UP News: गणेश चतुर्थी पर सीएम योगी का बड़ा संदेश, लोकल खरीदारी पर दिया जोर

गणेश चतुर्थी पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए भगवान गणेश को ज्ञान, विवेक और कर्म का प्रतीक बताया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के साथ ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा देने की अपील की। सीएम योगी ने कहा कि स्थानीय उत्पादों की खरीद से कारीगरों को रोजगार और उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

सितम्बर 14, 2026

UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने भगवान गणेश को ज्ञान, विवेक और कर्म की भावना का प्रतीक बताते हुए कहा कि गणेशोत्सव सामाजिक एकता और राष्ट्र के प्रति संकल्प को मजबूत करने वाला पर्व है। उन्होंने प्रदेशवासियों से श्रद्धा और उल्लास के साथ गणेश चतुर्थी मनाने की अपील की।

भगवान गणेश ज्ञान, विवेक और कर्म के प्रतीक

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भगवान गणेश ज्ञान, विवेक और कर्म के प्रतीक

बताते चले कि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम जारी अपनी पाती में कहा कि जब वह प्रदेश के युवाओं को अपने घरों में भगवान गणपति की स्थापना कर श्रद्धा के साथ पूजा करते देखते हैं तो उनका हृदय प्रसन्न हो उठता है। उन्होंने कहा कि गणेश चतुर्थी केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और राष्ट्र के प्रति अपने संकल्प को मजबूत करने का अवसर भी है।

पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति से जुड़ा गणेशोत्सव का संदेश

सीएम योगी ने गणेश जी के स्वरूप और जीवन दर्शन को प्रकृति संरक्षण से जोड़ते हुए पर्यावरण के प्रति संवेदनशील रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भगवान गणेश का स्वरूप प्रकृति और जीव-जगत के साथ गहरे जुड़ाव को दर्शाता है। उनका गजमुख वन्यजीवन का प्रतीक माना जाता है, जबकि मूषक वाहन भूमि की उर्वरता और कृषि से जुड़ी भावना को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान गणेश का विशाल उदर संपूर्ण ब्रह्मांड को समाहित करने का भाव व्यक्त करता है, वहीं उनके बड़े कान प्रकृति की हर पुकार को सुनने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव के माध्यम से समाज को पर्यावरण संरक्षण, प्रकृति के संतुलन और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता का संदेश भी ग्रहण करना चाहिए।

गणेशोत्सव से विश्वकर्मा पूजा तक कौशल और निर्माण का संदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गणेशोत्सव के ज्ञान, विवेक और कर्म की भावना को भगवान विश्वकर्मा के पूजन से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर को सृष्टि के प्रथम अभियंता भगवान विश्वकर्मा की पूजा की जाएगी। यह अवसर कौशल, तकनीक और निर्माण के महत्व को समझने का भी है।उन्होंने कहा कि कौशल और तकनीक के संगम के साथ उत्तर प्रदेश नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में भगवान विश्वकर्मा की पूजा के दौरान विकसित और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के निर्माण का संकल्प और मजबूत होगा।

स्थानीय उत्पादों और स्वदेशी सामान को बढ़ावा देने की अपील

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से ‘वोकल फॉर लोकल’ को केवल नारे या विचार तक सीमित न रखने, बल्कि इसे अपने व्यवहार का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को सम्मान और बाजार मिलेगा तो कारीगरों के हाथों को काम मिलेगा, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।सीएम योगी ने कहा कि एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, औद्योगिक क्षेत्र और आधुनिक आधारभूत ढांचा नए उत्तर प्रदेश की बढ़ती क्षमता को दिखाते हैं। हालांकि किसी प्रदेश का वास्तविक निर्माण केवल बड़े ढांचों से नहीं होता, बल्कि वहां के लोगों के हुनर, कौशल और विचारों से होता है।

कौशल विकास मिशन और युवा उद्यमिता पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार कौशल विकास मिशन और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान जैसी योजनाओं के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों, शिल्पकारों, युवाओं और उद्यमियों को कौशल, उपकरण, वित्त और बाजार से जोड़ने का काम कर रही है। इसका उद्देश्य स्थानीय प्रतिभा को मजबूत करना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।

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उन्होंने कहा कि जब स्थानीय हुनर और उत्पादों को प्रोत्साहन मिलेगा तो आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रदेश तेजी से आगे बढ़ेगा। स्थानीय उत्पादों की खरीदारी से न केवल कारीगरों और छोटे उद्यमियों को लाभ मिलेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

आत्मनिर्भर और विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण का संदेश

सीएम योगी ने कहा कि प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता, स्थानीय हुनर और स्वदेशी उत्पादों पर विश्वास ही आत्मनिर्भर एवं विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण का रास्ता मजबूत कर सकता है। गणेश चतुर्थी के अवसर पर मुख्यमंत्री का संदेश धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण, कौशल विकास, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने पर केंद्रित रहा।उन्होंने प्रदेशवासियों से गणेशोत्सव को श्रद्धा, सामाजिक एकता और जिम्मेदारी के साथ मनाने तथा स्थानीय उत्पादों को अपनाकर कारीगरों और युवाओं को आगे बढ़ाने में योगदान देने की अपील की।