Bengal Election 2026 : दूसरे चरण में दिखा भारी उत्साह, 3 बजे तक गिरे 78.68% वोट

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में आज 142 सीटों पर मतदान के दौरान मतदाताओं ने जबरदस्त उत्साह दिखाया है। दोपहर 3 बजे तक ही 78.68% वोटिंग दर्ज की गई है। भवानीपुर जैसी हाई-प्रोफाइल सीट पर ममता और शुभेंदु के आमने-सामने होने से क्या यह रिकॉर्ड मतदान किसी बड़े राजनीतिक तूफान की आहट है?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 29, 2026

Bengal Election 2026 : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और निर्णायक चरण में मतदाताओं का अभूतपूर्व जोश देखने को मिल रहा है। सुबह से ही मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें लगी हुई हैं, जो राज्य की राजनीतिक जागरूकता को दर्शाती हैं। चुनाव आयोग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, दोपहर 3:00 बजे तक राज्य में कुल 78.68% मतदान दर्ज किया जा चुका है। यह आंकड़ा न केवल मतदाताओं की भारी भागीदारी को प्रमाणित करता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि बंगाल की जनता अपनी अगली सरकार चुनने के लिए कितनी तत्पर है। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच शांतिपूर्ण तरीके से जारी यह मतदान लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है।

चुनावी समीकरण: 142 सीटों पर वर्चस्व की लड़ाई

इस दूसरे और अंतिम चरण में पश्चिम बंगाल की कुल 294 सीटों में से 142 सीटों पर मतदान हो रहा है। इन सीटों का राजनीतिक महत्व बहुत अधिक है, क्योंकि ये चुनाव के अंतिम परिणाम को तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगी। ऐतिहासिक संदर्भ में देखें तो, इन 142 सीटों में से 123 सीटों पर सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने 2021 के पिछले विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत हासिल की थी। ऐसे में यह चरण ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी के लिए अपने पुराने गढ़ को बचाने की बड़ी चुनौती है, वहीं विपक्षी दलों के लिए यह सेंधमारी का एक सुनहरा अवसर है।

पिछले रिकॉर्ड और मतदान के ट्रेंड्स

पश्चिम बंगाल हमेशा से ही उच्च मतदान प्रतिशत के लिए जाना जाता रहा है। इस बार भी यह परंपरा जारी है। इससे पहले, 23 अप्रैल को संपन्न हुए प्रथम चरण के मतदान में 152 सीटों पर 93% का रिकॉर्ड तोड़ मतदान हुआ था। दूसरे चरण में भी दोपहर तक जिस तरह से 78% से अधिक वोट गिर चुके हैं, उससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि शाम तक यह आंकड़ा 90% के करीब पहुँच सकता है। भारी मतदान को अक्सर सत्ता विरोधी लहर या फिर मौजूदा सरकार के प्रति भारी समर्थन के रूप में देखा जाता है, लेकिन बंगाल के संदर्भ में यह हमेशा से एक गहन विश्लेषण का विषय रहा है।

सुरक्षा व्यवस्था और शांतिपूर्ण मतदान की प्रक्रिया

चुनाव आयोग ने अंतिम चरण को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। केंद्रीय बलों की भारी तैनाती के साथ-साथ राज्य पुलिस भी मुस्तैद है। संवेदनशील बूथों पर ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखी जा रही है। छिटपुट घटनाओं को छोड़कर, दोपहर तक मतदान प्रक्रिया काफी हद तक शांतिपूर्ण रही है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही है, जो मतदान केंद्रों पर बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।

4 मई का इंतजार: भविष्य की राजनीति का फैसला

जैसे-जैसे मतदान की अवधि समाप्त होने की ओर बढ़ रही है, सभी राजनीतिक दलों की धड़कनें तेज हो गई हैं। आज का यह मतदान केवल विधायकों का चयन नहीं है, बल्कि बंगाल की अगली राजनीतिक दिशा का निर्धारण है। मतपेटियों (EVM) में बंद प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला 4 मई को होने वाली मतगणना के दिन होगा। उस दिन यह साफ हो जाएगा कि बंगाल की जनता ने एक बार फिर से पुराने भरोसे को चुना है या बदलाव की नई इबारत लिखी है। राजनीतिक विश्लेषकों की नजर अब 3 बजे के बाद के वोटिंग ट्रेंड्स पर टिकी है।

Read more:  Trump Cuba Strike : ट्रंप को मिली क्यूबा पर सैन्य हमले की मंजूरी, अमेरिकी सीनेट में प्रस्ताव पास