Kal Ka Mausam : भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और स्काईमेट के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, देश के अधिकांश राज्यों में अगले 48 घंटों के दौरान मौसम का मिजाज काफी आक्रामक रहने वाला है। मानसून की सक्रियता और विभिन्न क्षेत्रों में बने कम दबाव के चक्रवातों के चलते उत्तर से लेकर दक्षिण और पूरब से लेकर पश्चिम तक भारी मानसूनी गतिविधियां देखने को मिलेंगी। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और ओडिशा समेत कुल 26 राज्यों में झमाझम बारिश, तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है।
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मध्य प्रदेश और राजस्थान में मूसलाधार बारिश का तांडव
मध्य प्रदेश में भारी मानसूनी बारिश के कारण जन-जीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। भोपाल, डिंडोरी और कई अन्य जिलों में स्कूलों को बंद करने के आदेश दिए गए हैं। रायसेन का रामलीला मैदान पूरी तरह जलमग्न हो चुका है, जबकि सीहोर और श्यामपुर में नदियां और नाले उफान पर हैं। मौसम विभाग ने पश्चिमी मध्य प्रदेश के राजगढ़, विदिशा, सीहोर, हरदा और देवास जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है, जहां कुछ स्थानों पर 24 घंटों के भीतर आठ इंच तक बारिश होने की आशंका है।
इसके अलावा, राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय है। मौसम केंद्र के अनुसार, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र और चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के प्रभाव से राजस्थान के 7 जिलों में ऑरेंज और 24 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में 13 से 15 अगस्त के बीच भारी बारिश का दौर लगातार जारी रहने की उम्मीद है।
पहाड़ी राज्यों (उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर) में लैंडस्लाइड का खतरा
पर्वतीय राज्यों में मौसम की मार सबसे अधिक देखने को मिल सकती है। आईएमडी ने मंगलवार, बुधवार और गुरुवार तक जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार, बागेश्वर और नैनीताल जैसे जिलों के लिए अगले 24 से 48 घंटों हेतु ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। लगातार और भारी बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (Landslide) और नदियों-नालों में अचानक बाढ़ आने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है, जिससे स्थानीय प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
ओडिशा और छत्तीसगढ़ में नदियां उफान पर, बांध के फाटक खुले
ओडिशा में कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है, जिससे वैतरणी, सालंदी, काणी और महानदी जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। बालासोर, भद्रक, केंद्रपाड़ा और जाजपुर जिलों के कई निचले इलाके जलमग्न हो चुके हैं। छत्तीसगढ़ के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के चलते हीराकुड बांध के जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त फाटक (वर्तमान में 12 गेट) खोलने पड़े हैं।
दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम रहेगा खराब
दक्षिण भारत के राज्यों में मानसूनी बारिश का कहर जारी है। केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में मध्यम से भारी वर्षा का अनुमान है। तमिलनाडु के पश्चिमी घाट और उत्तरी तटीय जिलों में 12 और 13 अगस्त को बारिश की गतिविधियां सबसे अधिक तेज रहने की संभावना है। उधर, पूर्वोत्तर भारत के असम, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, नागालैंड, मेघालय, पश्चिम बंगाल के साथ-साथ महाराष्ट्र और गुजरात के अधिकांश हिस्सों में भी भारी वर्षा के कारण बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
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