Weather Update: उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में इस समय भीषण गर्मी लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। खासकर बांदा जिले में तापमान ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को बांदा पूरे देश में सबसे अधिक गर्म दर्ज किया गया। यहां अधिकतम तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिसने लगभग 37 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया।
सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया। दोपहर के समय सड़कें और बाजार लगभग खाली दिखाई दिए। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। तेज धूप के कारण धरती तवे की तरह तपती रही और वातावरण पूरी तरह आग उगलता नजर आया।
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सुबह से शुरू हो गई थी भीषण तपिश
मंगलवार सुबह सात बजे से ही सूरज की तेज किरणों ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया था। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, गर्मी और अधिक खतरनाक होती गई। सुबह दस बजे के बाद हालात ऐसे हो गए कि लोग घरों में रहने को मजबूर हो गए।
दोपहर के समय गर्म हवाओं यानी लू के थपेड़े करीब छह किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलते रहे। बाहर निकलने वाले लोग सिर और चेहरे को कपड़े से ढककर निकलते नजर आए। गर्मी का असर इतना ज्यादा था कि आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया।
मौसम विभाग ने बांदा को घोषित किया रेड जोन
लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए मौसम विभाग ने बांदा जिले को रेड जोन में शामिल किया है। प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
अधिकारियों के मुताबिक पिछले दो दिनों से तापमान 47 डिग्री से ऊपर बना हुआ है। आने वाले दिनों में भी हीटवेव और तेज लू चलने की संभावना जताई गई है। जिला प्रशासन ने लोगों से दोपहर के समय बाहर न निकलने और जरूरी सावधानी बरतने की अपील की है।
हीटस्ट्रोक से बिगड़ी लोगों की हालत
भीषण गर्मी का असर लोगों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। लू लगने से एक व्यक्ति की मौत की खबर सामने आई है, जबकि करीब 12 लोगों को हीटस्ट्रोक की शिकायत के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों ने लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और धूप से बचने की सलाह दी है। अस्पतालों में भी गर्मी से प्रभावित मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।
1998 के बाद सबसे ज्यादा तापमान
कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के मौसम विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश शाह के अनुसार, इससे पहले वर्ष 1998 में 19 मई को बांदा का तापमान 49 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। इसके बाद अब 37 साल बाद तापमान 48.2 डिग्री दर्ज किया गया है। वहीं न्यूनतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
चित्रकूट में भी हीटवेव का असर
बांदा के साथ-साथ चित्रकूट में भी गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है। मंगलवार को वहां अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 29 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने 24 मई तक हीटवेव का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
भीषण गर्मी से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय
- नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें
- दोपहर में तेज धूप में बाहर निकलने से बचें
- बाहर जाते समय सिर और चेहरे को ढककर रखें
- हल्के रंग और सूती कपड़े पहनें
- तरबूज, खीरा, ककड़ी और खरबूजा जैसे फल खाएं
- तला-भुना भोजन कम करें
- चाय, कॉफी और कैफीन वाले पेय कम मात्रा में लें
- खाली पेट घर से बाहर निकलने से बचें
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