MP में अनोखा गोवर्धन पर्वत तैयार, 100 टन गोबर से बनेगी 25 फीट ऊंची आकृति; महू में होगा आयोजन

महू  आशापुरा में विकसित हो रही कामधेनु गोशाला में इस बार गोवर्धन पूजा पर विशेष आयोजन होगा। यहां 100 टन गोबर से 25 फीट ऊंचा गोवर्धन पर्वत तैयार किया जा रहा है। गाेवर्धन पूजन के दिन 9 नवंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव यहां पहुंचकर गोवर्धन पर्वत और गोमाता का पूजन करेंगे। इसके साथ ही गोशाला का लोकार्पण कर परिसर का भ्रमण करेंगे और मंच से उद्बोधन देंगे। मुख्यमंत्री द्वारा गोवंश को चारा खिलाने और 56 भोग अर्पित करने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। करीब 26 हेक्टेयर में विकसित यह गोशाला क्षेत्रफल के लिहाज से प्रदेश की सबसे बड़ी गोशालाओं

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नवम्बर 7, 2026

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महू 
आशापुरा में विकसित हो रही कामधेनु गोशाला में इस बार गोवर्धन पूजा पर विशेष आयोजन होगा। यहां 100 टन गोबर से 25 फीट ऊंचा गोवर्धन पर्वत तैयार किया जा रहा है। गाेवर्धन पूजन के दिन 9 नवंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव यहां पहुंचकर गोवर्धन पर्वत और गोमाता का पूजन करेंगे।

इसके साथ ही गोशाला का लोकार्पण कर परिसर का भ्रमण करेंगे और मंच से उद्बोधन देंगे। मुख्यमंत्री द्वारा गोवंश को चारा खिलाने और 56 भोग अर्पित करने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। करीब 26 हेक्टेयर में विकसित यह गोशाला क्षेत्रफल के लिहाज से प्रदेश की सबसे बड़ी गोशालाओं में से एक होगी। शुक्रवार को प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने यहां पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया।

10 हजार गोवंश रखने का लक्ष्य
गौशाला में प्रथम चरण में दो हजार गोवंश के रहने, खाने-पीने और देखभाल के लिए शेड सहित आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। फिलहाल यहां करीब 700 गोवंश हैं। आगामी चरणों में क्षमता बढ़ाकर 10 हजार गोवंश तक करने की योजना है। इसका उद्देश्य इंदौर शहर की सड़कों पर घूमने वाले और शहर से हटाए जाने वाले गोवंश को व्यवस्थित आश्रय देना है।

बीमार गोवंश के लिए 80×70 फीट का आईसीयू
स्वामी अच्युतानंद महाराज ने बताया कि यह प्रदेश की पहली ऐसी गोशाला है, जो सामाजिक जागरूकता और सहभागिता से तैयार हुई है। इसके निर्माण में पूर्व कलेक्टर आशीष सिंह और वर्तमान कलेक्टर शिवम वर्मा का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। परिसर में करीब तीन हजार पौधे लगाए हैं। लगभग दो बीघा क्षेत्र में तालाब विकसित करने की योजना है। वहीं, बीमार और गंभीर रूप से घायल गोवंश के उपचार के लिए 80×70 फीट का आईसीयू वार्ड भी बनाया जा रहा है।

नर्मदा कनेक्शन बाकी, बायो सीएनजी प्लांट भी होगा स्थापित
शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे कलेक्टर शिवम वर्मा, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, जिपं सीईओ हिमांशु प्रजापति, पाथ इंडिया कंपनी के नितिन अग्रवाल, पं. कपिल शर्मा ने निरीक्षण किया। इस दौरान स्वामी अच्युतानंद महाराज ने पानी की समस्या बताई।

वर्षा से पहले अपने खर्च पर लगाए सैकड़ों पौधों में से कई कम वर्षा और सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलने से मुरझा गए। गोशाला में पानी की लाइन बिछ चुकी है, लेकिन नर्मदा पाइप लाइन से कनेक्शन जुड़ना बाकी है। उन्होंने जल्द कनेक्शन जोड़कर नियमित जलापूर्ति शुरू कराने की मांग की। निरीक्षण के दौरान महापौर ने स्वयं ट्रैक्टर चलाकर परिसर का जायजा लिया।

बनाएंगे गोबर से सीएनजी तैयार करने का प्लांट
गोशाला को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गोबर से बायो सीएनजी तैयार करने और उसका उपयोग व विक्रय करने के उद्देश्य से प्लांट स्थापित करने की योजना है। इससे आय का स्रोत विकसित होगा। शादी-विवाह, सांस्कृतिक, मांगलिक और धार्मिक आयोजनों के लिए अलग शेड भी प्रस्तावित हैं। पाथ इंडिया की ओर से भी एक शेड बनाया जा रहा है। परिसर में गहरीकरण का काम पूरा हो चुका है और अब सुंदरीकरण किया जाएगा।

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