Trump Xi Meeting : चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इन दिनों अमेरिका के राजकीय दौरे पर हैं। गुरुवार को व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी में उन्होंने चीन और अमेरिका के रिश्तों को लेकर अपना रुख सामने रखा। अपने संबोधन में शी जिनपिंग ने दोनों देशों को महान राष्ट्र बताते हुए कहा कि उनके बीच टकराव किसी के हित में नहीं है। उन्होंने सहयोग और स्थिर संबंधों पर जोर दिया।
चीन और अमेरिका दोनों को बताया महान देश
शी जिनपिंग ने अपने संबोधन में कहा कि चीन और अमेरिका दोनों महान देश हैं और दोनों देशों के लोग भी महान हैं। उन्होंने कहा कि चीन और अमेरिका के बीच लंबे समय से लोगों के स्तर पर संपर्क और आदान-प्रदान रहा है तथा दोनों देशों के हित आपस में जुड़े हुए हैं। उनके मुताबिक, दोनों देशों के बीच संबंधों में स्थिरता वैश्विक स्तर पर भी महत्वपूर्ण है।

ट्रंप के निमंत्रण पर अमेरिका पहुंचे चीनी राष्ट्रपति
शी जिनपिंग ने कहा कि वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निमंत्रण पर अमेरिका आए हैं। उन्होंने इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच दोस्ती को बनाए रखना और सहयोग के नए रास्ते तलाशना बताया। उन्होंने कहा कि चीन और अमेरिका के बीच बेहतर संबंध दोनों देशों के लोगों के हित में हैं। उनकी यह यात्रा 23 से 25 सितंबर तक चल रही है।
टकराव से दोनों देशों को नुकसान की बात
शी जिनपिंग के संबोधन में चीन और अमेरिका के बीच संघर्ष से बचने का संदेश भी स्पष्ट दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच लड़ाई या टकराव से किसी एक पक्ष को फायदा नहीं होगा, बल्कि इससे दोनों देशों को नुकसान उठाना पड़ेगा। इसी वजह से उन्होंने मतभेदों को संभालने और बातचीत के जरिए संबंधों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। चीन की ओर से यात्रा से पहले भी संवाद, मतभेदों को नियंत्रित करने और सहयोग बढ़ाने की बात कही गई थी।
‘पार्टनर बनें, प्रतिद्वंद्वी नहीं’
शी जिनपिंग ने अमेरिका पहुंचने के बाद भी चीन-अमेरिका संबंधों को लेकर इसी तरह का संदेश दिया था। उन्होंने कहा था कि दोनों देशों को प्रतिद्वंद्वी के बजाय साझेदार होना चाहिए। उनके अनुसार, चीन के राष्ट्रीय पुनरुत्थान और अमेरिका को फिर महान बनाने की कोशिशें एक-दूसरे के साथ आगे बढ़ सकती हैं और इससे दुनिया को भी लाभ हो सकता है।

मानव विकास और प्रगति की जिम्मेदारी
चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि मौजूदा दौर में दुनिया तेजी से बदलाव के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में चीन और अमेरिका जैसे बड़े देशों की जिम्मेदारी केवल अपने-अपने राष्ट्रीय हितों तक सीमित नहीं है। उन्होंने मानव विकास और प्रगति को आगे बढ़ाने में दोनों देशों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए बड़े देशों के बीच सहयोग की जरूरत है।
स्थिर रिश्तों पर दोनों देशों का जोर
शी जिनपिंग ने कहा कि चीन और अमेरिका को एक ही दिशा में काम करना चाहिए और ऐसा स्थिर संबंध विकसित करना चाहिए, जिसमें सहयोग प्रमुख हो, प्रतिस्पर्धा सीमित और मतभेद प्रबंधनीय रहें। उन्होंने शांतिपूर्ण संबंधों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इससे पहले चीन ने कहा था कि दोनों देशों के नेताओं की बातचीत का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों में स्थिरता और सहयोग के लिए दिशा तय करना है।
व्यापार, तकनीक और वैश्विक मुद्दे भी एजेंडे में
शी जिनपिंग और ट्रंप की बातचीत केवल कूटनीतिक रिश्तों तक सीमित नहीं है। दोनों देशों के बीच व्यापार, टैरिफ, दुर्लभ खनिज, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य रणनीतिक मुद्दे भी चर्चा के प्रमुख विषय हैं। रिपोर्टों के अनुसार, दोनों नेता चीन-अमेरिका संबंधों में तनाव कम करने और साझा हितों वाले क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा कर रहे हैं।

शी-ट्रंप मुलाकात पर दुनिया की नजर
शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा को चीन-अमेरिका संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों नेताओं के बीच इस साल यह दूसरी बड़ी मुलाकात है और दोनों देशों के बीच व्यापार तथा रणनीतिक प्रतिस्पर्धा से जुड़े कई मुद्दे अभी भी मौजूद हैं। ऐसे में शी जिनपिंग का सहयोग, संवाद और स्थिरता पर जोर देना इस यात्रा के कूटनीतिक संदेश का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।
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