Kiren Rijiju on Rahul Gandhi : तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चुनाव आयोग के अंतरिम फैसले के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि बीजेपी और चुनाव आयोग मिलकर विपक्षी दलों को कमजोर करने और उनके चुनाव चिह्न छीनने का काम कर रहे हैं। इसके जवाब में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए उसके राजनीतिक इतिहास का हवाला दिया।
किरेन रिजिजू ने कांग्रेस को बताया ‘भस्मासुर’
राहुल गांधी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए किरेन रिजिजू ने कांग्रेस को ‘भस्मासुर’ कहा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के संपर्क में आने वाली राजनीतिक पार्टियां अंततः कमजोर या अलग हो जाती हैं। रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस को बीजेपी पर आरोप लगाने से पहले अपने राजनीतिक इतिहास पर भी विचार करना चाहिए। उनका यह बयान विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच जारी राजनीतिक विवाद का हिस्सा है।

TMC और NCP के कांग्रेस से अलग होने का दिया उदाहरण
केंद्रीय मंत्री ने अपने आरोपों के समर्थन में तृणमूल कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि दोनों राजनीतिक दल कांग्रेस से अलग होकर अस्तित्व में आए। रिजिजू ने इसी आधार पर दावा किया कि दूसरी पार्टियों को तोड़ने का आरोप कांग्रेस पर भी लगाया जा सकता है। हालांकि, यह उनके द्वारा प्रस्तुत राजनीतिक तर्क और व्याख्या है।
बीजेपी के विस्तार को लेकर रिजिजू का दावा
रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी का विस्तार किसी दूसरी राजनीतिक पार्टी को तोड़कर नहीं हुआ। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी है और पार्टी ने अपने संगठनात्मक विस्तार के जरिए यह स्थिति हासिल की है। उन्होंने कांग्रेस पर ‘गंदी राजनीति’ करने का आरोप भी लगाया, जो उनका राजनीतिक दावा है।

राहुल गांधी ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर लगाए आरोप
राहुल गांधी ने TMC के नाम और चुनाव चिह्न पर चुनाव आयोग के अंतरिम फैसले के बाद बीजेपी और आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में शिवसेना, NCP और अब TMC का उल्लेख करते हुए दावा किया कि इन मामलों में एक समान पैटर्न दिखाई देता है। राहुल गांधी के अनुसार, बीजेपी और चुनाव आयोग मिलकर राजनीतिक दलों को विभाजित करते हैं और इसके बाद चुनाव चिह्न पर कार्रवाई होती है।
चुनाव आयोग ने TMC के नाम-चिह्न पर लगाई अंतरिम रोक
चुनाव आयोग ने TMC के भीतर दो प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच चल रहे विवाद के बीच ‘All India Trinamool Congress’ नाम और ‘Flowers and Grass’ वाले आरक्षित चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर अंतरिम रोक लगाई है। आयोग के मुताबिक दोनों पक्ष पार्टी के नाम और चिह्न पर अपना दावा कर रहे हैं, इसलिए अंतिम फैसला होने तक दोनों को अलग-अलग नाम और प्रतीक के तहत चुनाव लड़ने की व्यवस्था की गई है।
दोनों गुटों को मिले अलग-अलग नाम और प्रतीक
चुनाव आयोग ने शुक्रवार को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘Mamata All India Trinamool Congress’ नाम और ‘Football Player’ चुनाव चिह्न आवंटित किया। दूसरे गुट को ‘Democratic Trinamool Congress’ नाम और ‘Envelope’ प्रतीक दिया गया। यह व्यवस्था आगामी उपचुनावों के लिए अंतरिम तौर पर लागू है, जबकि मूल नाम और चिह्न पर अंतिम विवाद का निपटारा बाद में किया जाएगा।

आयोग के फैसले पर कांग्रेस की राजनीतिक प्रतिक्रिया
राहुल गांधी ने आयोग के इस कदम को केवल TMC से जुड़ा मामला नहीं बताया। उन्होंने इसे राजनीतिक दलों और मतदाताओं से जुड़े व्यापक लोकतांत्रिक मुद्दे के रूप में पेश किया। कांग्रेस नेता ने अपने बयान में कहा कि यदि किसी पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न प्रभावित किया जा सकता है, तो लोकतांत्रिक प्रक्रिया को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। यह राहुल गांधी की राजनीतिक प्रतिक्रिया है।
बीजेपी ने कांग्रेस के इतिहास का हवाला दिया
रिजिजू ने जवाब में कांग्रेस के पुराने राजनीतिक घटनाक्रमों और उससे अलग होकर बने दलों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पर भी राजनीतिक दलों को विभाजित करने के आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने TMC और NCP के गठन को अपने तर्क का हिस्सा बनाया और कहा कि कांग्रेस को बीजेपी पर आरोप लगाने से पहले अपने इतिहास को देखना चाहिए।
TMC विवाद ने बढ़ाई सियासी हलचल
फिलहाल TMC का नाम और पारंपरिक चुनाव चिह्न दोनों गुटों के लिए अंतरिम रूप से उपलब्ध नहीं हैं। चुनाव आयोग के सामने दोनों पक्षों के संगठनात्मक नियंत्रण और पार्टी पहचान से जुड़े दावे विचाराधीन हैं। इसी विवाद के बीच राहुल गांधी और किरेन रिजिजू के बीच बयानबाजी ने मामले को व्यापक राजनीतिक बहस का रूप दे दिया है। आयोग के अंतिम फैसले के बाद ही मूल नाम और चुनाव चिह्न को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
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