Asian Games 2026: चोट के कारण एशियन गेम्स से बाहर हुए नीरज चोपड़ा, भावुक पोस्ट शेयर कर कही दिल की बात

नीरज चोपड़ा चोट के कारण एशियन गेम्स 2026 में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। दो बार के एशियन गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट ने भावुक पोस्ट में बताया कि भारत का प्रतिनिधित्व नहीं कर पाना उनके लिए कितना मुश्किल है। उन्होंने चोट, दोस्तों के साथ और भारतीय खिलाड़ियों को समर्थन देने की बात भी कही।

चोट के कारण एशियन गेम्स से बाहर हुए नीरज चोपड़ा

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

सितम्बर 19, 2026

Asian Games 2026: देश के स्टार जैवलिन थ्रोअर और ओलपंकि गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा को लेकर एक बुरी खबर सामने आई है। चोट के कारण वह इस बार एशियन गेम्स 2026 में हिस्सा नहीं ले पा रहे हैं। टूर्नामेंट शुरू होने के बाद नीरज ने लिंक्डइन (LinkedIn) पर एक भावुक पोस्ट शेयर किया है, जिसमें उन्होंने अपने दिल की बात खुलकर कही है और बताया है कि यह समय उनके और उनके करियर के लिए कितना संघर्षपूर्ण रहा है।

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चोट के कारण टूटा एशियन गेम्स में खेलने का सपना

नीरज चोपड़ा इस साल होने वाले एशियन गेम्स में खिताब बचाने के सबसे बड़े दावेदार माने जा रहे थे। उन्होंने साल 2018 (जकार्ता) और 2023 (हांगझोऊ) के एशियन गेम्स में देश के लिए शानदार गोल्ड मेडल जीते थे।

लेकिन इस बार ट्रेनिंग के दौरान उनके टखने (Ankle) का लिगामेंट चोटिल हो गया। काफी सोच-विचार और अपनी फिटनेस का जायजा लेने के बाद उन्हें यह कड़वा फैसला लेना पड़ा कि वह इस बड़े टूर्नामेंट में नहीं उतर पाएंगे। देश की उम्मीदों का बोझ उठाकर मैदान पर उतरने वाले नीरज के लिए अपने देश का प्रतिनिधित्व न कर पाना बेहद मुश्किल और निराशाजनक है।

पुरानी यादें और देश के लिए तिरंगा थामने का सफर

पुरानी यादें और देश के लिए तिरंगा थामने का सफर
पुरानी यादें और देश के लिए तिरंगा थामने का सफर

अपने सोशल मीडिया पोस्ट में नीरज ने अपने पुराने दिनों को याद किया। उन्होंने लिखा कि साल 2018 में जब वह सिर्फ 20 साल के थे, तब जकार्ता एशियन गेम्स में भारत का झंडा लेकर चलना उनके लिए गर्व का पल था। जब वह पोडियम के सबसे ऊंचे स्थान पर खड़े हुए थे— जो 1982 के बाद जैवलिन थ्रो में भारत का पहला स्वर्ण था— तब उन्हें महसूस हुआ था कि एक अरब लोगों की उम्मीदों का बोझ उठाना क्या होता है। पांच साल बाद अपने उस टाइटल को बचाने के लिए मैदान पर उतरना उनके लिए बहुत मायने रखता था, लेकिन चोट ने उनके सपनों पर पानी फेर दिया।

मुश्किल वक्त में दोस्तों का साथ और मानसिक सुकून

खिलाड़ियों के जीवन में चोटें और फिटनेस की समस्याएं आना एक आम बात है। इस पर बात करते हुए नीरज ने कहा कि चोटों पर हमारा कोई वश नहीं होता, लेकिन हम इस बात पर कंट्रोल कर सकते हैं कि हम उस स्थिति पर कैसी प्रतिक्रिया देते हैं।

उन्होंने बताया कि इस कठिन समय में उन्हें अपने आसपास पॉजिटिव और जमीन से जुड़े लोगों की जरूरत महसूस हुई। ऐसे समय में जब लोग उनसे बार-बार पूछते हैं कि “चोट कैसे लगी?” या “कब तक ठीक होगे?”, तो मानसिक तनाव और बढ़ जाता है। ऐसे में उनके कुछ सच्चे दोस्त ऐसे हैं जो उनकी चोट के बारे में बात करने के बजाय सामान्य और मजेदार बातें करते हैं, जिससे उन्हें बहुत सुकून मिलता है और याद रहता है कि जिंदगी में खेलकूद से बढ़कर भी बहुत कुछ है।

एशियन गेम्स 2026 से बाहर, लेकिन फैंस का समर्थन जारी

अपने इस भावनात्मक संदेश के अंत में नीरज चोपड़ा ने साफ किया कि इस बार भले ही वह मैदान पर नजर न आएं और उन्हें एशियन गेम्स की बहुत कमी खलेगी, लेकिन वह देश के बाकी खिलाड़ियों का पूरा समर्थन करेंगे। उनके पास पुरानी सुनहरी यादें हैं और उन्हें पूरा भरोसा है कि इस बार भी भारतीय खिलाड़ी नई और अनमोल यादें देश के नाम करेंगे।

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