Weather Update: उत्तर भारत सहित देश की राजधानी दिल्ली इस समय भीषण गर्मी की मार झेल रही है। मई का आखिरी हफ्ता दिल्ली वासियों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। सूरज की तपिश और झुलसाने वाली लू (हीटवेव) ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, सोमवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की आशंका है। वहीं, न्यूनतम तापमान भी 29 से 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है, जिसका साफ मतलब है कि अब दिनों के साथ-साथ रातें भी बेहद गर्म होने वाली हैं।
आसमान से बरस रही आग
दिल्ली के कई इलाकों में सामान्य लू के साथ-साथ गंभीर लू (Severe Heat Wave) की स्थिति बन रही है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, आने वाले दिनों में आसमान पूरी तरह साफ रहेगा, जिससे धूप का सीधा असर धरती पर पड़ेगा। इसके अलावा, 15 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी हवाएं (पछुआ हवाएं) इस गर्मी को और ज्यादा असहनीय बना रही हैं। फिलहाल, राहत की कोई उम्मीद नहीं है और अगले कुछ दिनों तक बारिश की दूर-दूर तक कोई संभावना नहीं जताई गई है।
27 मई तक रेड अलर्ट
मौसम विभाग की ताजा चेतावनी के मुताबिक, 24 मई से 27 मई तक दिल्ली-एनसीआर में भीषण हीटवेव का दौर जारी रहेगा। इस दौरान तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे पारा 46 डिग्री के पार भी जा सकता है। 28 मई के बाद एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से दिल्ली और आसपास के इलाकों में धूल भरी आंधी चलने या हल्की बूंदाबांदी होने की उम्मीद है, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है। जहां तक मानसून का सवाल है, तो दिल्ली में जून के पहले सप्ताह के बाद ही इसके पहुंचने का अनुमान है।
आखिर क्यों सुलग रही है देश की राजधानी?
दिल्ली में अचानक बढ़ी इस जानलेवा गर्मी के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण काम कर रहे हैं:
राजस्थान की गर्म हवाएं: इन दिनों राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों से आने वाली बेहद शुष्क और गर्म हवाएं सीधे दिल्ली का रुख कर रही हैं।
कंक्रीट का जंगल और हरियाली की कमी: शहरीकरण के कारण दिल्ली में पेड़-पौधों की संख्या लगातार कम हुई है, जिससे कंक्रीट की इमारतें दिनभर गर्मी सोखती हैं और रात में उसे छोड़ती हैं।
वाहनों का भारी दबाव: दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर वाहनों का अत्यधिक दबाव और उनसे निकलने वाला धुआं इस गर्मी को और ज्यादा गंभीर बना रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की एडवायजरी
भीषण गर्मी और मानसून में हो रही देरी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों के लिए जरूरी गाइडलाइंस जारी की हैं:
दोपहर में निकलने से बचें: दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच, जब धूप सबसे तेज होती है, बेहद जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें।
हाइड्रेटेड रहें: शरीर में पानी की कमी न होने दें। दिनभर में अधिक से अधिक पानी पिएं और ओआरएस (ORS), नींबू पानी, छाछ या लस्सी का सेवन करें।
कमजोर वर्गों का रखें ख्याल: बुजुर्गों और बच्चों को बिना किसी ठोस वजह के घर से बाहर न जाने दें, क्योंकि उन पर हीटस्ट्रोक का खतरा सबसे ज्यादा होता है।
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