पहली मुलाकात में दिखी गर्मजोशी: सम्राट और नीतीश साथ आए नजर

पटना. बिहार की राजनीति में हलचल के बीच पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को देशरत्न मार्ग स्थित सरकारी आवास पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की। यह मुलाकात करीब 20 मिनट तक चली, जिसमें देश और राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और सरकार के कामकाज पर चर्चा हुई। दोनों ड‍िप्‍टी सीएम से भी मुलाकात  15 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद यह पहली बार है जब सम्राट चौधरी और नीतीश कुमार आमने-सामने मिले। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र यादव से भी बातचीत हुई। मुख्यमंत्री आवास पर हुई इस मुलाकात की तस्वीरें सम्राट चौधरी

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Published On :

अप्रैल 18, 2026

पटना.

बिहार की राजनीति में हलचल के बीच पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को देशरत्न मार्ग स्थित सरकारी आवास पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की। यह मुलाकात करीब 20 मिनट तक चली, जिसमें देश और राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और सरकार के कामकाज पर चर्चा हुई।

दोनों ड‍िप्‍टी सीएम से भी मुलाकात 
15 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद यह पहली बार है जब सम्राट चौधरी और नीतीश कुमार आमने-सामने मिले। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र यादव से भी बातचीत हुई। मुख्यमंत्री आवास पर हुई इस मुलाकात की तस्वीरें सम्राट चौधरी ने अपने आधिकारिक X (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर साझा कीं। तस्वीरों में नीतीश कुमार सहज और प्रसन्न नजर आए। यहां तक कि उन्होंने सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखकर आत्मीयता भी दिखाई। सम्राट चौधरी ने पोस्ट में लिखा कि उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री से मार्गदर्शन प्राप्त किया।

शराबबंदी पर सरकार का सख्त रुख बरकरार
मुलाकात के बीच राज्य की शराबबंदी नीति भी चर्चा के केंद्र में रही। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि बिहार में शराबबंदी कानून सख्ती से जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह फैसला पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सोच का हिस्सा है और प्रधानमंत्री Narendra Modi भी इस पहल की सराहना कर चुके हैं।

अनंत सिंह समेत कई नेताओं ने उठाए सवाल
इधर, मोकामा से जदयू विधायक Anant Singh लगातार शराबबंदी खत्म करने की मांग उठा रहे हैं। उनका तर्क है कि प्रतिबंध के बावजूद लोग शराब का सेवन कर रहे हैं। और इसके स्थान पर अन्य खतरनाक नशे की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे समाज पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। कई अन्य नेताओं ने भी इस मुद्दे पर सवाल उठाए हैं, जिससे राज्य में शराबबंदी को लेकर बहस तेज हो गई है।

संदेश साफ: फिलहाल नहीं बदलेगी नीति
इन तमाम चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री का बयान यह संकेत देता है कि बिहार में फिलहाल शराबबंदी कानून में किसी तरह की ढील या बदलाव की संभावना नहीं है। सरकार इस नीति को जारी रखने के पक्ष में मजबूती से खड़ी नजर आ रही है।

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