किया

पतंजलि फूड्स की ओर से अदालत में यह दावा किया गया है कि बृजभूषण के बयानों से कंपनी की प्रतिष्ठा प्रभावित हुई। कंपनी की ओर से यह भी कहा गया कि सार्वजनिक रूप से लगाए गए आरोपों का उसके कारोबारी हितों और शेयर मूल्य पर असर पड़ा। इसी आधार पर कंपनी ने 50 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग करते हुए मानहानि का मुकदमा दायर किया है।

जेल जाने और जमानत नहीं लेने की बात

मामले पर अपनी ताजा प्रतिक्रिया में बृजभूषण ने कहा कि अगर अदालत उन्हें सजा सुनाती है और जेल भेजती है, तो वह जमानत नहीं मांगेंगे। उन्होंने कहा कि वह इस मामले से डरने वाले नहीं हैं और उनका उद्देश्य खाद्य पदार्थों में मिलावट के मुद्दे को सार्वजनिक चर्चा में लाना है। उनका दावा है कि जेल जाने की स्थिति भी उनके लिए जन-जागरूकता का माध्यम बन सकती है।

नकली खाद्य पदार्थों के खिलाफ जागरूकता की बात

बृजभूषण शरण सिंह ने अपने बयान में नकली मावा, खोया, दही, तेल और अन्य खाद्य पदार्थों को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि उपभोक्ताओं को खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और शुद्धता के प्रति जागरूक होना चाहिए। हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए विभिन्न आरोपों की वास्तविकता का निर्धारण संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।

18 सितंबर की सुनवाई पर टिकी नजर

पतंजलि फूड्स और बृजभूषण शरण सिंह के बीच चल रहे मानहानि विवाद में अब अदालत की अगली कार्यवाही महत्वपूर्ण होगी। 18 सितंबर को होने वाली सुनवाई में मामले की आगे की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल एक पक्ष ने बयानों को मानहानिकारक बताते हुए कानूनी कार्रवाई की है, जबकि बृजभूषण अपने आरोपों और सार्वजनिक रुख पर कायम हैं।

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