UP Politics: आकाश आनंद पर अखिलेश का बड़ा बयान, सपा में एंट्री पर क्या बोले?

मायावती के BSP से निष्कासन के बाद आकाश आनंद को लेकर यूपी की सियासत गरमा गई है। अखिलेश यादव ने सपा में उनकी एंट्री के सवाल पर ऐसा जवाब दिया, जिससे नई राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई। वहीं, मायावती के फैसले और ईशान आनंद को मिली जिम्मेदारी ने BSP के भीतर नेतृत्व की बहस तेज कर दी है।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

सितम्बर 10, 2026

UP Politics: बहुजन समाज पार्टी से निष्कासित आकाश आनंद को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत में चर्चाएं तेज हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आकाश आनंद से जुड़े सवाल पर बीजेपी और दूसरे राजनीतिक दलों पर निशाना साधा है। अखिलेश यादव ने साफ कहा कि आकाश आनंद को लेकर समाजवादी पार्टी जो भी फैसला करेगी, वह उसका अपना निर्णय होगा। दूसरे दलों को इस मामले में अनावश्यक टिप्पणी करने की जरूरत नहीं है।

क्या आकाश आनंद को सपा में जगह देंगे अखिलेश यादव?

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मायावती के एक्शन के बाद आकाश आनंद पर अखिलेश का बड़ा बयान

बताते चले कि, अखिलेश यादव से जब पूछा गया कि अगर आकाश आनंद समाजवादी पार्टी में शामिल होना चाहें तो क्या उन्हें पार्टी में लिया जाएगा, तो सपा प्रमुख ने अपने अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा, “अगर तुम आकाश आनंद को लेकर आओगे तो ले लेंगे। इनकी इच्छा है लेकर आएं, हम ले लेंगे फिर।” अखिलेश यादव के इस बयान को आकाश आनंद के सियासी भविष्य से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, उनके बयान से यह साफ नहीं हुआ है कि आकाश आनंद की सपा में एंट्री को लेकर पार्टी स्तर पर कोई औपचारिक बातचीत चल रही है या नहीं।

अखिलेश यादव ने संत की भाषा का भी किया जिक्र

अखिलेश यादव ने अपने जवाब के दौरान संत की भाषा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि संत की भाषा ऐसी हो सकती है। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर संत की भाषा देखनी है तो एएनआई को देखा जा सकता है। अखिलेश यादव का यह बयान अब यूपी की सियासत में चर्चा का विषय बना हुआ है।

मायावती ने आकाश आनंद को BSP से किया निष्कासित

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दरअसल, बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से पूरी तरह बाहर कर दिया है। मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इस कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब आकाश आनंद का बहुजन समाज पार्टी से कोई संबंध नहीं रहेगा।मायावती का यह फैसला उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सामने आया है। ऐसे में इसे BSP के भीतर चल रहे राजनीतिक विवाद और संगठनात्मक बदलाव से जोड़कर देखा जा रहा है।

आकाश आनंद की राजनीतिक सोच और निष्ठा पर मायावती के सवाल

मायावती ने आकाश आनंद की राजनीतिक सोच और पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आकाश आनंद पार्टी और बहुजन आंदोलन के हितों की तुलना में निजी रिश्तों और पारिवारिक मोह को ज्यादा महत्व दे रहे थे।मायावती ने आकाश आनंद पर ‘डबल माइंड’ होकर काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि BSP की राजनीति त्याग, संघर्ष और बहुजन आंदोलन के प्रति समर्पण पर आधारित है। उनके मुताबिक निजी और पारिवारिक हितों से ऊपर पार्टी के उद्देश्य को रखना जरूरी है।

अशोक सिद्धार्थ विवाद के बीच आकाश आनंद पर कार्रवाई

इस पूरे घटनाक्रम में आकाश आनंद के ससुर और पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ का नाम भी प्रमुखता से सामने आया। मायावती ने आकाश आनंद के राजनीतिक भविष्य को देखते हुए अशोक सिद्धार्थ से राजनीति से संन्यास लेने के लिए कहा था।इसके बाद अशोक सिद्धार्थ ने गुरुवार सुबह राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया। हालांकि, मायावती ने उनके इस फैसले को ‘देर से उठाया गया कदम’ बताया। इसके बाद आकाश आनंद के खिलाफ पार्टी की कार्रवाई और भी चर्चा में आ गई।

ईशान आनंद को मिली अहम संगठनात्मक जिम्मेदारी

आकाश आनंद के खिलाफ कार्रवाई के बीच मायावती ने उनके छोटे भाई ईशान आनंद को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है। ईशान आनंद को उत्तर भारत का चीफ सेक्टर कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया है।खास बात यह भी रही कि ईशान आनंद ने मायावती की ओर से आकाश आनंद के खिलाफ की गई कार्रवाई से जुड़ी पोस्ट को रीपोस्ट किया। इससे BSP के भीतर नेतृत्व को लेकर चल रही चर्चाओं को और हवा मिली है।

UP Election 2027 से पहले BSP में नेतृत्व की नई चर्चा

आकाश आनंद को BSP से बाहर किए जाने और ईशान आनंद को अहम संगठनात्मक जिम्मेदारी दिए जाने के बाद पार्टी के नेतृत्व और भविष्य की रणनीति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले मायावती के इन फैसलों को BSP के संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।

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वहीं, अखिलेश यादव के आकाश आनंद को लेकर दिए गए बयान ने इस पूरे मामले को सपा और BSP की सियासत से जोड़ दिया है। हालांकि, फिलहाल आकाश आनंद के समाजवादी पार्टी या किसी अन्य राजनीतिक दल में शामिल होने को लेकर कोई आधिकारिक जान