लखनपुर में शाला प्रवेश उत्सव में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत

रायपुर  पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रीराजेश अग्रवाल आज लखनपुर में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का पुष्प एवं तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया तथा उन्हें अध्ययन सामग्री प्रदान कर नए शैक्षणिक जीवन की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी अतिथियों का स्वागत किया, जिससे पूरा वातावरण उत्साह और उल्लास से भर गया। अपने संबोधन में मंत्रीराजेश अग्रवाल ने विद्यार्थियों के साथ अपने विद्यार्थी जीवन की स्मृतियां साझा करते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। नियमित अध्ययन, अनुशासन, शिक्षकों का

Wrriten By :

Editor

Published On :

जून 25, 2026

रायपुर 

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रीराजेश अग्रवाल आज लखनपुर में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का पुष्प एवं तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया तथा उन्हें अध्ययन सामग्री प्रदान कर नए शैक्षणिक जीवन की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी अतिथियों का स्वागत किया, जिससे पूरा वातावरण उत्साह और उल्लास से भर गया।

अपने संबोधन में मंत्रीराजेश अग्रवाल ने विद्यार्थियों के साथ अपने विद्यार्थी जीवन की स्मृतियां साझा करते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। नियमित अध्ययन, अनुशासन, शिक्षकों का सम्मान और माता-पिता का आशीर्वाद ही जीवन में आगे बढ़ने का सबसे मजबूत मार्ग है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को बड़े सपने देखने चाहिए और उन्हें साकार करने के लिए पूरी निष्ठा एवं लगन से प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल के वैज्ञानिक, चिकित्सक, शिक्षक, प्रशासक और जनप्रतिनिधि बनकर देश एवं समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रीराजेश अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा, ज्ञान और संस्कार ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं। यही तीनों किसी भी विद्यार्थी की सफलता का मजबूत आधार बनते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर अध्ययन करने, अनुशासन का पालन करने, अपने लक्ष्य स्पष्ट रखने तथा निरंतर मेहनत के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

उन्होंने शिक्षकों का आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों एवं संस्कारों का भी विकास करें, जबकि अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई में निरंतर सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा प्राप्त करने का स्थान नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण पाठशाला है।

मंत्रीअग्रवाल ने सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को नवीन शैक्षणिक सत्र की शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि सभी विद्यार्थी पूरे मनोयोग से अध्ययन कर अपने विद्यालय, परिवार, क्षेत्र और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। कार्यक्रम में लुण्ड्रा विधायकप्रबोध मिंज, शिक्षकगण, अभिभावक, बड़ी संख्या में विद्यार्थी तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, नवप्रवेशी विद्यार्थियों के सम्मान और सामूहिक सहभागिता ने शाला प्रवेश उत्सव को उत्साहपूर्ण बना दिया।