Bengal Election 2026: शुभेंदु अधिकारी ने ममता सरकार को घेरा, बोले- ‘परिवर्तन नहीं हुआ तो खत्म हो जाएगा सनातन’

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण का मतदान जारी है। नंदीग्राम में भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने वोट डालने के बाद ममता सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे 'सनातन बचाने की लड़ाई' करार दिया। पहले चरण की 152 सीटों पर भाजपा और टीएमसी के बीच कांटे की टक्कर है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 23, 2026

Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र के महापर्व का आगाज हो चुका है। विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के लिए आज सुबह 7 बजे से मतदान की प्रक्रिया शुरू हो गई। इस चरण में राज्य की 152 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं। नंदीग्राम जैसी ‘हॉट सीट’ पर सुबह से ही राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है, जहां भाजपा और टीएमसी के बीच वर्चस्व की सीधी जंग देखी जा रही है।

शुभेंदु अधिकारी ने कानून व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल

बताते चले कि, नंदीग्राम से भाजपा प्रत्याशी और विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मताधिकार का प्रयोग करने के बाद ममता सरकार पर कड़ा प्रहार किया। पोलिंग बूथ से बाहर निकलते ही उन्होंने मीडिया से बातचीत में राज्य की मौजूदा सुरक्षा स्थिति और कानून व्यवस्था को कटघरे में खड़ा किया। शुभेंदु ने आरोप लगाया कि बंगाल में शांतिपूर्ण मतदान को बाधित करने की कोशिश की जा रही है और प्रशासन को इस पर कड़ा संज्ञान लेना चाहिए।

शुभेंदु ने मतदाताओं से की भावनात्मक अपील

भाजपा के कद्दावर नेता ने चुनाव को ‘अस्तित्व की लड़ाई’ बताते हुए कहा कि बंगाल में सनातन धर्म की रक्षा के लिए परिवर्तन अनिवार्य है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि राज्य की माताएं-बहनें असुरक्षित महसूस कर रही हैं और यदि इस बार सत्ता परिवर्तन नहीं हुआ, तो बंगाल की संस्कृति को बड़ा खतरा हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में खुद को सनातनी बताते हुए हिंदू मतदाताओं को एकजुट होने का संकेत दिया।

चुनावी एजेंटों की गिरफ्तारी पर हंगामा

मतदान प्रक्रिया के बीच शुभेंदु अधिकारी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पोलिंग एजेंटों को डराने और गिरफ्तार करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने चुनाव आयोग के कामकाज की सराहना तो की, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी कि जमीन पर ‘गुंडा तत्व’ सक्रिय हैं। शुभेंदु ने दावा किया कि उनके एजेंटों को अवैध रूप से हिरासत में लिया गया है, जिस पर आयोग को तुरंत हस्तक्षेप कर निष्पक्षता सुनिश्चित करनी चाहिए।

पबित्र कर बनाम शुभेंदु अधिकारी की हाई-प्रोफाइल जंग

नंदीग्राम की सीट एक बार फिर बंगाल चुनाव 2026 की सबसे चर्चित विधानसभा सीट बनकर उभरी है। यहां शुभेंदु अधिकारी का सीधा मुकाबला तृणमूल कांग्रेस के पबित्र कर से है। साल 2021 के विधानसभा चुनाव में भी यह क्षेत्र सबसे बड़े राजनीतिक टकराव का केंद्र बना था। पूरे राज्य की जनता और विश्लेषकों की नजरें इसी सीट पर टिकी हैं, क्योंकि नंदीग्राम का परिणाम राज्य की सत्ता के संतुलन को प्रभावित करने की क्षमता रखता है।

पहले चरण की 152 सीटों पर सत्ता का समीकरण

राजनीतिक रणनीतिकारों के अनुसार, पहले चरण की वोटिंग के चुनावी समीकरण बेहद जटिल और निर्णायक हैं। इस चरण में उत्तर बंगाल की सभी 54 सीटें शामिल हैं, जो परंपरागत रूप से भाजपा का मजबूत गढ़ रही हैं। 2021 के आंकड़ों को देखें तो इन 152 सीटों में से टीएमसी ने 93 और भाजपा ने 59 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इस बार दोनों ही दल अपने आधार को बचाने और विरोधी के किले में सेंध लगाने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं।