West Bengal politics : ममता बनर्जी का बड़ा बयान, कहा- विपरीत परिस्थितियों में पार्टी छोड़ने वाले पूरी तरह आजाद

पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब ममता बनर्जी ने बगावती सुर अपनाने वाले नेताओं को सीधे शब्दों में चेतावनी दे डाली; उन्होंने साफ कहा कि विपरीत परिस्थितियों में जो जाना चाहते हैं वो आजाद हैं, लेकिन क्या इस बयान के पीछे टीएमसी के अंदर किसी बड़ी टूट का डर छिपा है? जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर।

West Bengal politics

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 16, 2026

West Bengal politics :पश्चिम बंगाल के राजनैतिक इतिहास में एक अभूतपूर्व और बड़ा उलटफेर देखने को मिला है, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को विधानसभा चुनाव में बेहद करारी और ऐतिहासिक हार का सामना करना पड़ा है। स्वतंत्रता के बाद के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य में पूर्ण बहुमत के साथ अपनी सरकार बनाई है। भाजपा की इस ऐतिहासिक और बड़ी जीत का नेतृत्व फायरब्रांड नेता शुभेंदु अधिकारी ने किया है। इस अप्रत्याशित चुनावी नतीजे ने न केवल बंगाल बल्कि देश भर के सियासी गलियारों को पूरी तरह से चौंका दिया है, जिसके बाद टीएमसी के भीतर बड़े आत्ममंथन का दौर शुरू हो गया है।

हार के बाद ममता बनर्जी ने बुलाई टीएमसी नेताओं की आपातकालीन समीक्षा बैठक

चुनावी नतीजों में पूरी तरह से सत्ता गंवाने के बाद तृणमूल कांग्रेस की सर्वोच्च नेता ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कोलकाता के कालीघाट स्थित अपने निजी आवास पर पार्टी के पराजित और जीते हुए उम्मीदवारों की एक बेहद महत्वपूर्ण और आपातकालीन बैठक बुलाई। इस समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य करारी हार के बाद पूरी तरह से टूट चुके पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं का मनोबल वापस बढ़ाना था। बैठक के दौरान ममता बनर्जी ने बेहद सख्त और स्पष्ट लहजे में पार्टी के वर्तमान हालात पर बात की। उन्होंने अपने नेताओं से साफ शब्दों में कहा कि जो लोग विपरीत परिस्थितियों में पार्टी छोड़कर दूसरी जगहों पर जाना चाहते हैं, वे ऐसा करने के लिए पूरी तरह से आजाद हैं।

अभिषेक बनर्जी की उपस्थिति में ममता बनर्जी ने दिया कार्यकर्ताओं को एकजुटता का संदेश

कालीघाट में आयोजित हुई इस सांगठनिक बैठक में ममता बनर्जी के साथ पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी भी मंच पर मुख्य रूप से मौजूद रहे। बैठक में मौजूद टीएमसी उम्मीदवारों को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि हालिया विधानसभा चुनाव में भले ही हमें बहुत करारी और बड़ी हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन हमारा सांगठनिक ढांचा एक बार फिर से मजबूती के साथ खड़ा होगा। उन्होंने पार्टी के वफादार नेताओं को ढांढस बंधाते हुए कहा कि जो लोग संकट के इस समय में दूसरी पार्टियों में भाग रहे हैं, उन्हें जाने दीजिए। मैं पूरी पार्टी को जमीनी स्तर से एकदम नए सिरे से खड़ा करने की ताकत रखती हूं।

क्षतिग्रस्त पार्टी कार्यालयों का पुनर्निर्माण करने और संघर्ष जारी रखने का खुला आह्वान

ममता बनर्जी ने बैठक में उपस्थित अपने समर्पित नेताओं और कार्यकर्ताओं को आने वाले समय के लिए एक नया कार्ययोजना सौंपते हुए कहा कि जो लोग विपरीत समय में भी तृणमूल कांग्रेस के साथ पूरी निष्ठा से बने रहेंगे, वे तुरंत अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय हो जाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि राज्य भर में जितने भी क्षतिग्रस्त या बंद पड़े पार्टी कार्यालय हैं, उनका फिर से पुनर्निर्माण किया जाए, उन्हें नया रंग-रोगन दिया जाए और जनता के लिए फिर से खोला जाए। ममता बनर्जी ने भावुक होते हुए यहां तक कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो वे खुद उन कार्यालयों को रंगने के लिए जमीन पर उतरेंगी, क्योंकि तृणमूल कांग्रेस कभी किसी के सामने झुकने वाली नहीं है। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि इस चुनाव में जनता के वास्तविक जनादेश को लूटा गया है।

भवानीपुर सीट से भी शुभेंदु अधिकारी के सामने हारीं निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी

इस विधानसभा चुनाव के नतीजे तृणमूल कांग्रेस के लिए किसी बड़े राजनैतिक झटके से कम नहीं रहे। राज्य की कुल 294 सदस्यीय विधानसभा सीटों में से ममता बनर्जी की टीएमसी महज 80 सीटों पर सिमट कर रह गई, जो उसकी अब तक की सबसे खराब परफॉर्मेंस है। इतना ही नहीं, खुद निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी पारंपरिक भवानीपुर विधानसभा सीट से भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के हाथों चुनाव हार गईं। यह लगातार दूसरी बार है जब शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को चुनावी मैदान में शिकस्त दी है; इससे पहले साल 2021 के ऐतिहासिक विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को एक बेहद कड़े मुकाबले में पराजित किया था।

अकल्पनीय अत्याचारों और निरंतर धमकियों के खिलाफ टीएमसी का संघर्ष रहेगा जारी

बैठक के बाद तृणमूल कांग्रेस की आधिकारिक विंग की ओर से एक आधिकारिक बयान जारी कर बैठक के विवरण को साझा किया गया। पार्टी की ओर से सोशल मीडिया पर लिखा गया कि आज हमारी आदरणीय अध्यक्ष ममता बनर्जी और हमारे राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कालीघाट में हमारे सभी उम्मीदवारों से मुलाकात की है। पार्टी ने अपने नेताओं की तारीफ करते हुए कहा कि इन सभी उम्मीदवारों ने विपरीत परिस्थितियों, अकल्पनीय अत्याचारों और विरोधी दलों की निरंतर मिल रही धमकियों का सामना करते हुए भी अद्वितीय साहस के साथ चुनाव लड़ा था। अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, ममता बनर्जी ने इस बैठक का उपयोग चुनाव लड़ने वाले अपने नेताओं के भीतर एक नई ऊर्जा फूंकने और उन्हें भविष्य के राजनैतिक संघर्षों के लिए तैयार करने के लिए किया है।