मिडिल ईस्ट में युद्ध जैसे हालात! ईरान ने बहरीन, कुवैत और होर्मुज में खोला मोर्चा, दुनिया की बढ़ी चिंता

तेहरान  अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव एक बार फिर खुली सैन्य भिड़ंत में बदलता दिखाई दे रहा है. अमेरिका के ताजा हमलों के बाद ईरान ने दावा किया कि उसने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं. इसके अलावा होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की कोशिश कर रहे दो तेल टैंकरों को भी निशाना बनाया गया. इन घटनाओं के बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ऐलान किया कि होर्मुज स्ट्रेट को "अगले आदेश तक" बंद कर दिया गया है।  IRGC के मुताबिक, गुरुवार तड़के कुवैत के अली अल सलेम और

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Published On :

जून 11, 2026

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तेहरान 

अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव एक बार फिर खुली सैन्य भिड़ंत में बदलता दिखाई दे रहा है. अमेरिका के ताजा हमलों के बाद ईरान ने दावा किया कि उसने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं. इसके अलावा होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की कोशिश कर रहे दो तेल टैंकरों को भी निशाना बनाया गया. इन घटनाओं के बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ऐलान किया कि होर्मुज स्ट्रेट को "अगले आदेश तक" बंद कर दिया गया है। 

IRGC के मुताबिक, गुरुवार तड़के कुवैत के अली अल सलेम और अहमद अल-जाबेर एयर बेस पर ड्रोन हमले किए गए. इनके अलावा बहरीन में शेख ईसा एयरबेस को निशाना बनाया गया. संगठन का दावा है कि ये कार्रवाई अमेरिका द्वारा ईरान के भीतर किए गए नए सैन्य हमलों के जवाब में की गई है और अमेरिका के 18 प्रमुख सैन्य संपत्तियों को तबाह कर दिया है. ईरान ने यह भी कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से "अवैध रूप से" गुजरने की कोशिश कर रहे दो तेल टैंकरों पर भी हमले किए गए हैं। 

ईरानी सेना ने अमेरिका पर अप्रैल में हुए युद्धविराम के उल्लंघन का आरोप लगाया है. उसका कहना है कि अमेरिकी सेना लगातार ईरान के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई कर रही है, जिसके कारण जवाबी कदम उठाने पड़े. IRGC ने साफ चेतावनी दी कि होर्मुज से गुजरने वाला हर तरह का समुद्री यातायात अब प्रभावित होगा। 

बहरीन में ईरानी हमलों का टारगेट फिफ्थ फ्लीट
IRGC ने दावा किया कि आर्मी के ड्रोन हमलों की इस लहर में, फिफ्थ फ्लीट के पैट्रियट सिस्टम के कम्युनिकेशन एंटीना और रडार इंस्टॉलेशन को निशाना बनाया गया है. ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, जॉर्डन में स्थित अल-अजराक एयर बेस और मुवाफ्फाक सल्ती एयर बेस पर जोरदार विस्फोटों की खबर सामने आई है. ये दोनों सैन्य ठिकाने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य कर्मियों की मौजूदगी और अमेरिकी अभियानों के समर्थन के लिए जाने जाते हैं. हालांकि विस्फोटों की वजह और नुकसान की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। 

दूसरी तरफ अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर ईरान के भीतर कई ठिकानों पर हमले किए गए. अमेरिका का कहना है कि ये हमले ईरान की "लगातार और अनुचित आक्रामकता" के जवाब में किए गए हैं। 

अमेरिका के ताजा हमले का कहां-कहां हुआ असर?
ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, अमेरिकी हमलों के बाद केशम द्वीप, बंदर अब्बास, सीरिक और करगान जैसे इलाकों में जोरदार विस्फोट हुए. दक्षिणी शहर करगान में हुए धमाकों में कम से कम दो लोगों के घायल होने की भी खबर है. इससे पहले बीते दिन अमेरिका ने केशम द्वीप, सीरिक, जास्क और बंदर अब्बास के आसपास सैन्य ठिकानों, रडार और सर्विलांस सिस्टम को निशाना बनाया था। 

होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी हेलीकॉप्टर मार गिराया गया
यह पूरी घटना उस घटना के बाद सामने आई है जिसमें होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर एक अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर मार गिराया गया था. इसके बाद दोनों देशों के बीच लगातार जवाबी हमले हो रहे हैं. बुधवार को ईरान ने बहरीन में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट, कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस और जॉर्डन के अज्राक एयर बेस को निशाना बनाने का दावा किया था। 

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर शांति वार्ता को जानबूझकर लंबा खींचने का आरोप लगाया है. ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका ईरान पर "बहुत कड़ा प्रहार" करेगा. जवाब में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि देश किसी भी दबाव या धमकी के सामने झुकने वाला नहीं है और अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए हर कदम उठाएगा। 

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