Bengal Election : बंगाल में शाम 5 बजे तक 90% वोटिंग, TMC और BJP के गंभीर आरोप

पश्चिम बंगाल चुनाव के दूसरे चरण में शाम 5 बजे तक करीब 90% मतदान दर्ज किया गया है। मतदान के बीच टीएमसी ने सीआरपीएफ पर बुजुर्ग की हत्या का आरोप लगाया है, वहीं भाजपा ने 'डायमंड हार्बर मॉडल' का जिक्र करते हुए ईवीएम बटनों पर टेप लगाने की शिकायत की है। क्या यह चुनाव निष्पक्ष रहा?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 29, 2026

Bengal Election  : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में मतदाताओं ने अभूतपूर्व उत्साह दिखाया है। राज्य की 142 विधानसभा सीटों पर जारी मतदान के दौरान शाम 5 बजे तक 89.99% मतदान दर्ज किया गया। यह भारी मतदान प्रतिशत राज्य की राजनीतिक सरगर्मी और जनता के सक्रिय जुड़ाव को दर्शाता है। हालांकि, इस उच्च मतदान के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चरम पर रहा। बंगाल के विभिन्न जिलों से आती खबरों ने चुनावी माहौल को गरमा दिया है, जहाँ एक तरफ लंबी कतारें दिखीं, तो दूसरी तरफ हिंसा और धांधली के गंभीर आरोप भी सामने आए।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बड़ा हमला: ‘CRPF ने किए बूथ कैप्चर’

मतदान के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। कोलकाता में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्रीय बलों ने कई मतदान केंद्रों पर कब्जा (बूथ कैप्चरिंग) कर लिया है। ममता बनर्जी ने तंज कसते हुए कहा कि बंगाल पुलिस कहीं नजर नहीं आ रही है और सुरक्षा की पूरी कमान संभाल रहे केंद्रीय बल एक विशेष राजनीतिक दल के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षाबल उन लोगों को निशाना बना रहे हैं जो तृणमूल कांग्रेस (TMC) के समर्थक हैं।

हिंसा और गिरफ्तारी के आरोप: महिलाओं और बच्चों के साथ बदसलूकी?

ममता बनर्जी ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि केंद्रीय बलों ने टीएमसी के कई कार्यकर्ताओं को बिना किसी ठोस आधार के गिरफ्तार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सेंट्रल ऑब्जर्वर और सुरक्षाकर्मी आम मतदाताओं के साथ मारपीट कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा, “उन्होंने महिलाओं और बच्चों तक को नहीं छोड़ा। केंद्रीय बलों का काम सीमाओं की रक्षा करना होना चाहिए, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि वे यहाँ एक पार्टी विशेष की रक्षा और प्रचार में लगे हुए हैं।” इन आरोपों ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और सुरक्षाबलों की भूमिका पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।

हावड़ा में दुखद घटना: टीएमसी का दावा, सुरक्षाबलों की मारपीट से बुजुर्ग की मौत

चुनाव के दौरान हावड़ा के उदयनारायणपुर से एक हृदयविदारक खबर सामने आई। तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि केंद्रीय बलों के हमले के कारण एक बुजुर्ग मतदाता की जान चली गई। टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि बुजुर्ग व्यक्ति अपने बेटे के साथ मताधिकार का प्रयोग करने गए थे। वहां मौजूद केंद्रीय बलों ने उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अभिषेक बनर्जी ने इस घटना को लोकतंत्र की हत्या करार दिया है।

फाल्टा में ईवीएम से छेड़छाड़: भाजपा ने लगाया ‘टेप’ लगाने का आरोप

वहीं दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी टीएमसी पर चुनावी धांधली के आरोप लगाए हैं। भाजपा का दावा है कि डायमंड हार्बर के फाल्टा निर्वाचन क्षेत्र में कई मतदान केंद्रों पर ईवीएम (EVM) के साथ छेड़छाड़ की गई है। भाजपा नेताओं के अनुसार, मशीन में भाजपा के चुनाव चिह्न वाले बटन पर टेप लगा दिया गया था ताकि लोग उसे दबा न सकें। इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदान केंद्रों पर ये आरोप सही पाए जाएंगे, वहां नियमों के अनुसार दोबारा मतदान (Re-polling) कराया जाएगा।

4 मई के नतीजों पर टिकी सबकी निगाहें

भारी मतदान और हिंसा के आरोपों के बीच बंगाल की सत्ता का संघर्ष अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। जहाँ टीएमसी ने सुरक्षाबलों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं, वहीं भाजपा ने ‘डायमंड हार्बर मॉडल’ के जरिए धांधली का मुद्दा उठाया है। अब 4 मई को होने वाली मतगणना ही यह तय करेगी कि बंगाल की जनता ने इन आरोपों-प्रत्यारोपों के बीच किसे अपना नेतृत्व सौंपा है। फिलहाल, सुरक्षाबल और चुनाव आयोग स्थिति को नियंत्रण में रखने की कोशिश कर रहे हैं।

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