Weather Update: राजस्थान में भीषण गर्मी की दस्तक के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, प्रदेश में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो गया है, जिसका व्यापक असर अगले कुछ दिनों तक देखने को मिलेगा। इस बदलते वेदर सिस्टम के कारण राज्य के कई हिस्सों में मेघगर्जन, तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। मौसम में आए इस बदलाव से जहां आमजन को चिलचिलाती धूप से राहत मिली है, वहीं खेतों में खड़ी और कटी फसलों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
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जारी रहेगा मौसम का मिजाज

जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, यह बदलाव केवल एक-दो दिन के लिए नहीं है। 28 मार्च से शुरू हुआ यह सिलसिला अप्रैल के पहले सप्ताह तक जारी रहने की उम्मीद है। शुरुआत में हल्की बूंदाबांदी होगी, लेकिन अप्रैल के पहले हफ्ते में सिस्टम और मजबूत होगा, जिससे धूल भरी आंधी और तेज बारिश हो सकती है। इस सक्रिय सिस्टम की वजह से पारे में गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे तापमान सामान्य के आसपास बना रहेगा और लोगों को फिलहाल लू (Heatwave) से राहत मिलेगी।
किसानों को विशेष चेतावनी
मौसम विभाग ने इस बदलाव के बीच सबसे बड़ी चेतावनी प्रदेश के अन्नदाताओं के लिए जारी की है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस समय रबी की फसलों की कटाई का काम जोरों पर है। खेतों में कटी हुई पड़ी फसलें बारिश और ओलावृष्टि से भीगकर खराब हो सकती हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी कटी हुई फसलों और अनाज को सुरक्षित स्थानों या मंडियों के ढके हुए शेड में शिफ्ट करें। किसानों को फसलों की थ्रेसिंग (Threshing) का कार्य जल्द पूरा करने और अनाज को तिरपाल से ढककर रखने का सुझाव दिया गया है।
आज इन 7 जिलों में ‘येलो अलर्ट’ जारी
शुक्रवार तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में धूप खिली रही, लेकिन शनिवार से पश्चिमी राजस्थान और सीमावर्ती जिलों में बादलों की आवाजाही शुरू हो गई है। मौसम विभाग ने आज निम्नलिखित जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बीकानेर, नागौर। इन जिलों में अचानक तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।
सावधानी ही बचाव है
राजस्थान का यह बदलता मौसम पर्यटन और आम जनजीवन के लिए सुहावना हो सकता है, लेकिन कृषि क्षेत्र के लिए यह एक बड़ी चुनौती है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
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