West Bengal Politics : RG Kar केस पर फिर गरमाई राजनीति, पीड़िता की मां ने ममता पर साधा निशाना

आरजी कर रेप पीड़िता की मां और भाजपा विधायक रत्ना देबनाथ ने ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री और उनकी टीम को इस मामले में भयावह अंजाम भुगतना पड़ेगा।

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Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मई 26, 2026

West Bengal Politics : पश्चिम बंगाल की राजनीति और सामाजिक न्याय की लड़ाई में एक बेहद भावुक और बड़ा मोड़ सामने आया है। आरजी कर मेडिकल कॉलेज की मृतका प्रशिक्षु डॉक्टर की माँ और वर्तमान भाजपा विधायक रत्ना देबनाथ ने सोमवार (25 मई, 2026) को राज्य के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ की 14वीं मंजिल पर मुलाकात की।

इस मुलाकात के बाद रत्ना देबनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी की विधानसभा चुनावों में हुई करारी हार पर तीखा और सीधा हमला बोला। उन्होंने अपनी बेटी को खोने के व्यक्तिगत दर्द की तुलना ममता बनर्जी की राजनीतिक सत्ता गंवाने से करते हुए एक बेहद भावुक और कड़ा संदेश जारी किया है।

‘मैंने अपनी बेटी खोई और ममता ने कुर्सी’ — ममता बनर्जी पर तीखा प्रहार

पनिहाटी विधानसभा सीट से नवनिर्वाचित भाजपा विधायक रत्ना देबनाथ ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर एक बेहद मार्मिक और आक्रामक पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा “आज मैं नबन्ना की 14वीं मंजिल पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात कर रही हूँ। ईमानदारी की ताकत वाकई अपार होती है, अन्याय के खिलाफ बस धैर्यपूर्वक लड़ते रहने की जरूरत है।”

ममता बनर्जी पर सीधा निशाना साधते हुए उन्होंने आगे लिखा कि आज के समय में ममता बनर्जी और मैं दोनों ही गहरे शोक में हैं, लेकिन दोनों के नुकसान का दर्द अलग है। रत्ना देबनाथ ने कहा, “मैंने तो अपनी इकलौती बेटी को हमेशा के लिए खो दिया और अब अपना पूरा जीवन जनता की सेवा में समर्पित कर दिया है, जबकि उन्होंने (ममता बनर्जी) ने उसी नबन्ना की 14वीं मंजिल पर अपनी सत्ता और मुख्यमंत्री की कुर्सी खो दी है।” उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पूरी टीम को अपने कर्मों का इससे भी ज्यादा भयावह अंजाम भुगतना पड़ेगा, बस देखते रहिए।

आरजी कर मामला

यह पूरा मामला 8-9 अगस्त 2024 की दरम्यानी रात का है, जब कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के सेमिनार कक्ष में एक 31 वर्षीय प्रशिक्षु डॉक्टर की बेरहमी से दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। इस जघन्य हत्याकांड ने न केवल पश्चिम बंगाल बल्कि पूरे देश की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया था और देश भर के डॉक्टरों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया था।

शुरुआत से ही पीड़िता के परिवार और प्रदर्शनकारियों ने तत्कालीन ममता सरकार पर इस संवेदनशील मामले को दबाने, आनन-फानन में सबूतों को नष्ट करने और दोषियों को बचाने का गंभीर आरोप लगाया था। देबनाथ का बार-बार यह आरोप रहा है कि इस भयानक अपराध में कई रसूखदार लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से शामिल थे, जिन्हें पूरी तरह से जांच के दायरे में नहीं लाया गया। पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों में टीएमसी की हार के बाद, अब राज्य की नई भाजपा सरकार ने इस मामले की सुनवाई में तेजी लाने और पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय दिलाने का आधिकारिक एलान किया है।

कलकत्ता हाईकोर्ट का सख्त रुख

न्याय की इस कानूनी लड़ाई में पिछले सप्ताह ही कलकत्ता हाईकोर्ट ने एक बेहद कड़ा और बड़ा फैसला सुनाया था। अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को इस मामले में तीन सदस्यीय एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित करने का आदेश दिया है। यह विशेष टीम अगस्त 2024 की उस काली रात को प्रशिक्षु डॉक्टर के आखिरी भोजन (डिनर) से लेकर उनके अंतिम संस्कार तक की कड़ियों और समय-चक्र (Timeline) की नए सिरे से गहनता से जांच करेगी।

रत्ना देबनाथ की मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से हुई यह ताजा मुलाकात राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद इस हाई-प्रोफाइल मामले में इंसाफ की उम्मीदों को और तेज करने वाली मानी जा रही है।

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