Weather Update: देश के कई हिस्सों में मॉनसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के अनेक राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश जनजीवन पर असर डाल रही है। कई क्षेत्रों में जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थितियां सामने आ रही हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 21 अगस्त को देश के बड़े हिस्से में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार सक्रिय मॉनसून ट्रफ के कारण कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं।
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उत्तर प्रदेश में बाढ़ जैसे हालात
उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश से हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान हुई तेज वर्षा के कारण कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। बताया जा रहा है कि 13 जिलों में करीब 80 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे नदी किनारे बसे इलाकों में चिंता बढ़ गई है।
प्रयागराज में सबसे अधिक असर देखा गया है, जबकि वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण कई घाटों तक पहुंच सीमित कर दी गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन दिनों तक प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है, जिससे लोगों को फिलहाल राहत मिलने की संभावना कम है।
दिल्ली-NCR में तीन दिन बारिश का अनुमान
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में भी मौसम ने करवट ले ली है। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में सुबह से ही बादलों का डेरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने क्षेत्र के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए गरज-चमक के साथ तेज बारिश की संभावना जताई है।
इसके अलावा 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति बनने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी सतर्कता
मध्य भारत के राज्यों में भी मॉनसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। लगातार हो रही वर्षा के कारण नदियां और नाले उफान पर हैं। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों के लोगों को सावधानी बरतने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग के कई जिलों में खराब मौसम को देखते हुए स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं छत्तीसगढ़ के रायपुर, सरगुजा और बस्तर संभाग में भी दिनभर तेज बारिश की संभावना जताई गई है। कई जिलों में जलभराव और बाढ़ जैसी परिस्थितियां बन रही हैं।
हिमाचल और उत्तराखंड में भूस्खलन का खतरा
पर्वतीय राज्यों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी मौसम की मार जारी है। दोनों राज्यों के कई क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। लगातार हो रही वर्षा के कारण भूस्खलन और सड़क अवरोध की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़, चमोली, बागेश्वर, चंपावत, नैनीताल, देहरादून और हरिद्वार समेत कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी है। वहीं हिमाचल प्रदेश के शिमला, मंडी, सोलन, हमीरपुर और बिलासपुर में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। राज्य में इस मॉनसून सीजन के दौरान अब तक 208 लोगों की जान जा चुकी है और करोड़ों रुपये की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।
अगले 24 घंटे बेहद अहम
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 24 घंटे कई राज्यों के लिए संवेदनशील साबित हो सकते हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे जलभराव वाले इलाकों, कमजोर इमारतों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें। पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने वाले पर्यटकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। साथ ही किसानों और आम नागरिकों को आकाशीय बिजली और तेज बारिश के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचने की हिदायत दी गई है। प्रशासन और मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहे हैं।
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